07/05/2026
लौकी की ऑर्गेनिक खेती में ज्यादा पैदावार लेने के लिए मिट्टी, पोषण, सिंचाई और बेल की सही देखभाल बहुत जरूरी होती है। ये तरीके अपनाइए:
1. अच्छी किस्म और बीज चुनें
हमेशा ताज़ा और रोगमुक्त बीज लें।
बीज बोने से पहले 8–10 घंटे सरसों की खली की पानी या ट्राइकोडर्मा घोल में भिगो सकते हैं।
2. मिट्टी की तैयारी
दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है।
प्रति गड्ढा:
40 % गार्डन की मिट्टी
20% सड़ी हुई गोबर खाद
20% वर्मी कम्पोस्ट
20%नीम खली मिलाएं।
3. सही दूरी रखें
पौधे से पौधे की दूरी लगभग 5–6 फीट रखें।
इससे हवा और धूप अच्छी मिलेगी, रोग कम होंगे।
4. जैविक खाद का सही उपयोग
हर 15 दिन पर:
जीवामृत
घन जीवामृत
छाछ + गुड़ का घोल
वर्मी वॉश
देने से बेल तेजी से बढ़ती है और फूल ज्यादा आते हैं।
5. फूल और फल बढ़ाने का तरीका
सुबह के समय हल्का पानी दें।
फॉस्फोरस और पोटाश के लिए:
लकड़ी की राख
केले के छिलके का घोल
सरसों खली का घोल
बहुत फायदेमंद होता है।
6. बेल की ट्रेनिंग और कटिंग
बेल को मचान पर चढ़ाएं।
नीचे के पीले पत्ते और कमजोर शाखाएं हटाते रहें।
इससे पौधे की ताकत फल बनाने में लगती है।
7. कीट और रोग नियंत्रण (ऑर्गेनिक)
फल मक्खी और कीड़ों के लिए:
नीम तेल 5ml + 1 लीटर पानी
या छाछ का स्प्रे
हर 7–10 दिन पर करें।
8. समय पर तुड़ाई करें
लौकी को ज्यादा बड़ा न होने दें।
2–3 दिन के अंतर पर तुड़ाई करने से नए फल तेजी से आते हैं।
बोनस टिप
अगर आप ड्रिप सिंचाई + मल्चिंग इस्तेमाल करते हैं तो:
पानी की बचत होगी
खरपतवार कम होंगे
पैदावार काफी बढ़ सकती है।
#लौकी