11/10/2026
बाड़मेर जिला परिषद चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला परिषद वार्ड संख्या 10 से प्रभा चौधरी के भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। वहीं, वार्ड संख्या 34 से मनोहर सिंह पाबड़ा के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।
यदि भाजपा संगठन से हरी झंडी मिलती है, तो भाई-बहन की यह जोड़ी पंचायतीराज चुनावों के जरिए अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भाजपा पाबड़ा परिवार को कोई बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी देने की तैयारी में है?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा पाबड़ा और कड़वासरा परिवारों के जरिए जाट वोट बैंक को साधने की रणनीति बना सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
दूसरी ओर, कांग्रेस के वर्तमान जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा के भी जिला परिषद चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं हैं। वार्ड संख्या 34 से उनके चुनाव लड़ने की चर्चा ने राजनीतिक समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है।
लक्ष्मण सिंह गोदारा का पाबड़ा परिवार से पारिवारिक रिश्ता है। वे लालचंद पाबड़ा और जैसलमेर के पूर्व प्रधान मूलाराम के भांजे हैं। ऐसे में यदि वार्ड संख्या 34 में मनोहर सिंह पाबड़ा और लक्ष्मण सिंह गोदारा आमने-सामने आते हैं, तो मुकाबले पर सबकी नजरें रहेंगी।
सियासी चर्चाओं के मुताबिक, भाजपा कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में चुनौती देने की रणनीति पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, मनोहर सिंह पाबड़ा और लक्ष्मण सिंह गोदारा के चुनाव लड़ने को लेकर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।
राजनीतिक चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस लक्ष्मण सिंह गोदारा के लिए वार्ड संख्या 25 या 29 जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती है। लेकिन वे वास्तव में जिला परिषद चुनाव लड़ेंगे या नहीं और किस वार्ड से मैदान में उतरेंगे, इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बाड़मेर जिला प्रमुख पद को लेकर भी राजनीतिक दलों में संभावित समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है। अटकलें हैं कि कांग्रेस किसी मुस्लिम चेहरे को जिला प्रमुख पद के लिए आगे कर सकती है। वहीं, भाजपा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पाबड़ा परिवार को प्रमुखता देने की रणनीति अपना सकती है। फिलहाल, दोनों दलों की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस बार पंचायतीराज चुनावों में परिवार, समाज, संगठन और जिला प्रमुख पद के संभावित दावेदारों के बीच सियासी गणित काफी रोचक होता दिखाई दे रहा है। पाबड़ा परिवार की युवा पीढ़ी की संभावित चुनावी एंट्री ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
अब बड़ा सवाल—क्या प्रभा चौधरी और मनोहर सिंह पाबड़ा चुनावी मैदान में उतरेंगे? क्या भाजपा पाबड़ा परिवार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपेगी? और क्या लक्ष्मण सिंह गोदारा के चुनाव लड़ने से वार्ड संख्या 34 का मुकाबला दिलचस्प होगा?
बाड़मेर की राजनीति में आने वाले दिनों में कई नए समीकरण सामने आ सकते हैं। अब सबकी नजरें भाजपा और कांग्रेस की आधिकारिक प्रत्याशी सूची पर टिकी हैं।
यह राजनीतिक संभावनाओं और चर्चाओं पर आधारित विश्लेषण है। प्रत्याशियों, वार्डों और पार्टी की रणनीति की अंतिम पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
प्रेमाराम भादू ✍️
द तेजल मीडिया