23/01/2026
दिल्ली शाहदरा - शामली - टपरी डबल लाईन ( 175 कि.मी)
1. परियोजना क्या है?
:- दिल्ली-शाहदरा से होकर शामली-टपरी तक (सहारनपुर बाईपास सहित) चलने वाले रेल सेक्शन का दोहरीकरण (doubling)। इसका उद्देश्य लाइन-क्षमता बढ़ाना और लंबी दूरी की ट्रेनें चलाना है |
2. उद्देश्य :-
(i) लाइन-क्षमता बढ़ाना , भीड़-भाड़ और देरी कम करना।
(ii) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शाहदरा-शामली क्षेत्र को बेहतर दूरस्थ कनेक्टिविटी देना।
(iii) व्यापार/कार्गो और यात्री सेवाओं में सुधार।
3. लंबाई :-
इस पैकेज की कुल घोषित लम्बाई लगभग 175 किमी के आसपास रिपोर्ट की गई है |
4. लागत :-
प्रारम्भिक/बजटीय एंट्री में कुल लागत ≈ ₹1,200–1,500 करोड़ के रेंज में दर्शायी गई है | DPR की प्रारंभिक एस्टिमेट ~₹1,214 Cr; बाद में ₹1,500 Cr का उल्लेख भी मिलता है |
5. मुख्य फायदा :-
(i) और अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा ( लंबी दूरी एवं लोकल दोनों)
(ii) यात्रा समय एवं देरी घटेगी, पन्क्तिगत (congestion) कम होगा।
(iii) आर्थिक गतिविधियाँ और रोज़गार सुधरेंगे—क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा
6. सर्वे और DPR की स्थिति :-
DPR पहले तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी थी, पर Railway Board से अंतिम मंज़ूरी/सैनक्शन और कुछ तकनीकी स्टेप्स के कारण परियोजना को अस्थायी रूप से ‘abeyance’ में रखा गया बताया गया है; यानी DPR जमा है पर फाइनल sanction पर काम चल रहा था |
7. वर्तमान स्थिति :-
शाहदरा-से-शामली तक के 24 स्टेशनों/हॉल्ट्स के दोहरीकरण सर्वे पूरा होने की खबर (Jan 2026) और अगला चरण शामली-टपरी/सहारनपुर बाईपास सर्वे की तरफ बढ़ने का उल्लेख मीडिया में आया है — यानी सर्वे-लेवल पर हालिया गति दिख रही है। (यह DPR-के बाद का प्राक्टिकल स्टेप है
8. भूमि और अनुमोदन संबंधी बाधाएँ :-
पिछली रिपोर्टों में यह बताया गया कि परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए रूट-फाइनलाइज़ेशन, पर्यावरण/वन क्लीयरेंस (यदि आवश्यक), और तकनीकी व बांड-फंडिंग के समायोजन की आवश्यकता रहती है | इन्हीं कारणों से समय-सीमा प्रभावित हुई थी। (Railway Board ने कुछ राजनीतिक कारणों से प्रोजेक्ट को अस्थायी रोका भी था )
9. कार्य-प्राथमिकताएँ :-
(i) स्थानीय सर्वे पूरा होने के बाद DPR अपडेट/रिव्यू होगा → उसके बाद रेलवे बोर्ड से फाइनल sanction/बजट आवंटन।
(ii) इसके बाद ही टेंडर/कंस्ट्रक्शन और फील्ड-वर्क तेज़ी से शुरू होगा। हाल के सर्वे से यह संकेत मिलता है कि अगला चरण आरम्भिक-स्टेप पर आ चुका है।
10. टार्गेट कब तक :-
(i) आधिकारिक तौर पर कोई सार्वजनिक, निश्चित समापन-तिथि उपलब्ध नहीं है — कारण DPR-सैनक्शन और फंडिंग पर निर्भरता।
(ii) मीडिया/स्थानीय प्रतिनिधियों के आकलन के मुताबिक — अगर DPR जल्दी संभव हुआ और फंडिंग तुरंत मिले — तो अगले कुछ वर्षों (2-5 साल के भीतर) स्टैगरड तरीके से पूरा होने की उम्मीद रखी जा सकती है; पर यह सशर्त अनुमान है |