08/06/2020
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1999 में जब लालू प्रसाद यादव हार गए तो रघुवंश प्रसाद को दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल के संसदीय दल का अध्यक्ष बनाया गया. केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. रघुवंश प्रसाद सिंह विपक्ष की बेंच पर बैठे थे. एक दिन संसद की कार्यवाही में जाते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह को सत्ता पक्ष के अरुण जेटली ने रोक लिया. मुस्कुराते हुए बोले-
‘तो कैसा चल रहा है वन मैन ऑपोजिशन?’
रघुवंश प्रसाद सिंह को समझ में नहीं आया. रघुवंश के मुंह पर अनभिज्ञता के भाव देखते हुए अरुण जेटली ने उस दिन का हिन्दुस्तान टाइम्स खिसका दिया. अखबार में चार कॉलम में रघुवंश प्रसाद की प्रोफाइल छपी थी. इसका शीर्षक था, “वन मैन ऑपोजिशन.” 1999 से 2004 के रघुवंश प्रसाद संसद के सबसे सक्रिय सदस्यों में से एक थे. उन्होंने एक दिन मेंकम से कम 4 और अधिकतम 9 मुद्दों पर अपनी पार्टी की राय रखी थी. यह एक किस्म का रिकॉर्ड था. संसद में गणित के इस प्रोफ़ेसर के तार्किक भाषणों ने उन्हें नई पहचान दिलवाई. उस दौर में सत्ता पक्ष के सांसद यह कहते पाए जाते थे कि विपक्ष की नेता भले ही सोनिया गांधी हों, लेकिन सरकार को घेरने में रघुवंश प्रसाद सिंह सबसे आगे रहते हैं
रघुवंश बाबू मनरेगा के सुपर हीरो थे,पी चिंदम्बरम और प्रणव मुखर्जी से घण्टो तक जिरह कर के मनरेगा के लिए मनाए थे,सरकार का एक खेमा मनरेगा के पक्ष मे नही था पर रघुवंश बाबू तो रघुवंश बाबू ही हैं,समाजवादी आंदोलन के आख़री समाजवादी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं.