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 #सतना। जनसुनवाई में नगर निगम पहुंचे सैकड़ो लोग, दो दिन से दर्जनों लोगों के घरों में घुसा था बारिश से नाली का पानी। 🔥🔥🔥🔥🔥...
02/06/2026

#सतना। जनसुनवाई में नगर निगम पहुंचे सैकड़ो लोग, दो दिन से दर्जनों लोगों के घरों में घुसा था बारिश से नाली का पानी।
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जल्द पानी निकाशी का मिला अस्वाशन।
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02/06/2026

🚨 खराब सड़क और खुली नाली बनी हादसे की वजह, साइकिल सवार का हाथ फ्रैक्चर...
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अमर रिपब्लिक #सतना। सर्किट हाउस चौराहे से नगर निगम की ओर जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। आज दोपहर लगभग 3 बजे एक साइकिल सवार राहगीर खराब सड़क और खुली नाली का शिकार हो गया।
बताया जा रहा है कि राहगीर उखड़ी और खुदी हुई सड़क से निकलने की कोशिश कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह सीधे खुली नाली में जा गिरा। घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे नाली से बाहर निकाला।
हादसे में साइकिल सवार का हाथ फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है।
❗ स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं की गई है और नाली खुली छोड़ दी गई है, जिससे आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है।
⚠️ सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक "स्मार्ट सिटी" के नाम पर इस तरह की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती रहेगी?

01/06/2026

सतना:नगर निगम बना दर्शक,घरों में घुसा पानी,मुख्तियार गंज बना तालाब,जनता ने उठाए तीखे सवाल.. #सतना Amar Republic

01/06/2026

आधी रात का हाईवोल्टेज ड्रामा: कोतवाली में पुलिसकर्मी आपस में भिड़े, वीडियो वायरल....

अमर रिपब्लिक #सतना। शहर की सिटी कोतवाली में आधी रात उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब दो पुलिसकर्मियों के बीच हुआ मामूली विवाद अचानक गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गया। वर्दी में तैनात जवान एक-दूसरे पर ही भड़क उठे, जिससे थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस का इस तरह आपस में भिड़ना विभाग की छवि को भी प्रभावित कर रहा है।
बताया जा रहा है कि विवाद किसी छोटी बात को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से जांच की संभावना जताई जा रही है।

🛑 #सतना। 'रोड नहीं तो वोट नहीं!' - व्यापारी संघ का हनुमान चौक में महासंग्राम...🔥🔥🔥🔥  नगर निगम मुर्दाबाद, महापौर मुर्दाबा...
01/06/2026

🛑 #सतना। 'रोड नहीं तो वोट नहीं!' - व्यापारी संघ का हनुमान चौक में महासंग्राम...
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नगर निगम मुर्दाबाद, महापौर मुर्दाबाद - 3 घंटे तक चक्का जाम, प्रशासन की नाक में दम...
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*महापौर-कमिश्नर की जंग में सतना बेहाल, भ्रष्ट तंत्र मालामाल।*  _महापौर-कमिश्नर विवाद का लाभ किसे? भुगत रही है केवल जनता....
01/06/2026

*महापौर-कमिश्नर की जंग में सतना बेहाल, भ्रष्ट तंत्र मालामाल।*
_महापौर-कमिश्नर विवाद का लाभ किसे? भुगत रही है केवल जनता..!_

#सतना। नगर निगम सतना में महापौर और निगम कमिश्नर के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान का सबसे बड़ा खामियाजा शहर की आम जनता भुगत रही है। आरोप है कि इस प्रशासनिक और राजनीतिक संघर्ष का लाभ नगर निगम के कुछ भ्रष्ट इंजीनियरों, अधिकारियों और उन ठेकेदारों को मिल रहा है, जिनके अधूरे और घटिया कार्यों ने पूरे शहर को समस्याओं के दलदल में धकेल दिया है।

स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर करोड़ों नहीं बल्कि हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च किए जाने के बावजूद शहर की तस्वीर बदलने के बजाय बिगड़ती नजर आ रही है। जगह-जगह उखड़ी सड़कें, धूल से अटी गलियां, अधूरी निर्माण परियोजनाएं, बदहाल नालियां और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी हैं।

*स्मार्ट सिटी या जनता के साथ मजाक?*

शहर के अनेक नागरिकों का कहना है कि "स्मार्ट सिटी" शब्द अब विकास का प्रतीक नहीं बल्कि एक ऐसे वादे की याद दिलाता है जो कभी पूरा नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत में सुविधाओं का अभाव ही दिखाई देता है।

शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। तालाबों और हरित क्षेत्रों के संरक्षण के बजाय उनके अस्तित्व पर खतरा मंडराने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की प्राकृतिक धरोहरों को बचाने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है।

*भुगतान हुए, जवाबदेही नहीं*

नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के अंतर्गत हुए कार्यों में बड़े पैमाने पर भुगतान किए जाने की चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं। लेकिन जनता का सवाल है कि यदि इतनी बड़ी राशि खर्च हुई है तो उसका परिणाम जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता? कई निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए जाते रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई परियोजनाएं शुरू होने के बाद वर्षों तक अधूरी पड़ी रहती हैं, जबकि कुछ कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद खराब होने लगते हैं। इससे यह धारणा मजबूत होती जा रही है कि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था कमजोर है।

*जनता की सहनशीलता बनी व्यवस्था की ताकत*

सतना की जनता लंबे समय से धूल, जाम, खराब सड़कों और अव्यवस्थित विकास कार्यों की मार झेल रही है। बावजूद इसके बड़े स्तर पर जनआंदोलन या संगठित विरोध अभी तक सामने नहीं आया है। जानकारों का मानना है कि जनता की यही सहनशीलता व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बन गई है।

शहर के बुद्धिजीवियों का कहना है कि जब तक नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर जवाबदेही की मांग नहीं करेंगे, तब तक विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना मुश्किल होगा।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सतना की जनता इसी तरह समस्याओं को सहन करती रहेगी या फिर शहर के विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए कोई व्यापक जनदबाव खड़ा होगा। महापौर और कमिश्नर के बीच चल रहे विवाद, ठेकेदारों पर लग रहे आरोपों और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर जनता के मन में कई प्रश्न हैं, जिनका उत्तर आने वाले समय में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को देना पड़ सकता है।

शहर की जनता अब यह जानना चाहती हैं कि आखिर करोड़ों-अरबों रुपये की योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें कब मिलेगा और शहर कब वास्तव में "स्मार्ट" बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

🛑 मनमानी पर रोक लगी तो कमिश्नर पर दबाव? नगर निगम से हो रही महापौर के निजी स्टाफ की पेमेंट! #सतना। नगर निगम में एक बार फि...
01/06/2026

🛑 मनमानी पर रोक लगी तो कमिश्नर पर दबाव? नगर निगम से हो रही महापौर के निजी स्टाफ की पेमेंट!

#सतना। नगर निगम में एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जब महापौर अपनी मनमानी फैसलों को लागू नहीं कर पाए, तो अब उन्होंने निगम कमिश्नर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि महापौर के पर्सनल सेक्रेटरी की सैलरी भी नगर निगम के फंड से दी जा रही है, जबकि नियमों के अनुसार निजी स्टाफ का भुगतान व्यक्तिगत स्तर पर होना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, केवल पर्सनल सेक्रेटरी ही नहीं बल्कि ड्राइवर, रसोइया, बागवान और अन्य निजी कर्मचारियों का वेतन भी निगम के खजाने से दिया जा रहा है। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सीधे तौर पर शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
👉 स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
👉 वहीं, निगम प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है कि आखिर किस आधार पर इस तरह के भुगतान की अनुमति दी गई।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

🛑 वार्ड-5 हजारी भवन में 'मौत का सन्नाटा'! नाली जाम = घरों के नीचे पानी = कभी भी गिरेंगे दर्जनों मकान...!"पानी भरा तो श्म...
01/06/2026

🛑 वार्ड-5 हजारी भवन में 'मौत का सन्नाटा'! नाली जाम = घरों के नीचे पानी = कभी भी गिरेंगे दर्जनों मकान...!
"पानी भरा तो श्मशान बन जाएगा मोहल्ला" - 200 परिवार दहशत में, रातभर जागकर बिस्तर बांध रहे...!
कमिश्नर, महापौर कब तोड़ोगे चुप्पी..? पट्टे की नाली में मिट्टी डालकर किसी ने मौत का वारंट काटा...?
48 घंटे में निकासी नहीं हुई तो निगम के सामने धरना,जिम्मेदार होगी निगम की कुर्सी...!
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अमर रिपब्लिक, #सतना। सतना वार्ड-5 हजारी भवन अब 'बारूद का ढेर' बन चुका है। पट्टे की सरकारी नाली में दबंग ने मिट्टी डलवा दी। 3 दिन से पानी निकासी बंद। आज सुबह घरों की दीवारें चू रही हैं, नींव में दरार आ गई है। इंजीनियर बोला - _"पानी और 2 फीट बढ़ा तो 40+ घर कभी भी धड़ाम से गिरेंगे। मलबे में सैकड़ों लोग दब जाएंगे।"
बच्चे रो रहे, महिलाएं सामान बांध रही, बुजुर्ग भगवान को याद कर रहे। निगम सो रहा, कमिश्नर AC में। ये 'नाली' नहीं, 'मौत का वारंट' है।

