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  'The monk & The Warrior The experience of The Monk and the Warrior was very beautiful... and the process of it was ver...
05/06/2026



'The monk & The Warrior

The experience of The Monk and the Warrior was very beautiful... and the process of it was very fun... and all the artists in this play were amazing... This play was directed by , it was a great experience for me to work with him. and this play was written by , we all missed you a lot during the show... but the one week that I was with you in rehearsals was amazing... and the music direction of this play was done by

It was his idea to combine Indian classical instruments with Western instruments

And thank you so much .. I got to learn a lot during rehearsals with you.

I had a lot of fun working with all the artists
.aitlingeorg.e

Thank you for giving me the opportunity to work on this play and

Thank you Rachit for letting me be a part of this beautiful play

Light design by
Coustume design by

NCPA all pictures clicked by

stage management by

Miss you all ...❤️❤️

भुज जाना मेरे लिए कोई नयी कहानी पढ़ने जैसा है  बहुत दिनो से बचपन बहुत याद आ रहा हैं , ऊपर से मैने ये श्रीमान- श्रीमती, श...
23/02/2026

भुज जाना मेरे लिए कोई नयी कहानी पढ़ने जैसा है

बहुत दिनो से बचपन बहुत याद आ रहा हैं , ऊपर से मैने ये श्रीमान- श्रीमती, शरारत, ऑफिसऑफिस जैसे कुछ सीरियस और देख लिये मैने तो ,मुझे 90s थोड़ा याद आया और मेरा ध्यान इन सीरियल के इंटीरियर में था बहुत ज़्यादा न दीवारों पर गहरे रंग न बहुत ज़्यादा इलेक्ट्रॉनिक सामान। लोग आपस में जो बाते करते हैं। फिर में अपने आस पास ये खोजने लगा। पर मुंबई में ये कैसे संभव है और ग्वालियर जहां से हूँ वहां पर भी सब बदल गया क्यूंकि में ये भूल गया था में 2025 में 20 साल पुराना शहर ढूंढ रहा था। नाटक की वजह से अलग अलग शहर में जाने का मौका मिल जाता हैं।
कल ही भुज (गुजरात) होकर आया। मुझे बस ये पता था यहां लगान की शूटिंग हुई है या इसके आस पास कही। जब मैं जा रहा था तो सोच रहा था। शो करूगा और सोऊंगा मुम्बई में सोने को कम मिल पाता है क्योंकि। पर जब हम जैसे ही भुज पहुंचे। सुबह 10 बजे के आस पास,बहुत धूप हो गई थी। हम वहां बस स्टैंड के पास रुके थे। थोड़ा सुस्त शहर है क्योंकि होटल के बाहर रुको पहले होटल की सुनो ये होटल आज भी 2010 के होटलो की याद दिलाता है। बस यहां पलंग होगा, फैन होगा,AC भी होगा,tv भी होगा पर इसकी कोई गारंटी नहीं है कि इसमें सब चलेगा। यहां दिन में लोग अपनी दुकानें बंद करके सोने चले जाते हैं यहां धुप, दीवारों पर पपड़ी उपट रही थी, मैने ध्यान दिया मैं यही तो खोज रहा था उन टीवी सीरियल में अपने शहर में पर 2026 में भुज में मिला। क्योंकि 2001 में जो भूकंप आया था उससे ये शहर उजड़ गया था ऐसा इन लोगों का कहना है।

अगले दिन हम शहर देखने निकले सुबह 10 बजे चिलचिलाती धूप और पोहा खाया , चाय पी पता नहीं ये शहर मै खराब चाय मिलती ही नहीं हैं। मैने पैसे देते समय कहा मस्त चाय है अंकल तो पास वाले पान वाले ने हंसते हुए कहा ये आदमी भी मस्त है। चाय वाले चंद्रकांत और पान वाले यूसुफ को खिलखिलाता देख कर एक मन में हंसी सी आयी।

एक जगह देखा एक इलेक्ट्रिक चीजों की दुकान खुली थी।पास की साड़ी वाला अपनी दुकान खुली छोड़ कर पहले आधा घंटे, पास वाली दुकान पर बात करता है फिर अपनी दुकान पर आकर बैठते है। काम शुरू करते हैं। एक रोड पर चाय वाले भैया से भी बात हुई उन्होंने बोला मैं भी बंबई रहा हूँ 35 साल यहां गुजराती ही ज़्यादातर बोली जाती हैं हिन्दी भी बोलते है तो अपने दांतों को थोड़ा दवाकर बात करते हैं। यहां भी बूढ़े लोग दिन में मिलते हैं । यहां आज भी फोटो स्टूडियो है जो लगभग बड़े शहरों मे बंद हो चुके हैं।

आगे अगली पोस्ट में लिखता हूँ।

एक बार फिर एक नया नाटक...या सच बोलूं तो नई जगह घूमने का लालच.. थोड़ा आज कल लालची हो गया हूँ मुम्बई के बाहर नाटक करने जान...
08/02/2026

एक बार फिर एक नया नाटक...या सच बोलूं तो नई जगह घूमने का लालच.. थोड़ा आज कल लालची हो गया हूँ मुम्बई के बाहर नाटक करने जाना और वो भी एक ऐसी जगह जहां बार बार जाने का मौका मिला पर जा नहीं पाया.. जगह हिसार (हरियाणा).. ये सुनते ही पता नहीं क्यों एक शब्द अपने आप सुनाई देने लगता है (और बता भाया, के चाल्या सै ).इस बार पूरी भाषा सुनना चाहता था

स्टेशन पहुंचा तो भीड़ बहुत थी पर पता नहीं इस बार भीड़ अच्छी लग रही थी ।कोई पता नहीं आगे लगे या न लगे। भाग रहे है लोग तेज बहुत तेज... उस बीच सफ़र में आपको अनजान लोग मिल जाते हैं। जिनसे न कभी मिले हो, न कुछ भी जानते हो ... ऐसे में एक बात हमेशा सोचता हूं कि भविष्य सच में देख पाते तो हाल भविष्य में जाकर पता लगा सकते कि इस रेलगाड़ी के सफर में हमारी बात किस्से होगी और किस्से नहीं तो सिर्फ उन्हीं से बात करते। कुछ लोग अपनी ही दुनिया में खोए थे .. थोड़ी बात हुई फिर होती ही चली गईं.. पहले वो बोल रहे थे मैं सुन रहा था .. थोड़ी देर बाद में भी बोल रहा था और वो भी .. पर एक समय बाद सिर्फ मैं बोल रहा था.. अक्सर मेरे साथ होता है जब मैं ज्यादा या बहुत देर से बोल रहा होता हूँ तो दिमाग़ में आना शुरू हो जाता हैं कि चुप होजा भाई कितना बोलेगा।। मन करता है शांत हो जाऊं... पर अचानक मेरा ध्यान उन सब के चेहरे पर जाता हैं। और उनके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कान देख मेरा मन नहीं मानता... और मेरी चुप रहने की हिम्मत नहीं हो पाती। हालांकि ये सब मेरे दिमाग़ में बोलते हुए हो रहा होता है। इसलिए आज कल मैं बात तो शुरू करता हूं पर उसमें से बात से बात निकलती चली जाती है और भूल जाता हूं ये बात मैने क्यों शुरू की थी.. और जब में धीरे से पूछता हूँ समाने वाले से वैसे हम बात क्या कर रहे थे। तो इतनी तेज़ हंसी आती है सामने से... और फिर हम सब हंसने लगते हैं। जैसे अभी हो रहा है मेरे साथ मैं कुछ और लिखना चाह रहा था पर ये बात बताने में इतने मज़े आने लगे तो यही लिखने लगा

हा हम रेलगाड़ी में थे..सच बोलूं तो अभी ये लिखते हुए मेरे दिमाग़ में आ रहा है। की जब ये पोस्ट करुंगा तो लोग ये भी सोचेंगे ट्रेन भी तो लिख सकते थे। पर आज मुझे रेलगाड़ी ही बोलना है ❤

तो फिर हम रेलगाड़ी से पहुंचे दिल्ली... फिर दिल्ली से हिसार... उफ्फ क्या ही बताऊं। हर जगह एक अलग हरियाणवी लहज़ा था। मुझे बहुत कोशिश करनी पड़ रही थी बात समझने के लिए पर मुझे अंदर ही अंदर इतना मज़ा आ रहा था। बाहर से बहुत शख्त दिखने वाले लोग क्या सच में इतने शख्त होते होगे। लिखना बहुत है पर insta पर शब्द खत्म हो गए है... और बात अधूरी रह गई❤️

