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वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026गंगा दशहरा पर जसदेर धाम से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का आगाजजसदेर तालाब की पूजा ...
25/05/2026

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026

गंगा दशहरा पर जसदेर धाम से वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का आगाज

जसदेर तालाब की पूजा अर्चना के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प।

आगामी पांच जून तक जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

बाड़मेर जिला मुख्यालय पर जसदेर धाम से गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की विधिवत शुरूआत हुई। इस दौरान जसदेर तालाब की पूजा अर्चना के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इधर, बाड़मेर जिले में जन जागरूकता के लिए विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन हुआ।
जसदेर धाम परिसर में पोकरण विधायक प्रतापपुरी, बाड़मेर विधायक डॉ .प्रियंका चौधरी, प्रभारी सचिव रोहित गुप्ता, जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल, समाजसेवी अनंतराम विश्नोई,किशोरसिंह कानोड़,देवीलाल कुमावत,रमेशसिंह इंदा,ईश्वरचंद नवल ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ तालाब की पूजा-अर्चना कर वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की शुरूआत की। इसके उपरांत जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने जसदेर धाम परिसर में पौधारोपण कर एक पेड़ मां के नाम, हरियालो राजस्थान एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने कहा कि भारतवासी प्रकृति प्रेमी रहे है। हमारी सदियों की जल स्त्रोतों रूपी धरोहर को बचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की पहल की है। उन्होंने कहा कि विशेषकर युवा पीढी को जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के साथ इसके लिए जन भागीदारी के साथ कार्य करना होगा। ताकि हम आने वाली पीढ़ी के लिए प्रकृति की इस अनुपम धरोहर को बचाकर रख सके। बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि बाड़मेर के लोग पानी की कीमत को वास्तविक रूप से जानते है। यहां पानी के घी से अधिक महंगे होने की कहावत रही है। उन्होंने कहा कि विशेषकर महिलाएं कई किमी दूरी से पानी लाती रही है। लेकिन मौजूदा समय में हम पानी की महत्ता को भूलते जा रहे है। कई बार पानी व्यर्थ बहता रहता है। उन्होंने कहा कि इस परिपाटी को बदलने एवं जल तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर कार्य करने की जरूरत है। विधायक डॉ.चौधरी ने कहा कि परंपरागत जल स्त्रोतों के संरक्षण के साथ उनकी सफाई करें और अधिकाधिक पौधारोपण करें। उन्होंने अभियान में जन भागीदारी के साथ जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की बात कही। ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल विरासत बचाकर रखा जा सके। कार्यक्रम की शुरूआत में समाजसेवी अनंतराम विश्नोई ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद कीमती है,इसको व्यर्थ नहीं बहाएं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक इस अभियान से जुड़कर जल एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत ने कार्यक्रम में सहभागिता के लिए सबका आभार जताते हुए इस अभियान में आमजन से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार, उपवन संरक्षक सविता दहिया, यूआईटी सचिव श्रवणसिंह राजावत, उपखंड अधिकारी यशार्थ शेखर,तहसीलदार हुकमीचंद, अधीक्षण अभियंता हजारीराम बालवा, फरसाराम गौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सहायक वन संरक्षक छोटूसिंह भाटी, अधिशाषी अभियंता हनुमानराम चौधरी, विकास अधिकारी प्रदीप इनाणिया, नीतू व्यास, समाजसेवी कैलाश कोटड़िया, मूलसिंह राजपुरोहित समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण,विभागीय अधिकारी,गणमान्य नागरिक एवं बड़ी तादाद में महिलाएं उपस्थित रही। कार्यक्रम की शुरूआत में जन प्रतिनिधियों, प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर समेत अन्य अतिथियों को वन विभाग की ओर से तुलसी के पौधे स्मृति चिन्ह के तौर पर भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भगवान बारूपाल ने किया। इस दौरान बाड़मेर डॉ प्रियंका चौधरी के विधायक स्थानीय कोष से 10 दिव्यांगों को स्कूटी वितरित की गई l इस अभियान के तहत आगामी 5 जून तक जल संरक्षण, वर्षा जल संग्रहण, स्वच्छता, पौधरोपण, जल स्रोतों की सफाई, पर्यावरण जागरूकता रैलियां, श्रमदान, संगोष्ठियां एवं जन भागीदारी आधारित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से आमजन में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता विकसित करने एवं जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। इधर,जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बायतु उपखंड कार्यालय घेराव को लेकर ग्रामीणों का आगमन शुरू !बिजली पानी सड़क आदान अनुदान फसल बीमा क्लेम सहित विभिन्न मांगो...
25/05/2026

