30/05/2022
RadhaSoami ji 🙏
Anmol Khazana
4. सरदार बहादुर जी के अंतिम दिन और जानशीन की नियुक्ति
सरदार बहादुर जी काफ़ी अरसे से बीमार थे। इसलिए अक्तूबर 1951 में महाराज जी के माता-पिता डेरे में ही थे। लेकिन 21 अक्तूबर को सरदार के बहादुर जी ने उन दोनों को यह कहकर सिरसा लौट जाने के लिए कहा कि उनकी तबीयत अब ठीक है। उनकी आज्ञानुसार दोनों डेरे से रवाना हो गए। महाराज जी के पिता जी ने बेजी (महाराज जी की माता जी) को उनके पीहर मोगा में छोड़ा और ख़ुद सिकन्दरपुर चले आए। दिन महाराज जी भी अम्बाला से वापस सिरसा आए थे।
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🙏Radha Soami Ji🙏