27/08/2026
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड से हुई तबाही पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिंता जताई है। उन्होंने नेपाल में हुए भारी जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त करने के साथ भारत सरकार की ओर से घोषित राहत सहायता का समर्थन किया। हालांकि, उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में आपदा के लिए इस्तेमाल किए गए ‘ड्रामा’ शब्द को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि वह बुधवार को काठमांडू के लिए रवाना हुए थे। उस समय उन्हें नेपाल के पहाड़ी इलाकों में आई भीषण तबाही की पूरी जानकारी नहीं थी। काठमांडू पहुंचने के बाद उन्हें बाढ़ से हुए बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान के बारे में पता चला।
थरूर के मुताबिक, फ्लैश फ्लड में अब तक 160 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 2,000 या उससे अधिक लोगों के लापता होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के तेज बहाव से बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
कांग्रेस सांसद ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि कम से कम 19 मोटरेबल पुल बाढ़ में बह गए हैं। बेट्रावती-रसुवागढ़ी हाईवे का करीब 40 किलोमीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि आठ चालू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
शशि थरूर ने नेपाल के लिए भारत सरकार की ओर से तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नेपाल को जितनी मदद मिल सकती है, उतनी मदद की जरूरत है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई और लापता लोगों के जल्द सुरक्षित मिलने की प्रार्थना की।
थरूर ने यह भी बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों में बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की है। उनके मुताबिक, करीब 100 लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु भी प्रभावित हुए हैं।
हालांकि, थरूर की पोस्ट में ‘ड्रामा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने आपत्ति जताई। यूजर्स ने सवाल किया कि इतनी गंभीर प्राकृतिक आपदा के संदर्भ में इस शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया।
एक यूजर ने थरूर के शब्द चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी समृद्ध शब्दावली वाले व्यक्ति से इस तरह के शब्द की उम्मीद नहीं थी। एक अन्य यूजर ने भी ‘ड्रामा’ शब्द को लेकर टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर इसी शब्द को लेकर थरूर की पोस्ट चर्चा में आ गई।