13/12/2025
बहराइच हिंसा मे सजा पाने वाले परिवार वालो की महिलाओं का दर्द सुनिए , जिस दिन मेरे पिताजी नेपाल गए थे उस दिन ये हिंसा हुई जबकि हमारा मकान हिंसा वाले क्षेत्र से 10 किलोमीटर दूर है , जानबूझकर हमारे परिवार के लोगों को फंसाया गया है , हम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं है ,ओर हमारे भाई और बाप को जानबूझकर फसाया गया कि इलाके में प्रधानी की वजह से हमारे परिवार को फसाया गया ओर हमारे साथ नाइंसाफी हुई क्योंकि हमारे परिवार वाले लोग बाग थोड़े एक्टिव रहते थे इसलिए उनके सबसे पहले फसाया गया ओर हम सरकार से अपील करना चाहते है कि हमें इंसाफ मिले और पुलिस प्रशासन अच्छे से इन्वेस्टिगेशन करे कि मेरे बाप ओर भाई उस दिन गांव में थे ही नहीं जबकि वो तो नेपाल गए हुए थे पोस्ट शेयर करते रहे हैं ताकि सभी भाइयों को इंसाफ मिले सके इस परिवार को आपके पेसो की जरूरत नहीं बल्कि आपकी आवाज की जरूरत है।