22/09/2016
दावा: उड़ी हमले के 2 दिन बाद मोदी ने वॉर रूम में की थी मीटिंग, आर्मी ने रेत का मॉडल दिखाकर बताया था एक्शन प्लान
नई दिल्ली. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने उड़ी हमले के दो दिन बाद यानी 20 सितंबर को तीनों सेनाओं के चीफ के साथ साउथ ब्लॉक में बने वॉर रूम में करीब ढाई घंटे मीटिंग की थी। इस दौरान उन्होंने आतंकियों के खिलाफ मिलिट्री एक्शन प्लान पर चर्चा की। उधर, स्पेशल फोर्स की दो यूनिटों ने उड़ी सेक्टर से सटे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 3 आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों को ध्वस्त कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में करीब 20 टेररिस्ट मारे गए। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे। तब से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। पीएम को रेत से बने मॉडल दिखाए गए...
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मीटिंग 20 सितंबर को देर रात हुई।
- एबीपी न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि नरेंद्र मोदी को इस वॉर रूम में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिखाया गया।
- इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक बड़ी टेबल पर बाकायदा पाकिस्तान में आतंकियों के अहम ठिकानोंं के नक्शे रखे गए। पीएम के सामने रेत से बने मॉडल दिखाए गए। ये मॉडल पाकिस्तान में बने आतंकी कैंप के थे।
- तीनों सेनाओं के चीफ ने किसी ऑपरेशन की सूरत में कैसे इन ठिकानों पर कार्रवाई कर सकते हैं, इसका प्लान बताया। यह भी जानकारी दी कि कैसे पाकिस्तान में बने आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया जा सकता है?
- बता दें कि इस मीटिंग में मोदी के साथ एनएसए अजित डोभाल, आर्मी चीफ दलबीर सुहाग, एयरफोर्स चीफ अरुण राहा और नेवी चीफ सुनील लांबा थे। तीनों सेनाओं से वॉर के हालात पर प्लान भी मांगा गया।
क्या है वॉर रूम
- साउथ ब्लॉक में मिलिट्री ऑपरेशन डायरेक्टोरेट डिफेंस मिनिस्ट्री का सीक्रेट ऑफिस है।
- यह वॉर रूम के तौर पर जाना जाता है। यहां से देश की सिक्युरिटी रिलेडेट सभी एक्टिविटीज पर नजर रखी जाती है।
पहली बार 2014 में भी वॉर रूम मीटिंग में शामिल हुए थे पीएम
- मोदी इससे पहले आर्मी ऑपरेशन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए 13 जून 2014 को वॉर रूम मीटिंग में शामिल हुए थे।
- उस समय भी भारत और पाकिस्तान के तनाव था। पाकिस्तान एलओसी पर लगातार फायरिंग कर रहा था। 2014 में अप्रैल से जून तक 20 बार सीजफायर हुआ था।
बुधवार को दिन भर क्या हुआ?
- नरेंद्र मोदी की अगुवाई में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्युरिटी (सीसीएस) की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पीएम मोदी के अलावा होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह, फायनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली, फॉरेन मिनिस्टर सुषमा स्वराज, डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर और एनएसए अजीत डोभाल शामिल हुए।
- इसमें उड़ी आतंकी हमलों के बाद के हालातों और कश्मीर में सिक्युरिटी को लेकर बातचीत हुई।
- इसमें सिक्युरिटी एजेंसियों और आर्मी को आतंकियों से निपटने में जरा भी कोताही न बरतने और फौरन एक्शन लेने को कहा गया। शाम को पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया गया।
- फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर ने हमले में पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ होने के सबूत सौंपे और आतंकियों के पाकिस्तान से आने के सबूत दिए।
पाकिस्तान में घुसकर इंडियन आर्मी ने ध्वस्त किए 3 कैंप, 20 टेररिस्ट मार गिराए
- जम्मू-कश्मीर के उड़ी में सेना हेडक्वार्टर पर आतंकी हमले का इंडियन आर्मी ने बदला ले लिया है।
- स्पेशल फोर्स की दो यूनिटों ने उड़ी सेक्टर से लगते पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) स्थित 3 आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों को ध्वस्त कर दिया।
- इस कार्रवाई में करीब 20 टेररिस्ट मारे गए। मीडिया रिपोर्ट्स के दावों की माने तो इस कार्रवाई में करीब 200 टेररिस्ट घायल भी हुए। हालांकि अब तक ये खबर ऑफिशियली कन्फर्म नहीं हुई है।