30/05/2026
*एसएसपी कांतेश मिश्रा का बड़ा एक्शन,लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सिकंदरपुर थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो निलंबित*
*मुजफ्फरपुर।* बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा के निर्देश पर सिकंदरपुर के थानाध्यक्ष और सब-इंस्पेक्टर दुखी कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सिटी एसपी और एडिशनल एसपी द्वारा सौंपी गई एक संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें थानाध्यक्ष को कर्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल पाया गया है।
दरअसल, मुजफ्फरपुर का मरीन ड्राइव क्षेत्र पिछले कुछ समय से अपराध के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ था। इस इलाके में मोटरसाइकिल चोरी, चेन छिनतई, मारपीट और महिलाओं के साथ छेड़खानी जैसी आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। इसके बावजूद सिकंदरपुर थानाध्यक्ष द्वारा क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस गश्ती और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जा रही थी, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद थे। इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण पूरे थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा था।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बीते 23 मई 2026 की रात मरीन ड्राइव क्षेत्र में दो गुटों के बीच जमकर मारपीट और सरेआम चाकूबाजी की गंभीर वारदात घटित हुई। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हो गए, जिनमें से दो व्यक्तियों को अत्यंत गंभीर चोटें आईं। इस खूनी संघर्ष के बाद भी सिकंदरपुर थानाध्यक्ष का रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करने के बजाय थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो द्वारा क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की गई, जिसे घोर अनुशासनहीनता माना गया है।
थानाध्यक्ष की इस लापरवाही और अनुशासनहीनता की रिपोर्ट जब वरीय अधिकारियों के पास पहुंची, तो इसकी गंभीरता से जांच कराई गई। अपर पुलिस अधीक्षक, नगर-01 और नगर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट में सिकंदरपुर थानाध्यक्ष को पूरी तरह दोषी पाया गया और उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई। इस जांच रिपोर्ट और अनुशंसा के आलोक में मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे ने कड़ा रुख अपनाते हुए दुखी कुमार महतो को सस्पेंड कर दिया है। एसएसपी कांतेश मिश्रा की इस कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और यह साफ संदेश दिया गया है कि अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।