01/07/2026
R Times News | विशेष रिपोर्ट
मुख्यमंत्री योगी ने बरेली को दी आधुनिक स्वच्छता की सौगात, 51 नए वेस्ट मैनेजमेंट वाहनों को दिखाई हरी झंडी
सीएनजी आधारित कूड़ा वाहन, रोबोटिक सीवर क्लीनिंग मशीन और जेसीबी से बदलेगी शहर की सफाई व्यवस्था
बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने बरेली दौरे के दौरान नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 51 नए वेस्ट मैनेजमेंट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के संचालन से शहर के 80 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को नई गति मिलेगी और सफाई व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित, तेज तथा पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी। कार्यक्रम का आयोजन सर्किट हाउस परिसर में किया गया, जहां मुख्यमंत्री ने नगर निगम की स्वच्छता संबंधी योजनाओं की समीक्षा भी की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जब तक आम जनता इसमें सक्रिय भागीदारी नहीं करेगी, तब तक किसी भी शहर को स्थायी रूप से स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में कूड़ा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके से संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री द्वारा रवाना किए गए वाहनों में सीएनजी आधारित कूड़ा संग्रहण वाहन शामिल हैं, जिनका उद्देश्य घर-घर से कूड़ा एकत्र कर उसे निर्धारित प्रोसेसिंग केंद्र तक पहुंचाना है। इससे डीजल चालित वाहनों पर निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। नगर निगम का दावा है कि इन वाहनों के संचालन से शहर में नियमित सफाई सुनिश्चित होगी तथा नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक रोबोटिक मैनहोल और सीवर क्लीनिंग मशीनों का भी शुभारंभ किया। इन मशीनों की मदद से सीवरों की सफाई बिना किसी कर्मचारी को मैनहोल में उतारे की जा सकेगी। इससे सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा को समाप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मशीनें 360 डिग्री तकनीक के माध्यम से सीवरों की सफाई करने में सक्षम हैं।
नगर निगम को जेसीबी और अन्य भारी मशीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिनका उपयोग नालों की सफाई, कूड़े के निस्तारण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में किया जाएगा। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ये मशीनें काफी उपयोगी साबित होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने शहर में निर्माणाधीन सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए ताकि कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि केवल कूड़ा उठाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका पर्यावरण अनुकूल प्रसंस्करण भी उतना ही आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में स्वच्छता के प्रति नई सोच विकसित की है। उत्तर प्रदेश सरकार इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नगर निकायों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर स्वस्थ समाज की पहचान होते हैं और इससे पर्यटन, निवेश तथा रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि नए सीएनजी वाहन घरों से अलग-अलग प्रकार के कचरे का संग्रहण करेंगे। नागरिकों को गीला, सूखा, सैनिटरी तथा विशेष श्रेणी के कचरे को अलग-अलग देने के लिए जागरूक किया जाएगा। इससे रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे सड़क, नाले और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फेंकें तथा नगर निगम के कर्मचारियों का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता केवल सरकारी मशीनरी की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इन वाहनों के संचालन से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पहले जहां कई क्षेत्रों में समय पर कूड़ा नहीं उठ पाता था, वहीं अब नियमित रूप से प्रत्येक वार्ड में वाहन पहुंचेंगे। इससे खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली केवल सफाई तक सीमित नहीं होती बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास का महत्वपूर्ण आधार है। वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण से प्रदूषण कम होगा, बीमारियों का खतरा घटेगा और शहर की समग्र छवि बेहतर बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण भी किया और कहा कि स्वच्छता तथा हरियाली दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि शहर स्वच्छ और हराभरा होगा तो नागरिकों का जीवन स्तर स्वतः बेहतर होगा।
बरेली नगर निगम के लिए यह पहल एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस नए वाहन और मशीनें आने वाले समय में शहर की सफाई व्यवस्था को नई दिशा देंगी। यदि नागरिक भी प्रशासन का सहयोग करें और कचरा पृथक्करण जैसी आदतों को अपनाएं, तो बरेली स्वच्छता के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी शहरों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।