08/10/2021
नवरात्रि के द्वितीय दिवस माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है। इनका पूजन करने से साधक को तप, त्याग, वैराग्य, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है और जीवन में वे जिस बात का संकल्प कर लेते हैं उसे पूरा करके ही रहते हैं।
आप सभी को NetDigi Marketing की ओर से नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।