Faizan-e-tajushshariya

Faizan-e-tajushshariya *�� एक अहम गुज़ारिश ��*

*� आप सभी मेंबर्स ध्यान दें*

*अस्सलामुअलैकुम व रहमतुल्ला

01/06/2023

*Jumu'ah Mubarak Ho...❣️*
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26/04/2023

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_*📕 क़रीना-ए-ज़िन्दगी भाग - 005 📕*_
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_*📚 [हदीस :-]....हज़रत अब्दुल्ला इब्ने उमर [ रदीअल्लाहु तआला अन्हु ] से रिवायत है कि सरकार मद़ीनाﷺ ने गै़ब की खबर देते हुए इरशाद फरमाया------*_

_*📚 "बेशक कौमे बनी इस्राईल [हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम की क़ौम ] बहत्तर [ 72 ] फ़िरक़ों में बट गयी और मेरी उम्मत तिहत्तर [ 73 ] फ़िरक़ों में बट जाएगी सब के सब ज़हन्नमी होंगे सिर्फ़ एक फ़िरक़ा जन्नती होगा । सहाब-ए-किराम, ने अर्ज किया! वोह जन्नती फ़िरक़ा कौन सा होगा?*_

_*✍ .... हुजुर ﷺ ने इरशाद फरमाया--*_

_*...."जो मेरे और मेरे सहाबा के तरीके़ पर चलेगा।"*_

_*📕 तिर्मिज़ी शरीफ जिल्द 2, सफा नं 89*_

*_....अल्हमदुलिल्लाह ! बेशक वह जन्नती फ़िरक़ा अहले सुन्नत वल ज़माअ़त के सिवा कोई नही ! क्योंकि हम सुन्नी अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त व हुज़ूरे अकरम ﷺ के मरतबे व अ़ज़मत के और बुज़ुरगाने दीन की शान व इज़्ज़त के काएल हैं।_*

_*....हम सुन्नियों का अ़क़ीदा है कि यह तमाम फ़िरक़े जैसे----- शिया, वहाबी, तबलीगी, देवबन्दी, मौदूदी, कादयानी, नेचरी, चक़डालवी, सबके सब गुमराह, बद दीन, क़ाफ़िर, और दीन से फिरे हुए मुनाफ़िक़ हैं।*_

_*.....अब ज़्यादा तर लोग सुन्नी, वहाबी, के इस इख़्तिलाफ़ को चन्द मौलवीयों का झगड़ा समझते हैं। या फिर फातिहा, उर्स, नियाज़ का झगड़ा समझते हैं यह उनकी बहुत बड़ी ग़लत फहमी है।*_

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_*....खुदा की क़सम सुन्नियों का वहाबियों से सिर्फ़ इन बातों पर इख़्तिलाफ़ नहीं है। बल्कि हम अहले सुन्नत का वहाबियों से सिर्फ़ इस बात पर सबसे बड़ा बुनियादी इख़्तिलाफ़ है। कि इन वहाबियों के उलमा व पेशवा ने अपनी किताबों में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त व हुज़ूर अकरम ﷺ और अम्बिया ए किराम, सहाब-ए-किराम, व बुजुरगाने दीन की शाने अ़कदस मे गुस्ताख़ियां लिखी है और उनकी अ़ज़मत व शान से खेला उन्हें बिद़अ़ती, क़ाफ़िर, व बेदीन, बताया [ मुआज़अल्लाह ] और मौजूदा वहाबी ऐसे ही ज़ाहिल उलामा को अपना बुज़ुर्ग़ व पेशवा मानते हैं। और उन्हीं की तअ़लीमात व अकाईद ए बातील को दुनिया भर में फैलाते फिरते हैं। या कम अज कम उन्हे मुसलमान समझते है!*_

_*💎 [आयत :-].... अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त इरशाद फरमाता है।*_

_*💎 तर्जुमा :-... जिस दिन हम हर ज़माअत को उसके इमाम के साथ बुलाएंगे।*_

_*📕 तर्जुमा :- कन्जुल इमान पारा 15, सूरए बनी इस्राईल़, आयत नं 71*_

_*अब हम आप लोगों के सामने इन लोगों के अक़ाएद [ faith ] उन्हीं की किताबों से पेश कर रहे हैं। जिसे पढ़कर आप खुद ही फ़ैसला़ कीजिए कि क्या ऐसी बातें कहने वाले यह लोग मुसलमान कहलाने का हक रखते है? फैसला आप के हाथ में है।*_

