Madhya Pradesh Media Monitor

Madhya Pradesh Media Monitor We keep watch on media, mostly, in MP and even outside. Media is flooded with lots of misinformation

Famous journalist Mark Tully passed away. प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली का निधन. معروف صحافی مارک ٹلی نہیں رہے
25/01/2026

Famous journalist Mark Tully passed away.
प्रसिद्ध पत्रकार मार्क टुली का निधन.
معروف صحافی مارک ٹلی نہیں رہے

बेशक पत्रकारिता में कई ऐसे पत्रकार और अखबार हैं जो आरोपी और विक्टिम का धर्म और जाति देख कर तय करते हैं खबर को किस पेज पर...
27/10/2025

बेशक पत्रकारिता में कई ऐसे पत्रकार और अखबार हैं जो आरोपी और विक्टिम का धर्म और जाति देख कर तय करते हैं खबर को किस पेज पर छापना है, कितना बड़ा छापना है और आरोपी की फोटो छापना है या उसको छुपा देना है

अक्सर तो भयानक क्राइम को इस तरह की हेडलाइन के साथ छापा जाता है जैसे फलां पर आरोप और जांच जारी, जिससे क्राइम सीरियस न लगे, मगर आरोपी किसी दूसरे धर्म समुदाय का हो तो ऐसी सनसनीखेज खबर बनाई जाती है कि बगैर कंफर्मेशन या किसी प्रोब के, एक दावे की बुनियाद पर इंसीडेंट को नृशंस और आरोपी को नराधम लिख दिया जाता है

और ऐसा माहौल बना दिया जाता है कि कोर्ट में केस जाने से पहले और किसी फैसले या जांच से पहले, उसका क्रिमिनल होना साबित कर दिया जाता है और इस तरह उस खबर से शहर और इलाके में ऐसी नफरत फैला दी जाती है कि उसके घर वाले उसके लिए एक लफ्ज़ भी खुल कर नहीं बोल पाते कि अदालत की क्या जरूरत है अगर तुम बेगुनाही या गुनाहगार साबित होने का मौका ही नहीं दोगे और अपनी मर्जी से किसी बड़े क्रिमिनल के लिए 'आए, गए, हैं और थे' लिख कर इज्जत बढ़ाओगे जबकि दूसरे केस में एक आदमी को सिर्फ दावे की बुनियाद पर ही क्रिमिनल, संदिग्ध और न जाने क्या क्या लिख कर उसके बारे में 'था, आया, गया' लिख कर उसको समाजी तौर पर टारगेट भी करोगे

इंतहा ये है कि हाथ पैर तोड़ देना, पैर में गोली मार देना और इस तरह के एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल और एनकाउंटर को सपोर्ट करते हैं, ये लोग किसी समाज को भी नहीं बचा सकते, ये जाति और धर्म के डिफरेंस के हिसाब से हर इंसीडेंट को देखते हैं और बेहद शर्मनाक बात ये है कि ऐसे लोग मीडिया में भरे पड़े हैं

पहली बात इस दर्जा घटिया लोग हैं कि अपने जाती और धर्म के आदमी क्राइम करेगा तो उस खबर को इस तरह पूछ करेंगे कि वह जिला लेवल पर रह जाए, स्टेट कैपिटल तक पहुंचे भी तो एक कॉलम और न आरोपी की तस्वीर हो, बल्कि सारे सुबूत और लाइव फुटेज होने के बाद भी खबर ही नहीं छापेंगे और दूसरे धर्म का आदमी हो तो उस खबर को इतना सनसनीखेज बना दो कि वह कई दिन फॉलो और देश के संविधान और कानून के खिलाफ जा कर हुई कार्रवाई को जस्टिफाय करेंगे

मध्य प्रदेश में काफी ऐसे रिपोर्टर हैं, कुछ उत्तर प्रदेश में हैं और उन्होंने पत्रकारिता ही नहीं इंसानियत और हर सिविलाइज्ड नॉर्म को तोड़ा है, इनका नाम और लिस्ट अब छापना जरूरी है, सबसे ज्यादा ये हरकत मध्य प्रदेश के दो अखबार करते हैं और इनके अलावा कई राज्यों से प्रकाशित एक और अखबार करता है

