Mohammad Nazim

Mohammad Nazim Allah Ham Sab Ko Apni Pnah Me Rakhe Islamic studio Mohammad Nazim shaikh masoodi

15/07/2026

Mashallah

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में स्थित उस पूरी इमारत को खरीद लिया है, जहां उन...
12/07/2026

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके पंचशील पार्क में स्थित उस पूरी इमारत को खरीद लिया है, जहां उन्होंने 1991 में पत्नी गौरी खान के साथ अपनी शादी के बाद रहना शुरू किया था।

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान पहले से ही इस इमारत के बेसमेंट और पहली मंजिल के मालिक थे। हाल ही में उन्होंने लगभग 37 करोड़ रुपये की कीमत चुकाकर इस इमारत की दूसरी और तीसरी मंजिल भी खरीद ली है। इस नई डील के बाद अब अभिनेता इस पूरी इमारत के इकलौते मालिक बन गए हैं।

यह घर शाहरुख और गौरी के लिए भावनात्मक रूप से काफी खास है। फिल्मों में अपना फुल-टाइम करियर बनाने के लिए मुंबई जाने से पहले, शादी के बाद यही उनका पहला घर था।

मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में नया प्रविधान ला...
12/07/2026

मतदाता सूची में पहली बार नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया में नया प्रविधान लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरने वाले आवेदकों को अपने माता-पिता की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। यदि ऑनलाइन आवेदन के दौरान यह घोषणा-पत्र नहीं भरा जाता, तो आवेदन आगे नहीं बढ़ सकेगा।

आयोग के अनुसार, यदि माता-पिता पिछली एसआईआर प्रक्रिया में शामिल रहे हैं तो आवेदक को उनके विधानसभा क्षेत्र, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक की जानकारी देनी होगी। यदि वे एसआईआर में शामिल नहीं थे तो इसका विकल्प चुनते हुए उनके नाम और यदि उपलब्ध हों, तो ईपीआईसी नंबर दर्ज करने होंगे।

पीटीआई के अनुसार, चुनाव आयोग का कहना है कि इससे नए मतदाताओं की पहचान सत्यापित करने में आसानी होगी और कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत भी कम पड़ेगी। आयोग ने यह भी दोहराया कि एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को शामिल करना और मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या विदेशी मतदाताओं के नाम हटाना है।

हालांकि, इस नई व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि फॉर्म-6, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियमों के तहत निर्धारित प्रारूप का हिस्सा है। ऐसे में इसमें बदलाव के लिए केंद्र सरकार की अधिसूचना और राजपत्र (गजट) में संशोधन आवश्यक होता है। अब तक ऐसा कोई संशोधन सार्वजनिक रूप से जारी नहीं हुआ है।

इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूतों ने भी एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को संवैधानिक और पारदर्शी बताया है।

अब पहली बार वोटर बनने के लिए ऑनलाइन फार्म-6 भरने वाले हर आवेदक को यह बताना होगा कि उसके माता-पिता पिछली एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में शामिल थे या नहीं। यह जानकारी दिए बिना ऑनलाइन आवेदन पूरा नहीं होगा।

आवेदक को उनके विधानसभा क्षेत्र का नंबर, पोलिंग बूथ (पार्ट नंबर) और मतदाता सूची में दर्ज क्रमांक (सीरियल नंबर) भरना होगा।

09/07/2026
16 साल बाद हत्या का हिसाब: ASP अनुज चौधरी के भाई समेत दो को फांसीउत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 16 साल पुराने...
09/07/2026

16 साल बाद हत्या का हिसाब: ASP अनुज चौधरी के भाई समेत दो को फांसी

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने 16 साल पुराने हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एडिशनल एसपी (ASP) अनुज चौधरी के ममेरे भाई और पूर्व प्रधान प्रमोद चौधरी तथा उनके साथी सहदेव उर्फ पप्पू को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

राजधानी के मुसल्‍लहपुर हाट में 2 जून की रात कोचिंग संस्‍थानों के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग मामले में आरोपित फैजल खा...
08/07/2026

राजधानी के मुसल्‍लहपुर हाट में 2 जून की रात कोचिंग संस्‍थानों के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग मामले में आरोपित फैजल खान उर्फ खान सर की जमानत याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।

पटना सिविल कोर्ट के जिला जज रूपेश कुमार देव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा है। अदालत आदेश 10 जुलाई को सुनाएगी।