_*[क्या यह मुसलमान है ]*_

_*....वहाबी ज़माअत का बहुत बड़ा आलिम "मौलवी इस्माईल देहलवी" अपनी किताब [ तक्वियतुल ईमान ] में लिखता है------*_

_*✍🏻 (1).... जो कोई (किसी बुज़ुर्ग की) नियाज़ करे, किसी बुजुर्ग को अल्लाह की बारगाह में सिफ़ारिश करने वाला समझे तो यह शिर्क है! और वह शख्स और " अबूज़हल" शिर्क में बराबर हैं। [ मुआज़अल्लाह ]*_

_*📕 तक्वियतुल ईमान, सफा नं 20*_

_*✍🏻 (2).... यकीन जान लेना चाहिए की हर मख़्लूक ख्वाह छोटी हो या बड़ी [ जैसे अम्बिया, फरिश्ते, औलिया, उलामा, आम मुसलमान] अल्लाह की शान के आगे चमार से भी ज़्यादा ज़लील है। [मुआज़अल्लाह ]*_

_*📕 तक्वियतुल ईमान, सफा नं 30*_

_*✍🏻 (3).... अल्लाह के मकर (मक्कारी) से डरना चाहिए , धोके से डरना चाहिए कि अल्लाह बन्दों से मक्कारी भी करता है। [ मुआज़अल्लाह ]*_

_*📕 तक्वियतुल ईमान, सफा नं 76*_

_*✍🏻 (4).... तमाम नबी और खुद हुज़ूरﷺ अल्लाह के बेबस बन्दे हैं और हमारे बड़े भाई हैं। [मुआज़अल्लाह]*_

_*📕 तक्वियतुल ईमान, सफा नं 99*_

_*✍🏻 (5).... हुज़ूर अकरमﷺ मर कर मिट्टी में मिल गए। [मुआज़अल्लाह]*_

_*📕 तक्वियतुल ईमान, सफा नं 100, प्रकाशक :- दारूस्सलफिया मुम्बई*_

_*📮 जारी रहेगा....*_

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_*📕 क़रीना-ए-ज़िन्दगी भाग - 004 📕*_
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_*[क्या वहाबियों से निकाह करें?]*_

_*...वहाबियों से निकाह करने के मुताअ़ल्लिक़ इमाम इश्क़ो मुहब्बत मुजद्दिदे दीन व मिल्लत अज़ीमुल बरक़त आला हज़रत अश्शाह इमाम अहमद रज़ा खाँ [ रदिअल्लाहो तआला अन्हो ] अपनी "मलफ़ूज़ात" में इरशाद फरमाते हैं ।------*_

_*✍🏻 [इरशाद :-].... सुन्नी मर्द या औरत का शिया, वहाबी, देवबन्दी, नेचरी, कादयानी, जितने भी दीन से फिरे लोग है उनकी औरत या मर्द से निकाह नहीं होगा। अगर निकाह किया तो निकाह न हो कर सिर्फ़ ज़िना होगा। और औलाद ज़ायज़ न होकर नाज़ायज़ व हरामी कहलाएगी फ़तावा-ए-आलमगीरी में है-----*_

*لا یجوز النکاح المرتد*
*مع مسلمة ولا كافرة اصلية ولا مرتدة وكذالایجوز نكاح المرتدة مع احد*

_*☝☝ अगर कहीं लिखने मे गल़ती [mistake] हो तो जरूर बताऐं*_

_*📕 अ़लमलफ़ूज़ जिल्द नं 2, सफा नं 105*_

_*....अक्सर हमारे कुछ कम अक़्ल- न समझ सुन्नी मुसलमान जिन्हें दीन की माअ़लूमात व ईमान की अ़हमियत माअ़लूम नही होती वोह वहाबियों से आपस में रिश्ते जोड़ते है। कुछ बदनसीब सब जानने के बावजूद वहाबियों से आपस में रिश्ता करते हैं!*_

