Dainik Shastra

Dainik Shastra दैनिक शस्त्र हिंदी समाचार पत्र बरेली उत्तर प्रदेश से प्रकाशित संपादक सुशील बाबू सागर

5 जून 2026 दैनिक शास्त्र हिंदी समाचार पत्र के बरेली पीलीभीत जौनपुर सीतापुर लखनऊ राज्य प्रदेश से जुड़ी प्रमुख खबरें
05/06/2026

5 जून 2026 दैनिक शास्त्र हिंदी समाचार पत्र के बरेली पीलीभीत जौनपुर सीतापुर लखनऊ राज्य प्रदेश से जुड़ी प्रमुख खबरें

31/05/2026

उसे सिर्फ तुम्हें( लड़की) अपना बयान बदलना है,, बाकी तुम्हारा आसमान जमीन और सब कुछ बदल जाएगा देखिए प्यार की अजब गजब इंटरेस्टिंग स्टोरी

सोनभद्र के रहने वाले कल्लू का अपने ही गांव की रहने वाली बिपाशा से पिछले 8 साल से प्रेम प्रसंग था,, बिपाशा की इस साल दिसंबर में शादी थी. लड़की ने कल्लू से कहा जानू मैं उस लड़के से शादी नहीं करूंगी अगर तुम मुझसे सच्चा प्यार करते हो तो मुझे भगा ले चलो

बेचारा अभागा प्रेमी, मरता क्या ना करता, लड़की को भगा ले गया और मंदिर में शादी भी कर ली

लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अब दोनों को खोज निकाला,, लड़की ने अपने पिता की खूंखार शक्ल देखी और तुरंत ही अपना बयान बदल दिया

लड़की ने बयान में बताया कि कल्लू उसको जबरन ब्लैकमेल करके ले गया था, फिर ब्लैकमेल करके ही शादी की और जबरन उसके साथ संबंध भी बनाएं

अब कल्लू 376 में जेल जा रहे हैं। 😃

31 मई 2026 दैनिक शस्त्र हिंदी समाचार की पत्र की प्रमुख खबरें              toaday
31/05/2026

31 मई 2026 दैनिक शस्त्र हिंदी समाचार की पत्र की प्रमुख खबरें

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सरकारी विज्ञापन पर भारत सरकार ने 26% की वृद्धि क्यों की। सरकार प्रिंट मीडिया को अपने बस में करना चाहती हैभारत की मोदी सर...
30/05/2026

सरकारी विज्ञापन पर भारत सरकार ने 26% की वृद्धि क्यों की। सरकार प्रिंट मीडिया को अपने बस में करना चाहती है

भारत की मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में प्रिंट मीडिया के विज्ञापन पर 851 करोड़ रुपए खर्च किए है जो सिर्फ केंद्र सरकार के प्रिंट मीडिया विज्ञापन का आंकड़ा है जबकि राज्य सरकारों की बात करें तो राज सरकार भी बड़े स्तर पर प्रिंट मीडिया दैनिक समाचार पत्रों को विज्ञापन देती है

2026 में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश भर के प्रिंट मीडिया अख़बारों को दिए जाने वाले विज्ञापन की दर 26 प्रतिशत बढ़ा दी है जबकि इससे पहले 2019 में 25 प्रतिशत और 2013 में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी सरकार ने की थी.
भारत सरकार की सूचना एवं प्रशांत मंत्रालय की विज्ञापन रेट दर और विज्ञापन किस-किस समाचार पत्र को देना है यह तय करने का काम सीबीसी

स्ट्रक्चर कमेटी करती है यह कमेटी अख़बारों का खर्च, कागज़ की कीमत और कुछ अन्य तथ्यों को ध्यान में रखकर विज्ञापन की नई दरों को तय करती है.
बता दें कि भारत में मीडिया विज्ञापन डिस्ट्रीब्यूशन का काम सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ कम्युनिकेशन ऑपरेट करती है जबकि पूर्व में इसे डीएवीपी यानी डायरेक्टरेट ऑफ एडवरटाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी के नाम से जाना जाता था.
भारत सरकार के प्रिंट मीडिया अखबारों विज्ञापन की दरें सीबीसी के जरिए निर्धारित होती है इस प्रकार राज सरकार भी इस दर पर अखबारों को विज्ञापन देते हैं

