08/12/2025
आजकल के बेरोजगार युवाओं के लिए एक कड़वी सच्चाई…....
जैसे ही कोई भी सरकारी नौकरी का नोटिफिकेशन आता है—चाहे रेलवे, SSC, पुलिस, बैंक या यहाँ तक कि होमगार्ड ही क्यों न हो—तुरंत बाज़ार में सैकड़ों कोचिंग सेंटर, ट्यूशन, ऑनलाइन क्लास और नए–नए “स्पेशल कोर्स” सक्रिय हो जाते हैं।
यूँ लगता है मानो नौकरी कम और कोचिंग की मार्केटिंग ज़्यादा शुरू हो जाती है।
कहीं लिखा मिलता है—“बस ये किताब ले लो, 100% सेलेक्शन गारंटी।”
कहीं सुनने को मिलता है—“हमारा प्रीमियम कोर्स कर लो, नौकरी पक्की समझो।”
लेकिन सच्चाई क्या है?
इनमें से ज़्यादातर लोग चाहते हैं आपकी नौकरी नहीं,
बल्कि अपनी किताबें और कोर्स बिकें।
भर्ती आते ही
— यूट्यूब वीडियो बनते हैं,
— सोशल मीडिया भर जाता है,
— विज्ञापन चलने लगते हैं,
और छात्रों की बेचैनी को “कमाई का मौका” बना लिया जाता है।
कई छात्र बिना सोचे–समझे किताबें बदलते रहते हैं—
कभी यह कोचिंग, कभी वह कोचिंग,
लेकिन अंत में एहसास होता है कि
सेलेक्शन किसी शॉर्टकट से नहीं मिलता।
सरकारी नौकरी की तैयारी में काम आता है—
✔ नियमित मेहनत
✔ सही दिशा
✔ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र
✔ निरंतर अभ्यास
✔ और खुद पर भरोसा
कोचिंग संस्थानों को फर्क सिर्फ एक चीज़ से पड़ता है—
उनकी बिक्री।
इसीलिए हर नई भर्ती इनके लिए “त्योहार” की तरह होती है, जहाँ दुकानें सबसे पहले वही खोलते हैं।
सच्चाई यही है—
सरकारी नौकरी एक कोचिंग, एक किताब या एक वीडियो से नहीं मिलती।
यह मिलती है आपकी मेहनत, अनुशासन और ईमानदार तैयारी से।
इसलिए छात्रों को चाहिए—
— दिखावे वाले वादों से दूर रहें,
— महंगे कोर्स की चमक में न पड़ें,
— और अपनी पढ़ाई पर विश्वास रखें।
किताबें बहुत लोग बेचेंगे,
लेकिन करियर आपकी खुद की मेहनत ही बनाएगी।
giri ganesh