15/10/2022
....😐🙏
37 लाख अभ्यर्थियों को भेज दिया दूर दूर जिलों में ये संघर्ष कहीं दर्ज नही होगा...🙄
हे ईश्वर...! इन्हें लड़ने और जीतने की हिम्मत देना क्योंकि इन्हें बेरोजगारी, बढ़ती उम्र, टूटते सपने, पेपर आउट के साथ साथ सरकारों की अव्यवस्था से भी लड़ना है।
सत्ता जब अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल होती है तो वो जनता को ही दायित्वबोध कराने निकल पड़ती है लीकेज रोकने का प्रबंध करने के बजाय अभ्यर्थियों को जानजोखिम में डालकर यात्राएं कराने की सलाह ईश्वर जाने किस बुद्धिजीवी ने दी है सत्ताधारियों को।
रैलियों में बसे उपलब्ध कराने वाले नेता यदि बच्चों के लिए बसों का प्रबंध करवाते तो शायद बेहतर रहता...!!