ये कहीं किसी टैलेंट को न रखने वाले और नफरत से बजबजाते ज़हन सिर्फ गंदगी फैलाने के माहिर हैं, ये इतनी चालाकी से ऐसी हरकत करते हैं कि पत्रकारिता मेंभी दूसरी बीट पर काम करने वाले धोखा खा जाते हैं और इनकी रिपोर्टिंग को सही मान लेते हैं

Journalism Hall of Shame में इंडक्शन के लिए अब इनका नाम प्रोपोज किया जाएगा ताकि घृणित मानसिकता वाले और समाज को बांटने वाले लोग किस तरह ये हरकतें करते हैं, पता चले, सबसे बड़ा इशू ये है कि ये मुद्दों से भी डायवर्ट करते हैं और लॉ एंड ऑर्डर को ले कर जो खबरें छापते हैं वहां जर्नलिज्म को मिसयूज करते हैं

ये हर केस देखते हैं और इंतजार करते हैं कब इनके मतलब का केस आए, मतलब जिसमें फलां नाम वाला इंसान हो और उसी दिन ये जुनून के साथ, पिल पड़ते है, यानी ये पत्रकारिता में सिर्फ इसलिए आए हैं या लाए गए हैं कि सौ केस देखना और अगर नाम आरोपियों के X कटेगरी के हों तो न्यूज़ इगनोर कर देना, ड्रॉप कर देना या डाइल्यूट कर देना, वरना Y कटेगरी हो तो जांच से पहले ही उसका नाम, फोटो और हेडलाइन में सनसनी बना कर और उसके नाम को इस तरह छाप दो कि अदालत पहुंचने से पहले ही उसका एनकाउंटर हो जाए और मीडिया के बनाए माहौल की वजह से लोग इस को सही सजा कह कर जस्टिफाय करने लगें

आम तौर पर हेडलाइन में सीधे लिख दिया जाता है कि फलां ने मर्डर या बलात्कार किया और खबर के अंदर कहीं कथित लिख दिया जाता है, जांच और सुबूत या अदालत के फैसले से पहले ही लिखा जाता है कि फलां ने रेप किया और गिरफ्तार हुआ, यानी उसका क्राइम से सीधा लिंक बना दिया मगर नाम और सरनेम देख कर उन पर आरोप लिख कर ये बताया जाता है कि ये तो सिर्फ आरोप है, तो ये दोहरा कैरेक्टर हिंदी पत्रकारिता में आम है

टेनिस प्लेयर राधिका को गोलियां मार कर कत्ल किया गया, पुलिस ने पिता को गिरफ्तार किया, ये चंद दिन में भुलाने वाला वाक्या न...
22/07/2025

टेनिस प्लेयर राधिका को गोलियां मार कर कत्ल किया गया, पुलिस ने पिता को गिरफ्तार किया, ये चंद दिन में भुलाने वाला वाक्या नहीं, समाज में आनर किलिंग और तमाम लोग कुरीतियां मौजूद हैं

Tennis player Radhika was allegedly murdered by her own father, a horrific case that shows how social evils, regressive mindsets, patriarchy and prejudices remain prevalent in the society.

The girl is no more and her father has been arrested, but a life has been lost and such cases show the rot in the society.

ٹینس کھلاڑی رادھایکا یادو کا قتل، ایک ایسا واقعہ ہے جس پر معاشرے کہ سنجیدگی سے غور کرنا چاہیئے۔ یہ اکثریت کے لئے بھی بھلانے والا واقعہ نہیں ہے۔

The Asian Tribune www.asiantribune.net This crime has shaken the country. Radhika Yadav, a tennis player was shot dead in Gurugram…

सांसद आलोक शर्मा के बयानों और समुदायों के बीच कथित तौर पर दरार डालने वाले स्टेटमेंट्स पर उनकी लोक सभा सदस्य रद करने की म...
19/06/2025

सांसद आलोक शर्मा के बयानों और समुदायों के बीच कथित तौर पर दरार डालने वाले स्टेटमेंट्स पर उनकी लोक सभा सदस्य रद करने की मांग, लोक सभा स्पीकर को शिकायत, साथ में राष्ट्रपति को भी लिखा गया है.