ये लगातार दूसरा साल है  जब साल की शुरुआत में मुम्बई के बाहर आया।। और दोनों ही बार बंगलूरू रुका फिर आगे गया। जब में 25 से...
18/01/2026

ये लगातार दूसरा साल है जब साल की शुरुआत में मुम्बई के बाहर आया।। और दोनों ही बार बंगलूरू रुका फिर आगे गया। जब में 25 से 30 लोगों के साथ जिन्हें जानता भी नहीं था उनके साथ नाटक के लिए मैसूर गया । किसी को ठीक से नहीं जानता था।। पर मुझे लगता है नाटक ही एक ऐसी विधा है जिसमें हम जिनको ठीक से जानते भी नहीं है । नाटक खत्म होते होते । वो हमारे घर जैसे लगने लगते है। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब में इतने सारे unknow लोगों से मिलता हूँ। और वो आपको अपना जैसा महसूर करा दे। इससे बेहतर कुछ नहीं लगता और मैसूर एक ऐसा नाम था जहां कभी नहीं जाना हो पाया था।। पर इस बार मौका मिला।। खूबसूरत शहर है। पहले हम station रुके। बेंगलूर स्टेशन के पास tiffin room है। बहुत simple सी जगह है।। पर जैसे ही आप यहां का डोसा खाएंगे।। और आप खाने के शौकीन है तो आप जैसे ही डोसे का पहला bite लेंगे। यकीन मानिए आप किसी ओर दुनिया में होंगे। हालांकि ये मेरा अनुभव है। ।।

साथ में मुम्बई से मैसूर के सफर में Da साथ थे। देखने में बहुत गंभीर और अंदर से बिल्कुल मजेदार।। ऐसा लगा जैसे में अपने किसी दोस्त के साथ सफर कर रहा हूँ।

मुझे ज्यादा लिखना नहीं आता ।। पर आज थोड़ी बहुत शब्दों के ज़रिए अपनी बात कहने की कोशिश की । कोशिश करता रहूंगा थोड़ा बहुत नाटक और उनसे जुड़े लोगों के साथ बिताए अनुभव की ।

अब इतंजार 25 jan का है।। इतंजार खत्म हो जल्दी ❤️
दिल्ली अब दूर नहीं🌼🌼😀

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27/08/2025



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Anweshana theatre festival  I got to see dance, music, drama all in one place  And I got a chance to meet many wonderful...
20/01/2025

Anweshana theatre festival

I got to see dance, music, drama all in one place And I got a chance to meet many wonderful people❤️❤️

जीवन में पहली बार बैंगलोर आने का मौका मिला।। लगा था बस एक शो ही तो है जल्द खत्म करके वापस आ जाएंगे। पर दोनों दिन अलग अलग...
19/01/2025

जीवन में पहली बार बैंगलोर आने का मौका मिला।। लगा था बस एक शो ही तो है जल्द खत्म करके वापस आ जाएंगे। पर दोनों दिन अलग अलग प्रस्तुति देखने के बाद यहां से जाने का मन ही नहीं कर रहा था।। और यहां पर बहुत अद्भुत लोगों से भी मिलने का मौका मिला।।
अगर मौका मिला तो यहां फिर से आना चाहूंगा।।❤️❤️❤️

aRYANYA presents 'pyaar admi ko kabutar bana deta hain'Written and directed by Music -11 and 12 jan 20256 and 9pmTickets...
07/01/2025

aRYANYA presents 'pyaar admi ko kabutar bana deta hain'

Written and directed by
Music -

11 and 12 jan 2025
6 and 9pm

Tickets -bookmyshow

aRYANYA presents 'pyaar admi ko kabutar bana deta hain'
07/01/2025

aRYANYA presents 'pyaar admi ko kabutar bana deta hain'

Pyaar admi ko kabutar bana deta hai ❤️❤️  Written and directed by-  Music -  मिलते है दोस्तो 💌💌🕊️🕊️🌼🌼❤️
13/12/2024

Pyaar admi ko kabutar bana deta hai ❤️❤️

Written and directed by-
Music -

मिलते है दोस्तो 💌💌🕊️🕊️🌼🌼❤️

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