29/05/2026
टीबी नाम की बीमारी असल में होती क्या है?
टीबी यानी Tuberculosis एक संक्रामक बैक्टीरियल बीमारी है। यह बीमारी Mycobacterium tuberculosis नाम के बैक्टीरिया से होती है। टीबी ज़्यादातर फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन यह शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे हड्डी, रीढ़, दिमाग, किडनी या लिम्फ नोड्स में भी हो सकती है। WHO के अनुसार टीबी आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करती है और हवा के ज़रिए फैलती है।
टीबी कैसे फैलती है?
जब फेफड़ों की टीबी वाला व्यक्ति खाँसता, छींकता, बोलता या थूकता है, तो उसके मुँह से बहुत छोटे-छोटे संक्रमित कण हवा में फैल सकते हैं। इन्हें ड्रॉपलेट्स कहा जाता है। अगर दूसरा व्यक्ति इन कणों को साँस के साथ अंदर ले ले, तो टीबी के बैक्टीरिया उसके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। CDC के अनुसार टीबी हवा के ज़रिए व्यक्ति से व्यक्ति में फैलती है, खासकर बंद या कम हवादार जगहों में।
यह बात ध्यान रखने वाली है कि टीबी हाथ मिलाने, साथ बैठने या खाना छूने मात्र से सामान्यतः नहीं फैलती। फैलने का मुख्य रास्ता संक्रमित व्यक्ति की साँस से निकले बैक्टीरिया का हवा में जाना और दूसरे व्यक्ति द्वारा उसे साँस के साथ अंदर लेना है।
टीबी के मुख्य लक्षण
टीबी के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं, इसलिए कई बार लोग शुरुआत में इसे सामान्य खाँसी समझ लेते हैं। इसके आम लक्षण हैं:
लगातार खाँसी, खासकर 2–3 हफ्ते से ज़्यादा चलने वाली खाँसी।
बुखार, जो अक्सर हल्का-हल्का बना रह सकता है।
वजन कम होना, बिना किसी स्पष्ट कारण के।
कमज़ोरी और थकान, शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना।
रात में पसीना आना, खासकर सोते समय।
खून वाला बलगम, यानी खाँसी के साथ बलगम में खून आना।
CDC के अनुसार सक्रिय टीबी में कमजोरी, वजन घटना, बुखार और रात में पसीना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।
क्या टीबी सिर्फ फेफड़ों में होती है?
नहीं। टीबी सबसे ज़्यादा फेफड़ों में होती है, जिसे Pulmonary TB कहा जाता है। लेकिन यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी हो सकती है, जिसे Extra-pulmonary TB कहते हैं। जैसे हड्डियों की टीबी, दिमाग की टीबी, किडनी की टीबी या लिम्फ नोड्स की टीबी।
फेफड़ों या गले की सक्रिय टीबी दूसरों में फैल सकती है, जबकि शरीर के दूसरे हिस्सों की टीबी सामान्यतः उसी तरह संक्रामक नहीं होती। CDC बताता है कि फेफड़ों या गले की सक्रिय टीबी फैलने की संभावना रखती है।
टीबी की जाँच कैसे होती है?
अगर किसी व्यक्ति को 2–3 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी, बुखार, वजन घटना या रात में पसीना जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से जाँच करानी चाहिए। टीबी की जाँच में आमतौर पर ये टेस्ट किए जा सकते हैं:
बलगम टेस्ट — खाँसी से निकले बलगम में टीबी के बैक्टीरिया की जाँच।
चेस्ट X-ray — फेफड़ों में टीबी से जुड़े बदलाव देखने के लिए।
GeneXpert टेस्ट — टीबी बैक्टीरिया और कुछ दवा-प्रतिरोधी टीबी की पहचान में मदद करता है।
ब्लड टेस्ट या स्किन टेस्ट — शरीर में टीबी संक्रमण की संभावना जानने के लिए।
डॉक्टर मरीज की स्थिति, लक्षण और रिपोर्ट देखकर सही टेस्ट तय करते हैं।
टीबी का इलाज कैसे होता है?
अच्छी बात यह है कि टीबी का इलाज संभव है। लेकिन इसका इलाज कुछ दिनों की दवा से नहीं होता। आमतौर पर टीबी की दवाएँ कई महीनों तक नियमित रूप से लेनी पड़ती हैं। बहुत से मामलों में इलाज लगभग 6 से 9 महीने तक चल सकता है, लेकिन अवधि मरीज की स्थिति और टीबी के प्रकार पर निर्भर करती है।
सबसे ज़रूरी बात यह है कि दवा बीच में बंद नहीं करनी चाहिए। अगर मरीज दवा बीच में छोड़ देता है, गलत तरीके से लेता है या पूरा कोर्स नहीं करता, तो टीबी दोबारा हो सकती है और MDR-TB यानी दवा-प्रतिरोधी टीबी का खतरा बढ़ सकता है। WHO बताता है कि दवाओं का गलत इस्तेमाल या इलाज बीच में रोकना ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी का कारण बन सकता है।
टीबी से बचाव कैसे करें?
टीबी से बचाव के लिए कुछ सरल लेकिन बहुत ज़रूरी सावधानियाँ अपनानी चाहिए:
खाँसते या छींकते समय मुँह ढकें।
कमरे में साफ हवा और वेंटिलेशन रखें।
बहुत भीड़ और बंद जगहों में सावधानी रखें।
अगर टीबी हो गई है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज करें।
बच्चों में BCG वैक्सीन गंभीर टीबी से सुरक्षा में मदद कर सकती है।
CDC के अनुसार, टीबी के फैलाव को रोकने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है कि मरीज अपनी दवाएँ डॉक्टर के निर्देशानुसार पूरी तरह ले।
याद रखें
हर लंबी खाँसी टीबी नहीं होती, लेकिन 2–3 हफ्ते से ज़्यादा खाँसी, वजन घटना, बुखार, रात में पसीना या खून वाला बलगम हो, तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। समय पर जाँच और पूरा इलाज टीबी को ठीक करने और दूसरों तक फैलने से रोकने में बहुत मदद करता है।
टीबी छुपाने वाली बीमारी नहीं है, इलाज कराने वाली बीमारी है।
Narendra Singh Maurya
📞7599296504