Vishal Dubey

Vishal Dubey आत्मस्वाभिमान से समझौता कतई स्वीकार नहीं💪🔥
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।। श्री गणेशाय नमः।।🌹🌹 जय हो राजा महाकाल की🌹🌹 🌹🌹 जय हो शिखर बंद बाबा की🌹🌹 🌹🌹 जय मां शाकंभरी 🌹🌹 🌹🌹 जय श्री श्याम 🌹🌹🌹 अवंत...
31/08/2026

।। श्री गणेशाय नमः।।
🌹🌹 जय हो राजा महाकाल की🌹🌹
🌹🌹 जय हो शिखर बंद बाबा की🌹🌹
🌹🌹 जय मां शाकंभरी 🌹🌹
🌹🌹 जय श्री श्याम 🌹🌹

🌹 अवंतिका नरेश स्वयं भू दक्षिणाभिमुख तृतीय #ज्योतिर्लिंग राजा #महाकाल के आज 31.08.2026 के प्रातः कालीन भष्म आरती श्रृंगार दर्शन 🌹🌹

्री_राम ादेव 🙏❤️🚩

30/08/2026

सुभाष चंद्रा बनाम मुकेश अंबानी! 🔥

₹22,000 करोड़ के कर्ज विवाद ने दो बड़े कारोबारी नामों को फिर आमने-सामने ला दिया है। चंद्रा का आरोप—मीडिया के जरिए गलत तस्वीर पेश की गई; रिलायंस ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

आखिर असली विवाद क्या है?
कर्ज, Zee की पुरानी लड़ाई या कॉरपोरेट वर्चस्व की जंग? 👀

30/08/2026

जन सुराज की जीत नहीं, बदलते बिहार की पहली झलक है! ✊❤️

जिस बिहार को वर्षों तक बदहाली, बेरोजगारी, पलायन और राजनीतिक निराशा के चक्र में फँसा हुआ मान लिया गया था, आज वही बिहार बदलाव की नई उम्मीद लिख रहा है।

जन सुराज और प्रशांत किशोर जी की जीत सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि उस बिहार के जागने का संकेत है जो अब सिर्फ वादे नहीं, व्यवस्था में बदलाव चाहता है।

बिहार को बहुत लोगों ने छोड़ दिया था, लेकिन बिहार ने खुद को नहीं छोड़ा।
अब आवाज़ उठ रही है, सवाल पूछे जा रहे हैं और बदलाव की उम्मीद मजबूत हो रही है।

मेरा बिहार सुधरेगा… अवश्य सुधरेगा। ❤️
क्योंकि बिहार सिर्फ इतिहास बनाने वाला प्रदेश नहीं, अपना भविष्य बनाने वाला बिहार है।

जय बिहार! ✊❤️

चिराग पासवान को ओम प्रकाश राजभर की दो टूक सीख “अगर समाज का हित चाहते हैं तो अपना आरक्षण छोड़ दीजिए!”आरक्षण में वर्गीकरण ...
30/08/2026

चिराग पासवान को ओम प्रकाश राजभर की दो टूक सीख “अगर समाज का हित चाहते हैं तो अपना आरक्षण छोड़ दीजिए!”

आरक्षण में वर्गीकरण और क्रीमीलेयर के मुद्दे पर अब NDA के भीतर ही सियासी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।

एक पत्रकार ने जब चिराग पासवान के उस बयान का जिक्र किया कि “आरक्षण में समीक्षा कतई मंज़ूर नहीं है”, तो यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बेहद तीखे अंदाज में जवाब दिया।

राजभर ने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति आरक्षण का लाभ लेकर आगे बढ़ चुका है और क्रीमीलेयर की श्रेणी में आता है, तो क्या उसे अपने समाज के उन लोगों के लिए रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए जो आज भी पीछे हैं?