बायतु उपखंड कार्यालय घेराव को लेकर ग्रामीणों का आगमन शुरू !
बिजली पानी सड़क आदान अनुदान फसल बीमा क्लेम सहित विभिन्न मांगों को लेकर आज बायतु SDM कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है ।

22/05/2026

राजस्थान में 31 जुलाई तक कराने होंगे पंचायत-निकाय चुनाव
हाईकोर्ट ने सरकार को दिया आदेश, 11 मई को पूरी हुई थी सुनवाई।
वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक रिपोर्ट देने के आदेश।

“मज़दूर आंदोलन जनसभा” के बाद प्रशासन और भाटी के बीच 3 घंटे चली वार्ता रही बेनतीजा, गिरल धरनास्थल पर लौटकर किया रात्रि वि...
20/05/2026

“मज़दूर आंदोलन जनसभा” के बाद प्रशासन और भाटी के बीच 3 घंटे चली वार्ता रही बेनतीजा, गिरल धरनास्थल पर लौटकर किया रात्रि विश्राम, आंदोलन का सोलहवां दिन भी जारी

बाड़मेर जिले के गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों का आंदोलन अब और अधिक निर्णायक चरण में पहुँचता दिखाई दे रहा है। 19 मई को गिरल (शिव, बाड़मेर) में आयोजित हुई विशाल “मज़दूर आंदोलन जनसभा” के बाद शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगभग तीन घंटे तक चली वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी।

लंबी बातचीत के बावजूद श्रमिकों की सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके बाद आंदोलन को जारी रखने का निर्णय लिया गया। वार्ता समाप्त होने के बाद शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी पुनः गिरल धरनास्थल पहुँचे और आंदोलनकारियों के बीच ही रात्रि विश्राम किया।

गौरतलब है कि गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा धरना अब सोलहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। लगातार भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला बरकरार दिखाई दे रहा है।

“कुछ मांगों पर अभी भी सहमति बाकी, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा” — रविन्द्र सिंह भाटी

वार्ता के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि प्रशासन के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन अभी भी श्रमिकों की कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनना बाकी है।

उन्होंने कहा कि जब तक मजदूरों और स्थानीय लोगों की वाजिब मांगों पर स्पष्ट और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

भाटी ने कहा,
“यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है। कुछ मांगों पर अभी भी सहमति बाकी है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। जब तक श्रमिक संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं।”

जनसभा के बाद भी बढ़ा आंदोलन का प्रभाव

19 मई को आयोजित “मज़दूर आंदोलन जनसभा” में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में श्रमिक, ग्रामीण, किसान, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुँचे थे। जनसभा के बाद आंदोलन को और अधिक व्यापक समर्थन मिलता दिखाई दिया।

धरनास्थल पर लगातार लोगों की भीड़ बढ़ रही है और स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन के समर्थन में पहुँच रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से श्रमिकों और स्थानीय युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है।

“मज़दूरों के हकों के लिए किसी भी हद तक जाऊँगा”

धरनास्थल पर मौजूद श्रमिकों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि वे मजदूरों के अधिकारों और हकों की लड़ाई को अंतिम परिणाम तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा,
“मज़दूरों के अधिकारों और हकों के लिए मैं किसी भी हद तक जाऊँगा। जिन लोगों ने वर्षों तक मेहनत कर इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया, आज उन्हीं लोगों को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर बैठना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

भाटी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजदूरों और आमजन की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की।

ये हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें

धरने पर बैठे श्रमिकों और ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में —

* कंपनी द्वारा निकाले गए 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों की पुनर्बहाली
* सभी कर्मचारियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू करना
* स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना
* श्रमिकों को नियमानुसार वेतन, बोनस और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाना
* श्रमिक सुरक्षा और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना

जैसी मांगें शामिल हैं।

लगातार सोलहवें दिन भी धरनास्थल पर डटे रहे भाटी

गौरतलब है कि शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी लगातार सोलह दिनों से आंदोलनकारियों के बीच मौजूद हैं। वे लगातार धरनास्थल पर रात्रि विश्राम कर रहे हैं और श्रमिकों के साथ बैठकर उनकी समस्याएँ सुन रहे हैं।

