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नुसरत फ़तेह अली ख़ान पाकिस्तान के महानतम गायकों और क़व्वाली के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 13 ...
18/08/2026

नुसरत फ़तेह अली ख़ान पाकिस्तान के महानतम गायकों और क़व्वाली के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1948 को फ़ैसलाबाद, पाकिस्तान में हुआ था। वे प्रसिद्ध क़व्वाल परिवार से ताल्लुक रखते थे और उनके पिता उस्ताद फ़तेह अली ख़ान भी जाने-माने क़व्वाल थे। पिता के निधन के बाद नुसरत ने क़व्वाली की जिम्मेदारी संभाली और अपनी अद्भुत आवाज़ से इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
नुसरत फ़तेह अली ख़ान ने पारंपरिक क़व्वाली को आधुनिक संगीत के साथ जोड़कर दुनिया भर के श्रोताओं तक पहुँचाया। उनकी आवाज़ में गहराई, ऊँचे सुरों पर नियंत्रण और लंबे समय तक गायन करने की असाधारण क्षमता थी। उन्हें प्यार से “शाहंशाह-ए-क़व्वाली” भी कहा जाता है।
उन्होंने पाकिस्तान के साथ-साथ भारत, ब्रिटेन और अन्य देशों में भी अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। फ़िल्मी संगीत और अंतरराष्ट्रीय संगीत परियोजनाओं में उनके योगदान ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया।
16 अगस्त 1997 को लंदन में उनका निधन हुआ। हालांकि वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज़ और क़व्वाली की विरासत आज भी पूरी दुनिया में संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित है।

फवाद खान पाकिस्तान के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक और मॉडल हैं। उनका जन्म 29 नवंबर 1981 को कराची, पाकिस्तान में हुआ था। उन्हों...
18/08/2026

फवाद खान पाकिस्तान के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक और मॉडल हैं। उनका जन्म 29 नवंबर 1981 को कराची, पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत संगीत और मॉडलिंग से की तथा बाद में टेलीविजन और फिल्मों में अभिनय के क्षेत्र में पहचान बनाई। वर्ष 2001 में उन्होंने बैंड “एंटिटी पैराडाइम” के माध्यम से संगीत की दुनिया में कदम रखा। अभिनय में उन्हें खास पहचान पाकिस्तानी धारावाहिक “हमसफर” से मिली, जिसमें उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद “जिंदगी गुलजार है”, “दास्तान” और “कभी मैं कभी तुम” जैसे धारावाहिकों ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
फवाद खान ने पाकिस्तानी फिल्मों के साथ बॉलीवुड में भी काम किया। फिल्म “खूबसूरत” में उनके अभिनय को भारतीय दर्शकों ने काफी पसंद किया। इसके बाद वे “कपूर एंड सन्स” और “ऐ दिल है मुश्किल” जैसी फिल्मों में भी नजर आए। उनकी शानदार अभिनय क्षमता, आकर्षक व्यक्तित्व और शांत स्वभाव ने उन्हें भारत और पाकिस्तान दोनों जगह लोकप्रिय बनाया।
फवाद खान ने 12 नवंबर 2005 को सदफ फवाद खान से विवाह किया। सदफ पेशे से फैशन डिजाइनर और उद्यमी हैं। इस दंपति के तीन बच्चे हैं—बेटा अयान खान तथा बेटियां एलायना फवाद खान और बिया फवाद खान। फवाद अपने निजी जीवन को काफी हद तक मीडिया से दूर रखना पसंद करते हैं।
अभिनय के अलावा वे सामाजिक कार्यों और फैशन से भी जुड़े रहे हैं। उनकी लोकप्रियता आज भी पाकिस्तान के साथ-साथ भारत और दुनिया के अन्य देशों में कायम है।

आर. वेंकटरमण भारत के 8वें राष्ट्रपति थे। उनका पूरा नाम रामास्वामी वेंकटरमण था। उनका जन्म 4 दिसंबर 1910 को तमिलनाडु के रा...
18/08/2026