क़ानून, संविधान और देश के नागरिकों से एक जैसा सुलूक और बगैर किसी द्वेष के काम करने की शपथ लेने वाले राजनेता अगर ऐसे बयान दें जिससे नफरत फैले, जो ग़ैरक़ानूनी हों और जिनसे समाज में दूरियां बढ़ें, ये न सिर्फ गलत है बल्कि देश के हित के खिलाफ है.

एक समुदाय को एंट्री और ट्रेनर की नौकरी देने से रोकने वाला बयान हो या दाढ़ी टोपी वाला बयान या एक समुदाय में फलां नौजवानों की नसबंदी करवाने का बयान, ये सब वैमनस्य फैलाने वाले स्टेटमेंट्स हैं.

Action sought against Bhopal MP for 'inflammatory and divisive comments', complaint against him reaches Lok Sabha speaker, President

Stressing on the need to protect constitutional values & to keep communal harmony, the complaint says that after taking oath to serve all, public representatives must not violate the law and disrupt harmony.

Read full story at https://newsbits.in/action-sought-against-bhopal-mp-for-inflammatory-and-divisive-comments-complaint-against-him-reaches-lok-sabha-speaker-president-of-india

क्रोनालॉजी समझिए- पहले खबर को प्लांट करवाया गया- फीडबैक के बाद पार्टी ने न्यूज फेक करार दीफिर बेशर्मी तो देखिए माफी मांग...
31/05/2025

क्रोनालॉजी समझिए

- पहले खबर को प्लांट करवाया गया

- फीडबैक के बाद पार्टी ने न्यूज फेक करार दी

फिर बेशर्मी तो देखिए माफी मांगने के बजाय अखबार खुद की ही खबर का खंडन भी ऐसे कर रहा है जैसे एहसान जता रहा हो। और एक पोस्ट में खुदको कवच बता रहे हैं। क्या सत्ताधारी दल का कवच बन गया है भास्कर।

ये कैसा खंडन है। न माफी है इसमें न कोई फिक्र। अगर पार्टी इस खबर को फेक करार न देती तो ये न्यूज ऐसे ही आन जनता को गुमराह करती रहती। ये एक नमूना भर है कि कैसे और न जाने कितनी फेक न्यूज ऐसे ही फैलाई जाती हैं। जिनकी कोई जांच परख नहीं होती वो बस प्रकाशित करदी जाती हैं। सत्ता को पसंद नहीं आई तो न्यूज भी फेक है सोचिए जो सत्ता ऐसा कर सकती है वो क्या फेक न्यूज प्लांट नहीं करवा सकती। बस मूर्ख तो पाठक है।

फर्जी खबर छापने पर जनता ने अखबार की कॉपियां सड़क पर जलाईं, ये मध्यप्रदेश के सागर में हुआ और अखबार किस तरह अपनी वैल्यू खत...
25/05/2025

फर्जी खबर छापने पर जनता ने अखबार की कॉपियां सड़क पर जलाईं, ये मध्यप्रदेश के सागर में हुआ और अखबार किस तरह अपनी वैल्यू खत्म कर रहे हैं, ये इसकी मिसाल है

भोपाल: मध्य प्रदेश में हिंदी के कुछ अखबारों के एडिटरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने सम्बंधित याचिका, हाई कोर्ट में फ़ाइल क...
22/05/2025

भोपाल: मध्य प्रदेश में हिंदी के कुछ अखबारों के एडिटरों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने सम्बंधित याचिका, हाई कोर्ट में फ़ाइल की गयी है. हाल में हुए एक केस में कुछ हिंदी अख़बारों ने जिस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया, और पत्रकारिता के मूल्यों को पूरी तरह ताक पर रख कर, समाज में विभिन्न समुदायों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश की, उसको ले कर हाई कोर्ट में पेटिशन--याचिका कर्त्ता ने कहा कि हिंदी के कुछ अखबारों ने नफरत फैलाई और समाज में विभिन्न समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश की.
केस में जांच पूरी होने से पहले और ऐसे में जबकि कोर्ट में किसी तरह का ट्रायल नहीं हुआ और जजमेंट नहीं दिया गया है, इन अखबारों ने बगैर आधिकारिक पुष्टि के जिस तरह की गैर ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग की, उसकी सभ्य समाज में उम्मीद नहीं की जा सकती.
हद तो ये हुई कि धार्मिक शब्द को गलत अंदाज़ में लिख कर, मिस- इंटरप्रेट किया, और घटना में किसी भी शिकायत को व्यक्ति के धर्म से जोड़ कर पूरे समुदाय को टारगेट किया गया इसके बाद, याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में इन अखबारों के एडिटरों पर देश के समाज में नफरत फैलाने और झूट फैला कर देश की एकता, अखंडता को कमज़ोर करने की वजह, से उन पर क्रिमिनल केस दर्ज करने के लिए पिटीशन फ़ाइल की है.
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह समाज का जागरूक नागिरक है और हर धर्म का सम्मान करता है, लेकिन इतनी एकतरफा रिपोर्टिंग और धार्मिक शब्द को बिगाड़ कर उसका गलत इस्तेमाल किया, और ऐसा टर्म जिसकी न ही कोई डेफिनिशन है और न ही ये कोई क़ानूनी धारा का हिस्सा है, उसको बार बार हेडलाइन में लिख कर, घृणित कार्य किया और इसकी पहले पुलिस और विभिन्न फोरम्स में शिकायत हुई, जिसके बाद अब मामला है कोर्ट पहुंचा है.
Petition in High Court seeking criminal case against editors of Hindi newspapers for spreading misinforming, misusing religious term and twisting terminology to link any individual's action with entire community.

Read full story at https://newsbits.in/petition-against-editors-of-hindi-newspapers-in-high-court-over-malicious-use-of-the-term-love-jihad

मध्य प्रदेश में हिंदी के अखबारों के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई की मांग, गैरजिम्मेदार रिपोर्टिंग और भड़काऊ भाषा के खिलाफ कं...
03/05/2025

मध्य प्रदेश में हिंदी के अखबारों के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई की मांग, गैरजिम्मेदार रिपोर्टिंग और भड़काऊ भाषा के खिलाफ कंप्लेंट की गई हैं

धार्मिक शब्दावली को अपराध से जोड़ कर, और एक पूरे समुदाय से क्राइम को लिंक करने के घृणित प्रयास और विभिन्न धर्म के लोगों में सद्भाव कमजोर करने का प्रयास व देश की एकता अखंडता को कमजोर करने की कोशिश पर शिकायतें

पत्रकारिता में कई गैरजिम्मेदार तत्व दाखिल हो गए हैं जो जाने या अनजाने देशविरोधी ताकतों के इरादे पूरे कर रहे हैं और समाजों के बीच नफरत फैला रहे हैं व देश को कमजोर कर रहे हैं

https://theobserverpost.com/by-misusing-the-term-they-are-inciting-hatred-complaint-filed-against-hindi-newspapers-over-love-jihad-claims-targeting-entire-muslim-community/

मध्य प्रदेश के प्रमुख अख़बारों के खिलाफ साम्प्रदायिक और भड़काऊ खबरें छापने का आरोप लगाया गया है। कुछ ज़िम्मेदार ना.....

25/02/2025

भोपाल गैस त्रासदी एक्टिविस्ट मरहूम अब्दुल जब्बार भाई साहब ने अपनी जिंदगी गैस पीड़ितों की लड़ाई के लिए वक्फ करदी थी। दुनिया भर में उनके द्वारा किया गया काम याद किया जाता है। कतर के सबसे बड़े मीडिया ग्रुप ने अपने रेडियो चैनल Radio Qatar FM 107 पर जब्बार भाई पर पूरा एक प्रोग्राम एयर किया था। जिसकी एक क्लिप आप सबके साथ सांझा कर रहा हूं। आप सभ भी सुने और शेयर करें ताकि नई नस्लें जब्बार भाई के काम से प्रेरित हों और अपने हक के लिए आवाज़ बुलंद करना सीखें।

Radio Qatar FM 107
RJ Amita
RJ Ved (Ved is from Panna MP)

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