30/09/2026
जमीन से जुड़े कार्यकर्ता की पहचान—रमेश सिंह इंदा
भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रमेश सिंह इंदा उन कार्यकर्ताओं में हैं, जिन्होंने पिछले करीब 25 वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की सेवा की है।
राजनीति में ऐसे कई दौर आए, जब पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत कारणों या परिस्थितियों के चलते पार्टी का साथ छोड़ा और बाद में वापस लौटे। लेकिन रमेश सिंह इंदा हर परिस्थिति में पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने हमेशा व्यक्ति से ऊपर संगठन और पार्टी को प्राथमिकता दी और एक सच्चे पार्टीवादी कार्यकर्ता की पहचान कायम रखी।
उनकी इसी निरंतर निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन्हें जिला उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। नगर निकाय चुनावों में भी उनकी अहम भूमिका रही और अब पंचायतीराज चुनावों में भी संगठन को उनसे महत्वपूर्ण भूमिका की उम्मीद है।
सबसे खास बात यह है कि पद और जिम्मेदारी बढ़ने के बावजूद रमेश सिंह इंदा के पैर आज भी जमीन पर हैं। अक्सर बड़े पद और बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद कुछ लोग गली-नुक्कड़ पर अपनी उपलब्धियों का बखान करने लगते हैं या अपने आसपास चापलूसों की बड़ी फौज खड़ी कर खुद को सर्वेसर्वा साबित करने में जुट जाते हैं।
लेकिन रमेश सिंह इंदा आज भी उसी सहजता के साथ एक सामान्य पार्टी कार्यकर्ता की तरह कार्यकर्ताओं के बीच नजर आते हैं।
कामयाबी हासिल करना बड़ी बात है, लेकिन कामयाबी को पचा पाना उससे भी बड़ी बात है। और यही खूबी रमेश सिंह इंदा को अलग पहचान देती है।
25 साल की निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और पद मिलने के बाद भी जमीन से जुड़ाव—इसी को असली कार्यकर्ता की पहचान कहा जाता है।
संगठन के प्रति आपकी यह निष्ठा और सहजता यूं ही बनी रहे।