03/02/2026
मोहम्मद दीपक
एक अच्छा बाप — क्योंकि उसकी बेटी उसकी हिम्मत पर गर्व करती है।
एक अच्छा पति — क्योंकि उसकी पत्नी उसके साथ खुद को सबसे ज़्यादा सुरक्षित महसूस करती है।
एक अच्छा हिंदू — क्योंकि उसने नफ़रत नहीं, इंसानियत को चुना।
और सबसे बढ़कर — एक अच्छा इंसान।
जब नफ़रत झुंड बनाकर आई,
तो वह चुप नहीं रहा।
भीड़ के सामने झुका नहीं,
और एक बुज़ुर्ग के लिए
ढाल बनकर खड़ा हो गया।
उसने न नाम पूछा,
न मज़हब देखा,
बस इतना समझा कि
सामने एक इंसान है, जिसे बचाने की ज़रूरत है।
Gym में उसने शरीर बनाया,
लेकिन असली ताक़त उसने
अपने ज़मीर से दिखाई।
ऐसे लोग ही समाज की असली पूंजी होते हैं—
जो घर में भी सही हों
और बाहर भी।
यही इंसानियत है।
यही असली धर्म है।
और यही वो भारत है, जिसकी हमें ज़रूरत है।
🇮🇳❤️