09/09/2026
भागलपुर, 09 सितंबर 2026:- जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों को लेकर जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी द्वारा बाढ़ की वर्तमान स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की समेकित जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया की बाढ़ की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं राहत-बचाव कार्यों को तेज गति से संचालित किया जा रहा है। प्रेस ब्रीफिंग के तीसरे दिन जिले के 13 अंचल अभी भी बाढ़ प्रभावित हैं। प्रभावित पंचायतों की संख्या 82 से बढ़कर 92 हो गई है। इसी प्रकार प्रभावित गांवों की संख्या 269 से बढ़कर 376 हो चुकी है। जिले में कुल 710 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं।बवर्तमान में जिले में कुल 1,47,170 परिवार तथा 6,35,387 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। पिछले दिन की तुलना में प्रभावित आबादी में 2,47,787 की वृद्धि दर्ज की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन एवं राहत-बचाव कार्यों को सुचारु बनाए रखने के लिए नावों का परिचालन लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में 101 नावों का परिचालन किया जा रहा है, जबकि पूर्व में 90 नावें संचालित थीं। इस प्रकार 11 अतिरिक्त नावों को परिचालन में लगाया गया है। नाविकों की सूची, निर्धारित रूट चार्ट, प्रतिनियुक्त SDRF एवं NDRF बल तथा उनके संपर्क विवरण मीडिया प्रतिनिधियों को उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि आम लोगों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाई जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 4,696 परिवारों के कुल 23,412 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निष्क्रमित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के क्रम में अब तक कुल 8,910 पॉलीथिन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं। पिछले दिन की तुलना में 1,885 अतिरिक्त पॉलीथिन शीट्स का वितरण किया गया है। प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। वर्तमान में जिले में 183 सामुदायिक रसोई संचालित हो रही हैं, जबकि पिछले दिन इनकी संख्या 91 थी। अंचलवार संचालित सामुदायिक रसोई में नाथनगर में 43, सुल्तानगंज में 27, पीरपैंती में 22, सबौर में 24, इस्माइलपुर में 12, नारायणपुर में 10 तथा खरीक में 6 सामुदायिक रसोई संचालित हैं। अन्य प्रभावित अंचलों में भी आवश्यकतानुसार सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है।
सामुदायिक रसोई के माध्यम से अब तक 5,42,772 थालियां उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। पिछले दिन यह संख्या 1,92,276 थी। इस प्रकार एक दिन में 3,50,486 थालियों की वृद्धि दर्ज की गई है। पशु चिकित्सा शिविरों की संख्या बढ़कर 11बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पशु चिकित्सा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। पूर्व में 8 पशु चिकित्सा केंद्र/शिविर संचालित थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर अब 11 कर दी गई है।
राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। अब तक राहत शिविरों में 35,277 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। आज ही लगभग 15,209 अतिरिक्त लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है।
*राघोपुर मध्य विद्यालय की घटना पर जिला प्रशासन का स्पष्टीकरण*
राघोपुर मध्य विद्यालय से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में भी जिला प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। बताया गया कि विद्यालय परिसर में हुई घटना आपसी विवाद का परिणाम थी तथा इसमें जिला प्रशासन की कोई भूमिका नहीं थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद एक महिला एवं पुरुष के बीच शुरू हुआ, जो बाद में दो वार्डों के बीच आपसी विवाद में परिवर्तित हो गया।घटना को देखते हुए मध्य विद्यालय राघोपुर में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति बढ़ा दी गई है। साथ ही वहां प्रतिनियुक्त संबंधित पदाधिकारियों से घटना के संबंध में शोकॉज की मांग की गई है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा राहत, बचाव, भोजन, चिकित्सा एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।
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