भीषण गर्मी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद उनका धरनास्थल पर डटे रहना आंदोलनकारियों के लिए बड़ा मनोबल बन चुका है। इससे पहले गर्मी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ने पर धरनास्थल पर ही डॉक्टरों को बुलाकर उपचार करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन नहीं छोड़ा।

पूरे क्षेत्र की निगाहें अब अगले निर्णय पर

प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अब पूरे क्षेत्र की निगाहें आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और बड़े स्तर तक ले जाया जा सकता है।

लगातार बढ़ते जनसमर्थन और राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के बीच गिरल लिग्नाइट माइंस का यह आंदोलन अब पूरे प्रदेश में चर्चा का प्रमुख विषय बन चुका है।

20/05/2026

बालोतरा जिले के सड़ा, पायला, सिंधारी, कनाना, जेठवंतरी सहित अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में लीज की आड़ में चल रहे अवैध बजरी खनन के खिलाफ आयोजित विशाल जनआक्रोश प्रदर्शन एवं जिला कलेक्टर कार्यालय घेराव में RLP नेता थान सिंह डोली हजारों ग्रामीणों के साथ शामिल हुए।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी हर उस जनसंघर्ष में मजबूती से खड़ी है, जहां जनता के हक, पर्यावरण संरक्षण और भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा रही है।

*पंचायतीराज सशक्तिकरण के साथ विकास योजनाआंे की क्रियान्विति मंे आसानी होगीः कुमारबाड़मेर मंे सचिव जी एआई लांच,पंचायतीराज ...
20/05/2026

*पंचायतीराज सशक्तिकरण के साथ विकास योजनाआंे की क्रियान्विति मंे आसानी होगीः कुमार
बाड़मेर मंे सचिव जी एआई लांच,पंचायतीराज संस्थाआंे को मिला डिजिटल प्लेटफार्म
सचिव जी एआई डिजिटल प्लेटफार्म पंचायतीराज सशक्तिकरण के साथ विकास योजनाआंे की प्रभावी क्रियान्विति मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह अभिनव पहल ग्रामीण जन प्रतिनिधियों तथा ग्राम पंचायत स्तरीय कार्मिकांे को तकनीकी रूप से पूर्णतः सक्षम बनाने मंे मददगार साबित होगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार ने बुधवार को जिला परिषद बाड़मेर एवं पीरामल पीरामल फाउंडेशन की संयुक्त पहल के तहत सचिव जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म की औपचारिक शुरुआत के अवसर पर यह बात कही।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार ने कहा कि इसकी क्रियान्विति बाड़मेर जिले की समस्त पंचायत समितियांे एवं ग्राम पंचायत स्तर पर करवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे उनको स्थानीय स्तर पर इसकी मदद से विकास योजनाआंे की क्रियान्विति समेत अन्य प्रकार की सारी जानकारी जन प्रतिनिधियांे एवं कार्मिकांे को मिल सकेगी। इससे पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार, जन प्रतिनिधियांे एवं पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। लॉन्चिंग से पहले बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण एवं आडेल पंचायत समिति के प्रशासकों के साथ बैठक आयोजित हुई। इसमें इस प्लेटफॉर्म की विशेषताओं और इसके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान पीरामल फाउंडेशन के कोर टीम मेम्बर बिश्वजीत दत्ता ने बताया कि इसके जरिए ग्राम पंचायत विकास योजना के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन,जल संरक्षण, जल बजटिंग, तालाब पुनर्जीवन एवं डी-सिल्टिंग कार्य,विभिन्न सरकारी योजनाओं के चयन एवं बेहतर क्रियान्वयन, पंचायत स्तर पर डेटा संग्रहण, विश्लेषण एवं डेटा-आधारित निर्णय लेने,पंचायत प्रशासन से जुड़े दैनिक कार्यों, रिपोर्टिंग एवं दस्तावेजीकरण में सहायता मिलेगी। पीरामल फाउंडेशन के विजेश कुमार ने बताया कि सचिव जी एआई पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक सरल, विश्वसनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल सहायक है। यह प्लेटफॉर्म हिंदी एवं स्थानीय भाषा में काम करेगा तथा पंचायत स्तर पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यावहारिक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करेगा। इस दौरान जन प्रतिनिधियों ने इस अभिनव पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब पंचायत स्तर पर योजनाएं बनाना, बजट तैयार करना, सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना और रिपोर्टिंग करना काफी आसान हो जाएगा। सचिव जी चौबीस घंटे उनके किसी भी प्रश्न का तत्काल और सही समाधान प्रस्तुत करेगा, जिससे समय की बचत के साथ-साथ कार्यों की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। इस दौरान कार्यक्रम निदेशक सुरभि अरोड़ा, कार्यकम प्रबंधक अकरम, पल्लवी एवं प्रोग्राम लीडर नितिशा समेत विभिन्न जन प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे l

