29/04/2026
व्यवस्था की क्रूरता: बैंक ने माँगा जिंदा होने का सबूत, तो कंकाल कंधे पर लादकर पहुँच गया मजबूर भाई!
शर्मनाक! जहाँ इंसानियत हार गई: ₹19,300 के लिए बहन का कंकाल कंधे पर ढोने को मजबूर हुआ ये गरीब।
ये मार्मिक वीडियो ओडिशा के एक गरीब आदिवासी जीतू मुंडा को अपनी बहन कालरा मुंडा के बैंक खाते से सिर्फ 19,300 रुपये निकालने थे। बैंक ने कहा - खाताधारक को लाओ या डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस का प्रमाण दो।
गरीबी, लाचारी और व्यवस्था की बेरुख़ी ने जीतू को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया कि उसने बहन की कब्र खोदी, कंकाल को बोरी में भरा और 5 किलोमीटर कंधे पर लादकर बैंक पहुंच गया।
सच में ये AC दफ्तर में बैठे लोग गरीबी का मजाक बना के रख देते है।
यह तस्वीर “विश्वगुरु” और “बड़ी अर्थव्यवस्था” के दावों के पीछे छिपे असली भारत की है - जहाँ गरीब आज भी सम्मान नहीं, सिर्फ अपमान पाता है।