02/08/2026
बात आगामी पंचायत चुनाव की...
अथमलगोला प्रखंड और फुलेलपुर मेऊरा पंचायत: पंचायत की राजनीति में पदस्थ और अपदस्थ तमाम चेहरों के बीच चमरू पासवान की एक अलग और खास पहचान है।खास पहचान है-"चमरू पासवान का सीधा-सरल स्वभाव और पंचायत के तमाम लोगों से जुड़ाव।"
चर्चा है कि अपने स्वभाव के बलबूते चमरू पासवान ने खुद को पंचायत वासियों के दिलों में स्थापित किया।लोग बताते हैं कि पंचायत की राजनीति में उनकी यह कमाई उनके एक दिन की मेहनत की कमाई नहीं है, बल्कि पिछले दस वर्षों से गरीब-गुरबों, वंचितों, युवाओं और बड़े बुजुर्गो के साथ उनके मधुर संबंध का यह नतीजा है,चाहे वो अगड़े वर्ग के हों या पिछड़े वर्ग के हों या फिर अनुसूचित जाति के हों। सबों के बीच खुद की जगह बनाई और चमरू पासवान की यही छवि पंचायत चुनाव -2021 में उन्हें पंचायत की राजनीति में स्थापित कर दिया। पंचायत की जनता ने अपना पूरजोर समर्थन और सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें पंचायत समिति सदस्य बना दिया।साल -2026 के आखिरी में बतौर पंचायत समिति सदस्य चमरू पासवान का कार्यकाल पूरे होने को हैं। अब आगे पंचायत की सत्ता-संग्राम में वे उतरेंगे या नहीं, स्वयं लड़ेंगे या परिवार के कोई अन्य सदस्य। ऐसे तमाम तरह के सवालों का जबाव उनकी ओर से इस रूप में सामने आया कि वो मुखिया पद के लिए चुनावी मैदान में उतरेंगे,बशर्ते सबकुछ ठीक ठाक रहा।
उनका मानना है कि पंचायत समिति सदस्य पद पर रहकर व्यापक पैमाने पर उन्होंने पंचायत का विकास नहीं किया।वजह रहा-"सीमित फंड"। सीमित फंड के कारण वे पंचायत की जनता के उम्मीदों पर उतना खरा नहीं उतर पाए जितना उनकी स्वयं की भी इच्छा थी।लिहाजा आगामी पंचायत चुनाव में उनकी पहली प्राथमिकता और पहली पसंद है-"मुखिया पद।" इसके लिए वे अभी से ही मन कर्म और वचन से तैयार हैं और कुछेक को छोड़ पंचायत की बहुसंख्य जनता पर उन्हें भरपूर भरोसा भी है।
"कैसा रहा कार्यकाल?"
चमरू पासवान का कार्यकाल मिला-जुला कर अच्छा ही रहा। अपने कार्यकाल में उन्होंने गली-नाली आदि का काम कराया,भले ही सीमित फंड होने के कारण पंचायत में जिस प्रकार के विकास की दरिया बहाने का उनका इरादा रहा वैसा वो कर नहीं पाए। लिहाजा इस बार वो मुखिया पद पर चुनाव लड़ने को लेकर खुद को तैयार कर रखें हैं और जीत हो या हार वो हर अंजाम को झेलने के लिए तैयार हैं। बताया जाता है कि पिछले 10 वर्षों में चमरू पासवान ने खुद को पंचायत में बखूबी स्थापित कर लिया है। लिहाजा उन्हें हल्के में लेना उनके प्रतिद्वंदियों के लिए ख़तरनाक भी साबित हो सकता है।
बाइट -चमरू पासवान
पंचायत समिति सदस्य,फुलेलपुर मेऊरा पंचायत, अथमलगोला (पटना)
रिपोर्ट @ राजेश कुमार