बाड़मेर जिला मुख्यालय मंगलवार को उस समय राजनीतिक रूप से गर्मा गया, जब रविन्द्र सिंह भाटी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौर...
19/05/2026

बाड़मेर जिला मुख्यालय मंगलवार को उस समय राजनीतिक रूप से गर्मा गया, जब रविन्द्र सिंह भाटी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। हालांकि समर्थकों और पुलिसकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, गिरल लिग्नाइट माइंस क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के रोजगार और मजदूरों की मांगों को लेकर पिछले करीब 40 दिनों से आंदोलन चल रहा है। विधायक रविन्द्र सिंह भाटी लगातार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे और मंगलवार को बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ बाड़मेर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग और रोक-टोक के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान विधायक भाटी ने अचानक खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। समर्थकों ने तुरंत उन्हें रोका और स्थिति संभाली।
यह घटनाक्रम केवल एक राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर भी बहस का विषय बन गया है। लोकतंत्र में विरोध और संघर्ष के अनेक तरीके होते हैं। धरना, प्रदर्शन, वार्ता, विधानसभा में आवाज उठाना, कानूनी लड़ाई और जनआंदोलन जैसे कई संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हैं। ऐसे में एक विधायक द्वारा खुद पर पेट्रोल छिड़कना कई लोगों को गैर जिम्मेदाराना कदम प्रतीत हो रहा है।
क्योंकि विधायक केवल एक व्यक्ति नहीं होता, वह हजारों-लाखों लोगों का प्रतिनिधि होता है। उसके हर कदम का समाज पर असर पड़ता है। यदि जनप्रतिनिधि ही भावनात्मक और उत्तेजनात्मक कदम उठाने लगें, तो इससे समर्थकों और आम जनता में भी गलत संदेश जाता है। राजनीतिक संघर्ष धैर्य, संयम और रणनीति से लड़े जाते हैं, ना कि आत्मघाती प्रतीकों से।
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या आंदोलन अब विधायक जी के नियंत्रण और क्षमता से बाहर होता जा रहा है। जिस संघर्ष को वे लंबे समय से नेतृत्व दे रहे हैं, उसमें यदि जनप्रतिनिधि को इस तरह का कदम उठाना पड़े, तो यह कहीं न कहीं आंदोलन की रणनीतिक कमजोरी और बढ़ती हताशा को भी दर्शाता है। विरोध को प्रभावी बनाने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए संयमित नेतृत्व अधिक जरूरी माना जाता है।
हालांकि विधायक समर्थकों का कहना है कि यह कदम प्रशासन की अनदेखी और लगातार उपेक्षा से उपजे आक्रोश का परिणाम था। लेकिन इसके बावजूद लोकतांत्रिक राजनीति में इस तरह के कदमों को उचित नहीं माना जा सकता। सौभाग्य से समय रहते बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार मजदूरों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है। लेकिन मंगलवार का यह घटनाक्रम बाड़मेर की राजनीति में लंबे समय तक चर्चा का विषय जरूर बना रहेगा।

अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर कलेक्टर कार्यालय के आगे पहुंचे भाटी....भाटी...भाटी के लग रहे नारे
19/05/2026

अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर कलेक्टर कार्यालय के आगे पहुंचे भाटी....
भाटी...भाटी के लग रहे नारे

19/05/2026

सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ रविन्द्र सिंह भाटी का बाड़मेर कूच

रविन्द्र सिंह भाटी के काफिले का बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर कूच की सूचना के बाद कलेक्टर कार्यालय के आगे सुरक्षा बढ़ा दी गई है...
19/05/2026

रविन्द्र सिंह भाटी के काफिले का बाड़मेर कलेक्ट्रेट की ओर कूच की सूचना के बाद कलेक्टर कार्यालय के आगे सुरक्षा बढ़ा दी गई है भारी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है।

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