21/01/2026
असंभव कुछ भी नहीं
एक समय की बात है, एक ऊँचे पहाड़ की तलहटी में बसे एक गाँव में आर्यन नाम का एक युवक रहता था। आर्यन का सपना था कि वह उस ऊँचे पहाड़ की चोटी पर चढ़े, जिसे गाँव के लोग 'अजेय' कहते थे। आज तक कोई भी उस चोटी तक पहुँचने में सफल नहीं हुआ था।
जब आर्यन ने अपनी इच्छा गाँव वालों को बताई, तो सब हँसने लगे। किसी ने कहा, "वहाँ जाना खुदकुशी है," तो किसी ने सलाह दी, "अपने पुरखों की तरह खेती करो और सुकून से जियो।" यहाँ तक कि उसके परिवार को भी उसकी काबिलियत पर शक था।
आर्यन ने लोगों की बातों पर ध्यान देने के बजाय खुद को तैयार करना शुरू किया। वह रोज़ सुबह जल्दी उठता, भारी पत्थर उठाकर अभ्यास करता और चढ़ाई के नए-नए तरीके सीखता। रास्ते में उसे कई बार चोटें आईं, कई बार वह गिरकर लहूलुहान हुआ, लेकिन उसका हौसला कम नहीं हुआ।
आखिरकार, वह दिन आ गया जब आर्यन ने पहाड़ चढ़ना शुरू किया। जैसे-जैसे वह ऊपर जा रहा था, हवा ठंडी और कम होती जा रही थी। रास्ता बेहद संकरा और फिसलन भरा था। एक मोड़ पर उसका पैर फिसला और वह खाई में गिरते-गिरते बचा। डर उसके मन में भी था, लेकिन उसकी आँखों में चोटी पर पहुँचने का सपना उस डर से कहीं बड़ा था।
जब वह आधी दूरी तय कर चुका था, उसे नीचे से गाँव वालों की धुंधली आवाज़ें सुनाई दीं, जो अभी भी चिल्ला रहे थे— "वापस आ जाओ आर्यन! तुम नहीं कर सकते!"
आर्यन ने अपने कान बंद कर लिए और बस अगले कदम पर ध्यान दिया। अंत में, सूर्योदय के समय, आर्यन उस 'अजेय' चोटी पर खड़ा था। वहाँ से दुनिया बहुत छोटी और खूबसूरत दिख रही थी। उसने साबित कर दिया था कि पहाड़ की ऊँचाई उसके इरादों से बड़ी नहीं थी।
जब वह नीचे लौटा, तो वही लोग जो उसका मज़ाक उड़ाते थे, आज उसके स्वागत में खड़े थे। आर्यन ने मुस्कुराते हुए बस एक बात कही:
> "दुनिया आपको तब तक नहीं हरा सकती, जब तक आप खुद से हार न मान लें।"
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इस कहानी की सीख:
सफलता का रास्ता अक्सर उन लोगों द्वारा रोका जाता है जो खुद कुछ नहीं कर पाते। यदि आपको खुद पर विश्वास है, तो आप दुनिया का हर पहाड़ फतह कर सकते हैं।