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28/12/2025

ये सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में। अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटीयों पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी.

बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी एक हिंदु होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना। एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का।

8 अक्टूबर के दिन अब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे।

इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस १४ साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं।

अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा “अब्दुल अली, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ १४ साल की है।”

वो यहीं नहीं रुके उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब #लात्कार किया ….उनलोगों को वही मरने के लिए छोडकर जाते जाते आस पड़ोस के लोगों को धमकी देकर गए की कोई इनकी मदद नहीं करेगा।

ये पूरी घटना बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी अपनी किताब “लज्जा” में लिखी जिसके बाद से उनको देश छोड़ना पड़ा, ये पूरी घटना इतनी हैवानियत से भरी है पर आजतक भारत में किसी बुद्धिजीवी ने इसके खिलाफ बोलने की हैसियत तक नहीं दिखाई है, ना ही किसी मीडिया हाउस ने इसपर कोई कार्यक्रम करने की हिम्मत जुटाई।

ये होता है किसी इस्लामिक देश में हिन्दू या कोई अन्य अल्पसंख्यक होने का, चाहे वो बांग्लादेश हो या पाकिस्तान।पता नहीं कितनी पूर्णिमाओं की ऐसी आहुति दी गयी होगी बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या को 22 प्रतिशत से 5 प्रतिशत और पाकिस्तान में 15 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पहुँचाने में।

और हिंदुस्तान में हामिद अंसारी जैसे घिनौने लोग कहते है कि हमें डर लगता है।

जहाँ उनकी आबादी आज़ादी के बाद से 24 प्रतिशत अधिक बढ़ी है। अगर आप भी सेक्युलर हिंदु (स्वघोषित बुद्धिजीवी) हैं और आपको भी लगता है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है तो कभी बांग्लादेश या पाकिस्तान की किसी पूर्णिमा को इन्टरनेट पर ढूंढ कर देखिये। मेरा दावा है कि आपका नजरिया बदल जाएगा!

जब से 'धुरंधर' आई है, तबसे सबकी जुबां पर रहमान डकैत का ही नाम है, जिसका किरदार फिल्म में अक्षय खन्ना ने निभाया है। फिल्म...
13/12/2025

जब से 'धुरंधर' आई है, तबसे सबकी जुबां पर रहमान डकैत का ही नाम है, जिसका किरदार फिल्म में अक्षय खन्ना ने निभाया है। फिल्म देखने के बाद बहुत से दर्शकों का कहना था कि अक्षय इस रोल में बाकी एक्टर्स पर भारी पड़ गए हैं।

सिर्फ आंखों के खौफ और चेहरे के हाव-भाव से ही वह फिल्मी पर्दे पर ऐसा तिलिस्म पैदा करते हैं कि कोई भी कांप उठे। रहमान डकैत असल जिंदगी में कितना क्रूर और खूंखार रहा होगा, इसकी बानगी आदित्य धर की 'धुरंधर' में देखने को मिली। फिल्म में रहमान डकैत को बहुत बुरी मौत मिली। अगर खुद रहमान डकैत के अंदाज में कहें तो 'कसाईनुमा मौत' मिली। लेकिन असल में रहमान डकैत कितना खतरनाक था, जानते हैं? रहमान से दाऊद इब्राहिम तक खौफ खा गया था।

रहमान डकैत ने तो दाऊद इब्राहिम के छोटे भाई नूरा को किडनैप करके मार डाला था, और उसे मौत भी कसाईनुमा दी थी। दरअसल, इस वाकये का जिक्र बॉलीवुड के स्क्रीनराइटर और फिल्म क्रिटिक सिद्धार्थ अरोड़ा 'सहर' ने किया है। उनकी नजर जब बॉर्डर पार की एक आईडी के पोस्ट पर पड़ी, तो वह खुद रहमान डकैत की हिस्ट्री खंगालने के लिए मजबूर हो गए। दरअसल, बॉर्डर पार से एक यूजर ने 'धुरंधर' पर सवाल उठाए और कहा- अक्षय खन्ना तो रहमान बलोच का 10% भी भी डकैत नहीं दिखा पाया तुम्हारा आदित्य धर।

क्या आप जानते हैं? हमारे शरीर में एक ऐसा नेचुरल सेलुलर क्लीनअप सिस्टम मौजूद है जो खराब और डैमेज्ड सेल्स को खुद ही खा कर ...
03/12/2025

क्या आप जानते हैं? हमारे शरीर में एक ऐसा नेचुरल सेलुलर क्लीनअप सिस्टम मौजूद है जो खराब और डैमेज्ड सेल्स को खुद ही खा कर खुद को रिपेयर करता है। इसे ऑटोफैजी (autophagy) कहा जाता है और इसकी खोज की थी जापानी वैज्ञानिक डॉ. योशिनोरी ओसुमी (Dr. Yoshinori Ohsumi) ने, जिन्हें 2016 में नोबेल पुरस्कार मिला।