आर. वेंकटरमण भारत के 8वें राष्ट्रपति थे। उनका पूरा नाम रामास्वामी वेंकटरमण था। उनका जन्म 4 दिसंबर 1910 को तमिलनाडु के राजामदम में हुआ था। उन्होंने अर्थशास्त्र की पढ़ाई के बाद कानून की शिक्षा प्राप्त की और 1935 में मद्रास उच्च न्यायालय में वकालत शुरू की।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वे भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में शामिल हुए और इसके लिए उन्हें लगभग दो वर्ष तक हिरासत में रखा गया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और मद्रास सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे लोकसभा के सदस्य रहे तथा केंद्र में वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री के पद पर भी कार्य किया।
वर्ष 1984 में वे भारत के उपराष्ट्रपति बने और 25 जुलाई 1987 को देश के 8वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उनका राष्ट्रपति कार्यकाल 25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 तक रहा।
उनका विवाह श्रीमती जानकी वेंकटरमण से हुआ था और उनके तीन बेटियाँ थीं। उनकी सबसे बड़ी बेटी पद्मा वेंकटरमण सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं।
आर. वेंकटरमण का निधन 27 जनवरी 2009 को हुआ। भारतीय राजनीति, स्वतंत्रता आंदोलन और संवैधानिक व्यवस्था में उनके योगदान को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

डॉ. शंकर दयाल शर्मा भारत के 9वें राष्ट्रपति थे और उन्होंने 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक इस पद पर कार्य किया। उनका ज...
18/08/2026

डॉ. शंकर दयाल शर्मा भारत के 9वें राष्ट्रपति थे और उन्होंने 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक इस पद पर कार्य किया। उनका जन्म 19 अगस्त 1918 को भोपाल में हुआ था। उनके पिता पंडित खुशीलाल शर्मा थे। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद कानून के क्षेत्र में अध्ययन किया और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से कानून में पीएचडी की।
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े डॉ. शर्मा ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। वे भोपाल राज्य के मुख्यमंत्री रहे और बाद में मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। 1971 में वे लोकसभा के लिए चुने गए तथा 1974 से 1977 तक केंद्रीय संचार मंत्री रहे। इसके बाद उन्होंने कई राज्यों के राज्यपाल के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
3 सितंबर 1987 से 24 जुलाई 1992 तक वे भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति रहे। इसके बाद 1992 में वे राष्ट्रपति निर्वाचित हुए। राष्ट्रपति के रूप में वे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय मर्यादाओं के प्रति अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते थे
उनकी पत्नी श्रीमती विमला शर्मा थीं और उनके दो पुत्र तथा दो पुत्रियाँ थीं।
डॉ. शंकर दयाल शर्मा का निधन 26 दिसंबर 1999 को हुआ। उनका जीवन विद्वता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की प्रेरणादायक मिसाल है।

देव आनंद केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्माता, निर्देशक और लेखक भी थे। उन्होंने Navketan Films के माध्यम से कई फिल्मों क...
18/08/2026

देव आनंद केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्माता, निर्देशक और लेखक भी थे। उन्होंने Navketan Films के माध्यम से कई फिल्मों का निर्माण किया। उनका फिल्मी सफर 1946 से 2011 तक लगभग 65 वर्षों का रहा। उनकी पत्नी कल्पना कार्तिक थीं और उनके दो बच्चे थे।
भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2002 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
देव आनंद का निधन 3 दिसंबर 2011 को 88 वर्ष की आयु में लंदन में हुआ। अपने अनोखे अंदाज़, मुस्कान और अभिनय के कारण वे आज भी “Evergreen Star” के नाम से याद किए जाते हैं।

शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं और स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक थे...
17/08/2026

शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं और स्वतंत्रता आंदोलन के सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक थे। उनका जन्म 17 मार्च 1920 को बंगाल प्रेसीडेंसी के टुंगीपाड़ा में हुआ था। वे आगे चलकर बांग्लादेश के संस्थापक नेताओं में शामिल हुए और उन्हें आमतौर पर “बंगबंधु” के नाम से सम्मानित किया जाता है। उन्होंने अवामी लीग के नेतृत्व में पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया।
1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान उनके नेतृत्व और राजनीतिक भूमिका का विशेष महत्व रहा। स्वतंत्र बांग्लादेश बनने के बाद वे देश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री के पद पर भी रहे। उनकी राजनीतिक विचारधारा का मुख्य आधार बंगाली राष्ट्रवाद और लोगों के अधिकारों की रक्षा था।
शेख मुजीबुर रहमान का विवाह शेख फजीलातुन्नेसा मुजीब से हुआ था। उनके परिवार में पाँच संतानें थीं—शेख हसीना, शेख कमाल, शेख जमाल, शेख रेहाना और शेख रसेल। उनकी बेटी शेख हसीना बाद में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं।
15 अगस्त 1975 को एक सैन्य तख्तापलट के दौरान शेख मुजीबुर रहमान और उनके परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई। इस घटना ने बांग्लादेश के इतिहास और राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला। आज भी शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश के इतिहास में एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय नेता के रूप में याद किया जाता है।

तब्बू हिंदी सिनेमा की जानी-मानी और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनका पूरा नाम तबस्सुम हाशमी है और उनका जन्म 4...
17/08/2026

तब्बू हिंदी सिनेमा की जानी-मानी और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनका पूरा नाम तबस्सुम हाशमी है और उनका जन्म 4 नवंबर 1970 को हैदराबाद में हुआ था। वह प्रसिद्ध अभिनेत्री शबाना आज़मी की भांजी हैं। उनकी बहन फराह नाज़ भी अपने समय की चर्चित अभिनेत्री रही हैं।
तब्बू ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में की थी और बाद में मुख्य अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाई। वर्ष 1985 में आई फिल्म ‘हम नौजवान’ में उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, मलयालम और अंग्रेज़ी फिल्मों में भी काम किया।
तब्बू को उनकी गंभीर, चुनौतीपूर्ण और विविध भूमिकाओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। ‘माचिस’, ‘चांदनी बार’, ‘मकबूल’, ‘चीनी कम’, ‘हैदर’, ‘दृश्यम’, ‘अंधाधुन’ और ‘भूल भुलैया 2’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। ‘चांदनी बार’ और ‘मकबूल’ जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
तब्बू को उनके शानदार अभिनय के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर पुरस्कार और अन्य प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। वर्ष 2011 में उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया।
तब्बू ने अपने अभिनय में ग्लैमर के साथ-साथ मजबूत और संवेदनशील किरदारों को प्राथमिकता दी है। यही कारण है कि वह भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं।

ऋतिक रोशन हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं। उनका जन्म 10 जनवरी 1974 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। वे ...
17/08/2026

ऋतिक रोशन हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक हैं। उनका जन्म 10 जनवरी 1974 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। वे प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और निर्माता राकेश रोशन तथा पिंकी रोशन के पुत्र हैं। उनके दादा रोशन लाल नागरथ हिंदी फिल्म जगत के प्रसिद्ध संगीतकार थे। इस तरह ऋतिक का परिवार कई दशकों से भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़ा हुआ है।
ऋतिक रोशन ने बाल कलाकार के रूप में भी फिल्मों में काम किया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेता उनकी शुरुआत वर्ष 2000 में फिल्म ‘कहो ना... प्यार है’ से हुई। यह फिल्म बेहद सफल रही और ऋतिक रातों-रात बॉलीवुड के लोकप्रिय सितारे बन गए। इसके बाद उन्होंने ‘कोई... मिल गया’, ‘कृष’, ‘धूम 2’, ‘जोधा अकबर’, ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’, ‘अग्निपथ’, ‘बैंग बैंग!’ और ‘वॉर’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।
ऋतिक को अभिनय के साथ-साथ बेहतरीन डांस और फिटनेस के लिए भी जाना जाता है। उनकी फिल्म ‘कोई... मिल गया’ और ‘कृष’ ने उन्हें सुपरहीरो की पहचान दिलाई। ‘जोधा अकबर’ में उनके अभिनय को भी काफी सराहना मिली। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
ऋतिक ने वर्ष 2000 में सुज़ैन खान से विवाह किया था। दोनों के दो बेटे हैं—रेहान और ह्रिदान। वर्ष 2014 में दोनों का तलाक हो गया। ऋतिक की बहन सुनैना रोशन भी रोशन परिवार का हिस्सा हैं। आज ऋतिक रोशन बॉलीवुड के सफल और चर्चित अभिनेताओं में गिने जाते हैं।

