28/08/2026
रक्षाबंधन… एक धागा, और उसके भीतर कितने सारे एहसास।❤️🥹❤️
बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। लेकिन यह ‘रक्षा’ केवल किसी मुश्किल से बचाने का वादा नहीं! बल्कि उसकी खुशियों, उसके सम्मान और उसके विश्वास के साथ हमेशा खड़े रहने का संकल्प भी है।
हमारी भारतीय संस्कृति की खूबसूरती शायद यही है कि यहाँ त्योहार केवल मनाए नहीं जाते, महसूस किए जाते हैं। हर रस्म के पीछे कोई अर्थ है, हर परंपरा के पीछे कोई भावना।
राखी का धागा बहुत नाज़ुक होता है… लेकिन उसमें बंधा भाई का वचन बहुत मज़बूत।
बहन की दुआ भाई की कलाई पर,
और भाई का वचन बहन के साथ।
आप सभी को रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। ❤️🙏