और यह जो रेट तय करती है अमूमन उसी दर को राज्य सरकारें भी लागू करती हैंह मीडिया के अखबारों को सरकारी विज्ञापन प्राप्त करने के लिए सीबीसी के मापदंड को पालन करते हुए वहां पर अपने समाचार पत्रों को सूचीबद्ध करना पड़ता है जो समाचार पत्र सूचीबद्ध हो जाते हैं उनकी समाचार पत्र की प्रशन के हिसाब से सीबीसी विज्ञापन दर तय करती है

सीबीसी का सलाहकार समिति का एक पैनल गठित जाता है। यह समिति यह तय करती है कि किसको कितना विज्ञापन देना है और इसकी मंजूरी मिलने के बाद मिलना शुरू हो जाते हैं लेकिन मापदंड को पूरा न करने के कारण विज्ञापन रुक भी जा सकते हैं। मतलब कि सीबीसी की सलाहकार समिति विज्ञापन को देने और रोकने का अधिकार सुरक्षित रखती है।

विज्ञापन पात्रता की अंतिम मंजूरी यही समिति सीबीसी तय करती है,
संपादकीय या लेख जस का तस छापना या फिर अखबार की प्रसार संख्या की गलत जानकारी देना जैसी कर्म से विज्ञापन रोके जा सकते हैं

आजकल भारत में दैनिक समाचार पत्र जो सीबीसी द्वारा विज्ञापन प्राप्त कर रहे हैं वह लगातार सरकार की तारीफ कर दें जिसके कारण उन्हें लगातार विज्ञापन मिलते रहते हैं लेकिन जो समाचार पत्र सरकार की आलोचना करते हैं उनके विज्ञापन रोक दिए जाते हैं इसलिए बड़े प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र सरकार के खिलाफ सबूत होने के बाद भी खबर प्रकाशित नहीं करते अगर उन्हें धोखाधड़ी से सरकार के खिलाफ कुछ उल्टा सीधा लिखा तो उनके विज्ञापन रोक दिए जाते हैं सरकार प्रिंट मीडिया को बस में करने के लिए लगातार विज्ञापन दर रेट बढ़ते जा रहे हैं ताकि अखबारों को फायदा हो और सरकार की छवि धूमिल ना हो। यह समझकर भारत सरकार दैनिक समाचार पत्रों पर अपना वर्चस्व कम रखने के लिए 2026 में 26% विज्ञापन दर पर वृद्धि कर चुकी है।
लेखक दैनिक शस्त्र टीम

27/05/2026

डीआईजी रेंज बरेली अजय कुमार साहनी ने बकरा ईद के लिए दिए सख्त निर्देश

27/05/2026
27/05/2026

UP की युवती को सूरत में मिली भयावह मौत...

गुजरात के सूरत में लव मैरिज करने वाली महविश खातून (22) की उसी के पति शिवम रणजीत ने गला घोंटकर हत्या कर दी। शिवम के लिए महविश ने घर - धर्म सब छोड़ दिया था। पति की आशिकी किसी और महिला से चल रहीं थी, महविश ने विरोध किया तों उसे मौत की नींद सोना पड़ा। अब शिवम अरेस्ट है।
युवक व युवती UP के अम्बेडकरनगर निवासी थे।

3 वर्ष पहले किया था विवाह...

महविश व शिवम ने 3 वर्ष पहले हिन्दू रीति रिवाज़ से मंदिर में विवाह किया था। हालांकि दोनों विवाह से कई वर्ष पहले घर से भाग गए थे। तब युवती की आयु कम थी। युवक ने उसके बालिग़ होते ही विवाह कर लिया था। युवती ने पति का धर्म ही अपना लिया था।

दैनिक शस्त्र संपादकीय पेज 27 मई 2026
26/05/2026

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