खालिदा जिया बांग्लादेश की प्रमुख राजनेताओं में से एक थीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उनका जन्म 15 अगस्त 1945...
17/08/2026

खालिदा जिया बांग्लादेश की प्रमुख राजनेताओं में से एक थीं और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उनका जन्म 15 अगस्त 1945 को जलपाईगुड़ी क्षेत्र में हुआ था। उनके पिता इस्कंदर मजूमदार व्यवसायी और माता तैयबा मजूमदार थीं। वर्ष 1960 में उनका विवाह सैन्य अधिकारी जियाउर रहमान से हुआ, जो बाद में बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने।
पति की 1981 में हत्या के बाद खालिदा जिया ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख नेता बनीं। 1991 के आम चुनाव में BNP की जीत के बाद उन्होंने 20 मार्च 1991 को प्रधानमंत्री पद संभाला और बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। उनका पहला कार्यकाल 1996 तक रहा। 2001 के आम चुनाव में BNP के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत के बाद वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बनीं और 2006 तक पद पर रहीं।
उनके शासनकाल में शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, आर्थिक विकास और विदेशी निवेश जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया गया। हालांकि, उनके राजनीतिक जीवन में भ्रष्टाचार के आरोप, विपक्ष के साथ तीखा संघर्ष और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसे विवाद भी जुड़े रहे। वह लंबे समय तक शेख हसीना की प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहीं।
खालिदा जिया का पारिवारिक जीवन भी राजनीतिक विरासत से जुड़ा रहा। उनके दो पुत्र तारिक रहमान और अराफात रहमान कोको थे। तारिक रहमान बाद में BNP के प्रमुख नेता बने। खालिदा जिया का निधन 30 दिसंबर 2025 को ढाका में 80 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जीवन बांग्लादेश की लोकतांत्रिक राजनीति, महिला नेतृत्व और राजनीतिक संघर्ष का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।

अजय देवगन हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता और निर्देशक हैं। उनका जन्म 2 अप्रैल 1969 को नई दिल्ली में हुआ था। उ...
16/08/2026

अजय देवगन हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता और निर्देशक हैं। उनका जन्म 2 अप्रैल 1969 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता वीरू देवगन जाने-माने स्टंट निर्देशक और एक्शन कोरियोग्राफर थे, जबकि उनकी माँ वीणा देवगन फिल्म निर्माता हैं। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े अजय ने 1991 में फिल्म ‘फूल और काँटे’ से अभिनय की शुरुआत की और अपनी पहली ही फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता।
अजय देवगन ने अपने लंबे करियर में एक्शन, ड्रामा, कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं में शानदार अभिनय किया है। ‘जख्म’, ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’, ‘सिंघम’, ‘दृश्यम’, ‘तान्हाजी’ और ‘रेड’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को काफी सराहा गया। उन्हें 2016 में भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया।
अजय देवगन ने 24 फरवरी 1999 को अभिनेत्री काजोल से विवाह किया। दोनों की एक बेटी न्यासा देवगन और एक बेटा युग देवगन है। अजय और काजोल बॉलीवुड की चर्चित और सफल फिल्मी जोड़ियों में गिने जाते हैं। अपने अभिनय के साथ-साथ अजय फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी सक्रिय

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