09/12/2025
6 दिसंबर 1992 को जब बाबरी मस्जिद शाहिद की गई, उस वक़्त वहां पर CRPF जवान अलाउद्दीन भाई ड्यूटी पर तैनात थे। अलाउद्दीन भाई बाबरी मस्जिद की एक टूटी हुई ईंट उठाकर घर ले गए।
आज, तीन दशक बाद। उन्होंने उस ईंट को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुमायूं कबीर द्वारा बनाई जा रही बाबरी मस्जिद को दान करने का फैसला किया।
अलाउद्दीन भाई को दिल की गहराइयों से सलाम।
बाबरी मस्जिद मुसलमानों की जज़्बात का दूसरा नाम है ???