कोर्ट में खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक खान सर उर्फ़ फैजल खान और उनके तीन सहकर्मियों अजीत कुमार, कन्हैया कुमार सिंह और अंकित कुमार पाण्डेय के एंटिसिपेटरी बेल पर याच‍िका दाखिल की गई थी।

इसके अलावा दोनों गार्डों की जमानत पर भी सुनवाई हुई। दोनों गार्ड बेउर जेल में बंद हैं। सभी मामले में 10 जुलाई को कोर्ट फैसला सुनाएगी।

गौरतलब है कि 2 जून की रात खान सर के कोचिंग संस्थान के नजदीक हुई गोलीबारी के वायरल वीडियो के आधार पर कदमकुआं थाना की पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षा कर्मियों पर एफआईआर की गई थी।

7 जुलाई को रौशन आनंद पक्ष की ओर से सत्यम झा ने बहस करते हुए फैजल खान की जमानत का विरोध किया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि फैजल खान की ओर से क्रिमिनल हिस्ट्री छिपाई गई है।

इसके बाद कोर्ट ने क्र‍िमि‍नल हिस्‍ट्री प्रस्‍तुत करते हुए 8 जुलाई की तारीख तय की थी। बुधवार सुबह 10:30 बजे से कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। दोनों पक्षों ने अपनी बातें रखीं, इसके बाद न्‍यायाधीश ने कहा क‍ि 10 जुलाई को कोर्ट फैसला सुनाएगी।

मेरठ: उम्र महज 11 साल, लेकिन भूमिका एक अनुशासित कोच की। शिष्या कोई और नहीं, अपनी मां। मां की उम्र 40 वर्ष से अधिक और खेल...
06/07/2026

मेरठ: उम्र महज 11 साल, लेकिन भूमिका एक अनुशासित कोच की। शिष्या कोई और नहीं, अपनी मां। मां की उम्र 40 वर्ष से अधिक और खेलों का कोई पुराना अनुभव भी नहीं।

जब मां को सही प्रशिक्षण नहीं मिला तो पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे ने खुद जिम्मेदारी संभाल ली। निरंतर कोर्ट पर अभ्यास कराया, फिटनेस पर काम किया, दौड़ लगवाई और खानपान पर ऐसी निगरानी रखी कि समोसा, कचौड़ी और पूड़ी तक बंद करा दी। करीब छह माह की इस मेहनत का परिणाम सामने आया तो मां ने एक नहीं, दो-दो स्वर्ण पदक जीत लिए।

यह प्रेरक कहानी अनामिका मोहता और उनके 11 वर्षीय बेटे आरव मोहता की है। अनामिका ने मेरठ जिला बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला 35 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।
अपनी इस दोहरी सफलता का श्रेय उन्होंने बेटे आरव को दिया है, जो उनके लिए सिर्फ बेटा नहीं बल्कि कोच, फिटनेस ट्रेनर और सबसे बड़ा प्रेरक भी है।

अनामिका बताती हैं कि उन्होंने करीब सात-आठ माह पहले ही बैडमिंटन खेलना शुरू किया था, जबकि व्यवस्थित अभ्यास करीब पांच-छह माह से कर रही हैं। इससे पहले वह कभी किसी खेल से नहीं जुड़ी थीं। खेल सीखने की इच्छा लेकर वह कई बैडमिंटन अकादमियों तक पहुंचीं, लेकिन राह आसान नहीं थी। कहीं बच्चों के साथ अभ्यास का अवसर नहीं मिला तो कहीं उम्र के कारण असहज स्थिति बनी।

एक जगह तो उन्हें साफ कह दिया गया कि ‘मदर्स आर नाट अलाउड’। कई प्रयासों के बावजूद जब अपेक्षित प्रशिक्षण नहीं मिला तो निराशा बढ़ने लगी। इसके बाद मां-बेटे की जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। आरव ने मां की तकनीक, फुटवर्क, फिटनेस और नियमित अभ्यास पर काम करना शुरू किया। अनामिका के अनुसार, बेटा उन्हें दौड़ाता है, कोर्ट पर अभ्यास कराता है और डाइट का भी पूरा ध्यान रखता है।