_*....कुछ सुन्नी हज़रात ख़्याल करते हैं। कि वहाबी अ़क़ीदे की लड़की अपने घर ब्याह कर लाओ, फिर वोह हमारे माहौल में रहकर खुद-ब-खुद सुन्नी हो जाएगी अव्वल तो यह निकाह ही नही होता क्योंकि जिस वक्त यह निकाह हुआ उस वक्त तक लड़का सुन्नी और लड़की वहाबी अ़क़ीदे पर क़ायम थी। लिहाज़ा सिरे से ही यह निकाह नही हुआ*_

_*सैंकड़ो जगह तो यह देखा गया है कि किसी सुन्नी ने वहाबी घराने मे यह सोचकर रिश्ता किया कि हम समझा बुझा कर अपने माहौल में रखकर वहाबी से सुन्नी बना लेंगे लेकिन वह समझा कर सुन्नी बना पाते इससे पहले ही उस वहाबी रिश्तेदारों ने उन्हें कुछ ज़्यादा ही समझा दिया और अपना हम ख़्याल बनाकर सुन्नी से वहाबी बना डाला [ अल्लाह की पनाह ] सारी होश़ियारी धरी की धरी रह गयी और दीन व दुनिया दोनों बर्बाद हो गये*_

_*....यह बात हमेशा याद रखिए एक ऐसे शख्स को समझाया जा सकता है तो वहाबियों के बारे में हक़ीक़त से वाकिफ़ न हो लेकिन ऐसे शख़्स को समझा पाना मुम्क़िन ही नही जो सबकुछ जानता और समझता है। औलमा-ए-देवबन्द [ वहाबियों ] की हुज़ूरﷺ अम्बिया-ए-किराम, बुजुरगाने दीन, की शाने अ़क्दस में गुस्ताख़ियों को समझता है। उनकी किताबों में यह सब गुस्ताख़ाना बातों को पढ़ता है लेकिन इस सबके बावजूद यह कहता है कि यह [ वहाबी ] तो बहुत अच्छे लोग हैं इन्हें बुरा नहीं कहना चाहिए। ऐसे लोगों को समझा पाना हमारे बस में नहीं।*_

_*✍🏻 [आयत :-].... अल्लाह तआला---ऐसे लोगों के मुत्अ़ल्लिक़ इरशाद फरमाता है-----*_

_*👉🏻 तर्जुमा :-.... अल्लाह ने उनके दिलों पर और कानों पर मुहर कर दी और उनकी आँखों पर घटा टूप है और उनके लिए बड़ा अज़ाब़ है*_

_*📕 तर्जुमा :- कन्जुल इमान पारा 1, सूरह ए बखरा, आयत नं 7*_

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_*....लिहाज़ा जरूरी व अहम फर्ज है कि ऐसे लोगों से जिनके दिलों पर अल्लाह ने मोहर [ seal छाप ] लगा दी हो उनसे रिश्ता न क़ायम करें वर्ना शादी शादी न होकर ज़िना रह जाएगी।*_

_*अल्हमदुलिल्लाह आज दुनिया में सुन्नी लड़कियों और लड़कों की कोई कमी नहीं है। और इन्शा अल्लाह तआला अहले सुन्नत व ज़माअत के मानने वाले क़यामत तक बड़ी तादाद में शानो शौक़त के साथ क़ायम रहेंगे*_

_*📮 जारी रहेगा....*_

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*मेहमान चले गए, अब सिर्फ घर वाले रह गए..*
24/04/2023

*मेहमान चले गए, अब सिर्फ घर वाले रह गए..*

24/04/2023
     #ज़िम्मेदारकौन  #दीनपढ़ाओबेटीबचाओ
20/04/2023

#ज़िम्मेदारकौन #दीनपढ़ाओबेटीबचाओ

Alhamdulillah Dargahe aala hazrat pr hazri nasib huiMaslak e aala hazrat zindabaad ❤️❤️❤️💞💞💞
07/04/2023

Alhamdulillah Dargahe aala hazrat pr hazri nasib hui
Maslak e aala hazrat zindabaad ❤️❤️❤️💞💞💞

07/04/2023

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