15/09/2026
एड्स जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स के कारण, बचाव, उपचार और भ्रांतियों के बारे में किया जागरूक
घोघड़, भरमौर, 15 सितंबर 2026 : श्री जय कृष्ण गिरी पब्लिक हाई स्कूल, भरमौर में एड्स जागरूकता सप्ताह के तहत मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सिविल अस्पताल भरमौर से एड्स नियंत्रण समिति के काउंसलर पवन कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।
पवन कुमार ने विद्यार्थियों और अध्यापक वर्ग को एचआईवी/एड्स के कारणों, लक्षणों, बचाव, उपचार तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता अभियान 12 अगस्त से शुरू होकर 12 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान के तहत क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों और आम लोगों को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ना, संक्रमित सुई या सिरिंज का इस्तेमाल तथा संक्रमित मां से बच्चे में संक्रमण एचआईवी के प्रमुख संक्रमण मार्ग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संक्रमित व्यक्ति के साथ साथ बैठने, हाथ मिलाने, गले मिलने, साथ खाना खाने अथवा एक ही कक्षा में पढ़ने से एचआईवी नहीं फैलता।
उन्होंने विद्यार्थियों से सुरक्षित व्यवहार अपनाने, रक्त की जांच सुनिश्चित करने, स्टेराइल अथवा डिस्पोजेबल सुई-सिरिंज का प्रयोग करने तथा आवश्यकता होने पर समय पर एचआईवी जांच और चिकित्सकीय परामर्श लेने का आह्वान किया।
उपचार के संबंध में उन्होंने बताया कि एचआईवी का वर्तमान में पूर्ण इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) के माध्यम से वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित उपचार से संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है और संक्रमण के प्रसार का जोखिम भी कम किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से इस जानकारी को अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने की अपील करते हुए कहा कि एचआईवी/एड्स से डरने के बजाय सही जानकारी और जागरूकता को अपनाना आवश्यक है।
विद्यालय के मुख्याध्यापक राजीव शर्मा ने कहा कि एचआईवी के संक्रमण के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के प्रति सम्मान, सहयोग और संवेदनशीलता का व्यवहार करना समाज की जिम्मेदारी है।