सवाल सिर्फ आरक्षण का नहीं, प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय का भी है।

अब देखना यह है कि चिराग पासवान इस सवाल का क्या जवाब देते हैं और NDA के भीतर आरक्षण के मुद्दे पर यह बहस आगे कहाँ तक जाती है।

#आरक्षण #आरक्षणवर्गीकरण #सामाजिकन्याय

।। श्री गणेशाय नमः।।🌹🌹 जय हो राजा महाकाल की🌹🌹 🌹🌹 जय हो शिखर बंद बाबा की🌹🌹 🌹🌹 जय मां शाकंभरी 🌹🌹 🌹🌹 जय श्री श्याम 🌹🌹🌹 अवंत...
30/08/2026

।। श्री गणेशाय नमः।।
🌹🌹 जय हो राजा महाकाल की🌹🌹
🌹🌹 जय हो शिखर बंद बाबा की🌹🌹
🌹🌹 जय मां शाकंभरी 🌹🌹
🌹🌹 जय श्री श्याम 🌹🌹

🌹 अवंतिका नरेश स्वयं भू दक्षिणाभिमुख तृतीय #ज्योतिर्लिंग राजा #महाकाल के आज 30.08.2026 के प्रातः कालीन भष्म आरती श्रृंगार दर्शन 🌹🌹

्री_राम ादेव 🙏❤️🚩

29/08/2026

हरेन पांड्या का नरेंद्र मोदी से क्या दुश्मनी थी..?

चंदन का टीका, रेशम का धागा, सावन की सुगंध, बारिश की फुहार, भाई की उम्मीद, बहन का प्यार, मुबारक हो आपको रक्षाबंधन का त्यो...
28/08/2026

चंदन का टीका, रेशम का धागा, सावन की सुगंध, बारिश की फुहार, भाई की उम्मीद, बहन का प्यार, मुबारक हो आपको रक्षाबंधन का त्योहार।

26/08/2026

आरक्षण कोई भीख नहीं, हमारा संवैधानिक अधिकार है — चिराग पासवान।

बिल्कुल सही, आरक्षण संवैधानिक अधिकार है।
लेकिन सवाल यह है कि इस अधिकार की लड़ाई सिर्फ भाषणों में होगी या हाशिए के हर वंचित वर्ग तक इसका लाभ पहुँचाने की भी ईमानदार कोशिश होगी?

सिर्फ नारा लगाने से सामाजिक न्याय नहीं आता, जवाबदेही भी चाहिए।

22/08/2026

सत्ता का नशा या जनता की अनदेखी?

देखिए, सत्ता के अहंकार और नफरत की राजनीति ने इन लोगों की सोच पर ऐसा पर्दा डाल दिया है कि अब जनता के असली सवाल दिखाई ही नहीं देते।

2027 में देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर यही रवैया जारी रहा, तो जनता अपने वोट से बता देगी कि सत्ता स्थायी नहीं होती, जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

आज सवाल किसी एक पार्टी या नेता का नहीं है। सवाल है कि रोजगार कहाँ है? बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कहाँ है? महंगाई से राहत कहाँ है? किसानों, युवाओं और आम परिवारों की मूलभूत जरूरतों की चिंता कौन करेगा?

सत्ता में बैठने का मतलब जनता पर एहसान करना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह होना है। लोकतंत्र में कुर्सी जनता देती है और जरूरत पड़ने पर वही जनता कुर्सी वापस लेने का अधिकार भी रखती है।

इसलिए सत्ता के नशे में चूर हुक्मरानों को याद रखना चाहिए कि
जनता शांत जरूर है, लेकिन सवाल पूछना नहीं भूली है।
और जब जनता जवाब देती है, तो बड़े-बड़े राजनीतिक समीकरण बदल जाते हैं।

Narendra Modi Amit Shah MYogiAdityanath Samrat Choudhary Giriraj Singh BJP Bihar Kanhaiya Kumar 1008.Guru Bharatiya Janata Party (BJP) Vishal Dubey

22/08/2026

कोई भी चाटुकार इन तीखे और असहज सवालों का सामना नहीं कर पाएगा। क्योंकि सवाल सत्ता से नहीं, व्यवस्था की उन कमियों से हैं जिन पर वर्षों से पर्दा डालने की कोशिश होती रही है।

यह विरोध किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उन सवालों की आवाज़ है जिन्हें देश के पढ़े-लिखे, जागरूक और प्रतिभाशाली लोग उठाने का साहस करते हैं।

तर्क का जवाब तर्क से होना चाहिए, सवालों का जवाब सवालों से नहीं।
और जब सवाल इतने धारदार हों कि जवाब देने के बजाय बचाव करना पड़े, तो समझिए सवाल अपनी जगह सही निशाने पर लगा है।

100 दिलीप मंडल भी मिल जाएँ, तब भी तथ्य और तर्क के सामने सवालों की ताकत को दबाया नहीं जा सकता।

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