उनकी मजाल नहीं कि बेटे की निगरानी होते हुए समोसा, कचौड़ी या पूड़ी खा लें। आरव ने अपने अधूरे खेल सपनों को मां की सफलता से जोड़ दिया और लगातार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अनामिका वर्तमान में अपने बेटे के साथ माध्यवपुरम स्थित शटल आई एरीना में अभ्यास करती हैं। उन्होंने किसी निजी कोच को नियुक्त नहीं किया है। वह कोर्ट बुक करती हैं और वहां आरव उन्हें प्रशिक्षण देते हैं। स्कूल की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद आरव मां के अभ्यास की योजना बनाते हैं। अनामिका अब ऐसे अच्छे कोच की तलाश में हैं, जो मां-बेटे दोनों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दे सके।

आरव बहुत छोटी उम्र से बैडमिंटन खेल रहे हैं और अंडर-9 आयु वर्ग से ही प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुका है। पैर में मोच आने के कारण भी हाल में वह एक प्रतियोगिता में नहीं उतर सके।

अब उनका लक्ष्य कड़ी तैयारी के बाद अधिक मजबूत प्रदर्शन करना है। जिला प्रतियोगिता में दो स्वर्ण जीतने के बाद अनामिका का आत्मविश्वास बढ़ा है। उनका कहना है कि वह यहीं रुकना नहीं चाहतीं। अब उनका लक्ष्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करना है।

उन्होंने पूर्व में दिल्ली में आयोजित मास्टर्स स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया और वहां भी 35 और 40 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीते हैं। पर्ल रेजिडेंसी निवासी अनामिका के पति गौरव मोहता अकार्ड कम्युनिकेशन के संचालक हैं। अनामिका के अनुसार पति के साथ उनके सास-ससुर भी खेल यात्रा में पूरा सहयोग कर रहे हैं। आरव डीपीएस मोदीनगर में पांचवीं कक्षा के छात्र हैं। अनामिका स्वयं उन्हें स्कूल छोड़ने और लेने जाती हैं।

अपनी सफलता के बाद अनामिका की सबसे बड़ी इच्छा है कि उनकी कहानी दूसरी माताओं और बच्चों तक पहुंचे। वह कहती हैं कि जिस तरह उनका बेटा उनके पीछे मजबूत दीवार बनकर खड़ा हुआ, उसी तरह दूसरे बच्चे भी अपनी माताओं के सपनों को समझें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। अक्सर मां बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए अपना समय और इच्छाएं पीछे छोड़ देती है, लेकिन आरव और अनामिका की कहानी ने इस रिश्ते की भूमिका ही बदल दी।

क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं, अपना सपना मानने वाले लोग ही इतिहास रचते हैं… और शाहरुख़ खान उन्हीं में से एक हैं। दुनिया उन्ह...
06/07/2026

क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं, अपना सपना मानने वाले लोग ही इतिहास रचते हैं… और शाहरुख़ खान उन्हीं में से एक हैं। दुनिया उन्हें फिल्मों का बादशाह कहती है, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनका दिल क्रिकेट के लिए भी उतनी ही शिद्दत से धड़कता है। अमेरिका में अपने नाम से क्रिकेट स्टेडियम खड़ा करना इस बात का सबूत है कि उनका सपना सिर्फ टीम खरीदना नहीं, बल्कि क्रिकेट को पूरी दुनिया तक पहुंचाना है।!!!

जहां कई लोग क्रिकेट को सिर्फ बिज़नेस समझते हैं, वहीं शाहरुख़ खान इसे एक मिशन की तरह आगे बढ़ा रहे हैं। अमेरिका जैसे देश में क्रिकेट की मजबूत नींव रखना आसान नहीं था, लेकिन SRK ने वह कर दिखाया जिसकी कुछ साल पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। यह स्टेडियम सिर्फ ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि क्रिकेट के भविष्य में उनके विश्वास की पहचान है।!!!!

फिल्मों में 'किंग खान' बनने के बाद अब शाहरुख़ क्रिकेट की दुनिया में भी अपनी अलग विरासत बना रहे हैं। आने वाले समय में जब अमेरिका में क्रिकेट और आगे बढ़ेगा, तो इस सफर में शाहरुख़ खान का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा। कुछ लोग सिर्फ इतिहास पढ़ते हैं, लेकिन कुछ लोग इतिहास बनाकर जाते हैं।!!!



Address

Bareilly

Telephone

+918218195724

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Mohammad Nazim posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Mohammad Nazim:

Shortcuts

Share