डॉ. ओसुमी की रिसर्च ने साबित किया कि जब हम फास्टिंग करते हैं, तो शरीर पुराने प्रोटीन, टॉक्सिन और खराब सेल्स को खत्म कर नई ऊर्जा और स्वस्थ सेल्स बनाता है। यही कारण है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग आज दुनिया भर में एक साइंटिफिक सेलुलर रीसेट माना जाता है।

2023 की एक स्टडी में पाया गया कि लंबी फास्टिंग के दौरान ऑटोफैजी से जुड़े जीन काफी एक्टिव हो जाते हैं, जिससे इंफ्लेमेशन कम होता है, दिमाग तेज होता है और एजिंग की प्रोसेस धीमी होती है।

डॉ. ओसुमी की खोज ने दुनिया को सिखाया कि सही समय पर खाना और फास्टिंग शरीर की सबसे ताकतवर हीलिंग सुपरपावर को एक्टिव कर सकता है।

ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से एक अविश्वसनीय और अकल्पनीय खबर सामने आई है। यह खबर ऐसी है जिस पर शायद आपको यकीन न हो। आप कहेंगे ...
21/11/2025

ओडिशा के जगन्नाथ पुरी से एक अविश्वसनीय और अकल्पनीय खबर सामने आई है। यह खबर ऐसी है जिस पर शायद आपको यकीन न हो। आप कहेंगे कि यह सब सिर्फ फिल्मों में होती है। लेकिन यह रील नहीं बल्कि रियल लाइफ में हुआ। जगन्नाथ पुरी मंदिर में एक भावुक और हृदय विदारक दृश्य देखने को मिला। एक असहाय पिता रोते हुए भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचा। उनकी गोद में उसका शिथिल पड़ा बेटा था, जो कोमा में था और डॉक्टर्स ने उसे यह कहकर घर भेज दिया था कि उसे मरा समझो। वह अब कभी ठीक नहीं होगा। लेकिन मंदिर में अचानक चमत्कार हुआ और वह बच्चा ठीक हो गया।

18/11/2025

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 Shivani Thakur Shivendra Tiwari Social विचार Shivani kumari Official
17/11/2025

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17/11/2025

दिल्ली ब्लास्ट साजिश: डॉ. प्रियंका की गिरफ्तारी
दिल्ली में प्रस्तावित ब्लास्ट की जांच में रोहतक की डॉ. प्रियंका गिरफ्तार हुईं। पुलवामा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर प्रियंका ने सहकर्मी डॉ. नदीम को 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जो मेवात में विस्फोटक खरीदने पहुंचे।

मध्यमवर्गीय परिवार की प्रियंका ने एमबीबीएस-एमडी किया, सरकारी नौकरी पाई। पुलवामा में काम करते हुए सेकुलिरजम यानी उदारवादी विचार अपनाए, स्थानीय संबंध मजबूत किए। नदीम की मदद मांग पर बिना संदेह धन भेजा। जांच में पता चला—फंड आतंक नेटवर्क तक पहुंचा।
प्रियंका पर यूएपीए सहित आतंक फंडिंग की धाराएं लगीं। माता-पिता स्तब्ध है; जीवनभर की कमाई शिक्षा पर लगी, अब जेल का ठप्पा। अब जो सेकुलिरजम का कीड़ा काटता है हिन्दू लड़कियों वो इससे सबक ले सकती है कि तुम्हारी जिंदग्गी किस तरह तबाह हो सकती है लग गया देशद्रोह का ठप्पा अब बताओ ये जीवन किस अर्थ का जिस जीवन पर देश से गद्दारी का ठप्पा लग जाये

यह घटना चेतावनी है: संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी। अंधविश्वास या अति सहिष्णुता खतरे पैदा कर सकती है। सफलता के बावजूद गलत संबंध जीवन बर्बाद कर देते हैं। सुरक्षा व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। जांच जारी, न्याय की प्रतीक्षा में घर वाले रो रहे है कोई मदत को भी नही खड़ा हो रहा है क्योंकि गद्दारो का मदत करना सनातन धर्म के नियमो के खिलाफ है

Shivani Thakur शायरी

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दिल्ली से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा रविवार शाम ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन व पूजन के साथ समाप्त हुई। बागेश्वर धा...
17/11/2025

दिल्ली से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा रविवार शाम ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन व पूजन के साथ समाप्त हुई। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मंदिर में दीपक जलाकर हिंदू राष्ट्र घोषित होने की कामना की।
पदयात्रा का धर्मध्वज बांकेबिहारी को समर्पित किया जाना था, लेकिन परंपरा न होने के कारण अब यह ध्वज दाऊजी मंदिर में अर्पित किया जाएगा। शास्त्री के साथ हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े, जिसके चलते यमुना पार का पूरा मार्ग बदलना पड़ा और परिक्रमा मार्ग तक भी भारी भीड़ पहुंच गई।
सुरक्षा घेरे में केवल पांच लोग वीआईपी क्षेत्र तक पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना हुई। समापन के बाद शास्त्री आगरा के लिए रवाना हो गए।

Shivani Thakur शायरी Social विचार Shivani kumari Official अंधभक्त धुलाई सेंटर

16/11/2025
16/11/2025

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