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खराब रोड बनाने में ओर नजदीक नजदीक टोल टैक्स लगाने में भी गडकरी जी का कोई रोल नहीं है
28/07/2026

खराब रोड बनाने में ओर नजदीक नजदीक टोल टैक्स लगाने में भी गडकरी जी का कोई रोल नहीं है

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सोशल Media पर निशाना साधा ...
28/07/2026

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सोशल Media पर निशाना साधा है।

कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, "कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान 60 मीट्रिक टन कचरा फेंका।"

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास से गुजरते हुए एक सड़क का नाम आपको ठहरने पर मजबूर कर देगा- मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग...
27/07/2026

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पास से गुजरते हुए एक सड़क का नाम आपको ठहरने पर मजबूर कर देगा- मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग। यह सिर्फ एक नाम नहीं, उस शख्स की याद है जिसने दिल्ली को अपनी कलम, आवाज और अपने जज्बे से आजादी की लड़ाई का महत्वपूर्ण मोर्चा बनाया। रामपुर में जन्मे मौलाना जौहर का दिल्ली से गहरा रिश्ता रहा। आजकल उनके नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय खबरों में है।

पत्रकारिता का केंद्र: जब 1911 में ब्रिटिश हुकूमत ने भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली शिफ्ट करने का ऐलान किया, तो मोहम्मद अली जौहर भी इस बदलाव के साथ दिल्ली आ गए। वह तब तक कलकत्ता से अंग्रेजी साप्ताहिक अखबार 'द कॉमरेड' निकाल रहे थे। महंगे कागज पर छपने वाला यह अखबार अपनी बेबाक टिप्पणियों और राष्ट्रीय चेतना के प्रसार के लिए जल्द ही प्रसिद्ध हो गया। मौलाना जौहर दिसंबर 1912 में दिल्ली शिफ्ट हुए। 12 अक्टूबर 1912 को 'द कॉमरेड' का पहला दिल्ली संस्करण निकला। आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्होंने 1913 में दिल्ली से उर्दू दैनिक अखबार 'हमदर्द' भी शुरू किया। वह खुद इसके संपादक थे। उनकी लेखनी इतनी प्रभावशाली थी कि ब्रिटिश अधिकारी भी इसे ध्यान से पढ़ते। लॉर्ड मिंटो ने एक बार कहा था कि भारत में मोहम्मद अली जौहर की कलम से ज्यादा खतरनाक कोई कलम नहीं। उनकी तीखी लेखनी से आजिज आ अंग्रेजी सरकार ने दोनों अखबारों पर रोक लगा दी। 1924 में उन्होंने फिर से प्रकाशन शुरू किया, पर बाद में बंद हो गया।

पहले वीसी: 1920 में खिलाफत और असहयोग आंदोलन के दौरान जौहर ने अलीगढ़ में जामिया मिल्लिया इस्लामिया की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। वह इसके पहले वाइस-चांसलर बने। बाद में यह संस्थान दिल्ली के करोल बाग में आ गया। जौहर शिक्षा को आजादी का सबसे बड़ा हथियार मानते थे। उन्होंने कहा था कि गुलाम देश की शिक्षा व्यवस्था गुलाम ही पैदा करेगी, इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान जरूरी हैं।

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खन्ना पुलिस स्टेशन की सीमा से 13 वर्षीय ज़ीशान (जीशान असर) लापता हो गया है। वह खन्ना के गार्डन टाउन पुलिस स्टेशन खन्ना क...
14/12/2025

खन्ना पुलिस स्टेशन की सीमा से 13 वर्षीय ज़ीशान (जीशान असर) लापता हो गया है। वह खन्ना के गार्डन टाउन पुलिस स्टेशन खन्ना का निवासी है। वह दोपहर 3 बजे ट्यूशन के लिए घर से निकला था, लेकिन न तो ट्यूशन पहुंचा और न ही घर लौटा।

यदि आप ज़ीशान को कहीं भी देखें, तो कृपया तुरंत खन्ना पुलिस स्टेशन से संपर्क करें और उसके माता-पिता की मदद करें। एक मासूम बच्चा लापता है। उसके जीवन का हर पल अनमोल है। 9416133327

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Gulpara
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