*'अमर रिपब्लिक' ग्राउंड जीरो: हजारी भवन,1 जून मई सुबह 6 बजे...*

👉*घर हिल रहे:* गणेश सोनी का 30 साल पुराना मकान। नींव में 2 इंच की दरार। दीवार से पानी रिस रहा। बोले - _"3 पीढ़ी से यहीं हैं। अब लग रहा आखिरी रात है। कलेक्टर साहब, कल अर्थी उठेगी या हम?"
👉*बच्चे डरे हुए:* 8 साल की परी बोली, _"मम्मी रातभर सोई नहीं। बोल रही बेटा बिस्तर बांध ले, घर गिरेगा तो भागेंगे।"
👉*मौके का हाल:* नाली का मुहाना 3 ट्रैक्टर मिट्टी से बंद। 50 मीटर तक पानी भर गया। बदबू + कीचड़। सांप-बिच्छू निकल रहे।
👉स्थानीय गवाह: 27 मई को पट्टे की जमीन में JCB से पट्टे की नाली में मिट्टी डलवाई। मकसद - अपनी प्लॉटिंग जोड़ना। मोहल्ले वाले रोकने गए तो धमकी -बोले _"कमिश्नर साहब से सेटिंग है। DM भी कुछ नहीं कर पाएगा।"

नगर निगम को 30+ शिकायत।
CM हेल्पलाइन पर 19 बार कॉल। नगर निगम के ऑफिस में फाइल 'पेंडिंग'। 24घंटे बीत गए, JCB नहीं भेजी। मतलब साफ - कागज चल रहा, मौत नहीं रुकी।

*3 सवाल सीधे कमिश्नर और महापौर से - जवाब कब..?:*

👉 *मौत का इंतजार कर रहे हो?* इंजीनियर कह रहा इसी तरह के हालात रहे तो कुछ घंटे में घर गिरेंगे। आप फाइल में 'जांच' लिख रहे। एक मंजिला मकान गिरेगा तो 6 लोग दबेंगे। हिसाब कौन देगा?
👉 *आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार..?*
सरकारी नाली बंद करना + जान से खिलवाड़ = 304 IPC। 3 दिन हो गए, FIR क्यों नहीं? किसका संरक्षण है..?
👉 *JCB क्यों नहीं भेजी?* नगर निगम के पास JCB हैं। वार्ड 5 की नाली साफ करने के लिए नहीं भेजी, यहां मौत टालने के लिए क्यों नहीं? आदेश आपके टेबल पर सड़ रहा है...?

(यह खबर PWD इंजीनियर रिपोर्ट, नगर निगम शिकायत रजिस्टर और 40 पीड़ित परिवारों के वीडियो बयान पर आधारित है, अमर रिपब्लिक दाबों की पुष्टि नहीं करता)

महाभारत का कुरुक्षेत्र बना अमरपाटन महाविद्यालय, सकुनी कौन...*? #मैहर। शिक्षा की वेहतर ब्यवस्था के लिए मशहूर अमरपाटन महाव...
01/06/2026

महाभारत का कुरुक्षेत्र बना अमरपाटन महाविद्यालय, सकुनी कौन...*?

#मैहर। शिक्षा की वेहतर ब्यवस्था के लिए मशहूर अमरपाटन महाविद्यालय पिछले कई महीनों से महाभारत के कुरुक्षेत्र जैसे बन गया है। यहाँ आये दिन किसी न किसी बहाने से आपसी मतभेद के चलते विवाद होता रहता है लेकिन उसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ज्ञात होकि पिछले 3 वर्षों से यहाँ हिंदी भूगोल, जैविक खेती के प्रोफेसर आये दिन गायब रहते है सबसे बड़ी बात तो ये है कि रसायन बिज्ञान की पढ़ाई पूरी तरह ठप्प है जिसका आरोप छात्रों ने रसायन विभाग प्रमुख प्रोफेसर आलोक सिन्हा पर लगाया था और उनकी शिकायत प्राचार्य सहित एसडीएम से लेकर उच्च अधिकारियो से भी कर चुके हैं प्रेम रस के प्यासे प्रोफेसर को पिछले महीने ही महिला छेड़खानी मामले में जेल भी भेजा जा चुका है।वही दूसरी तरफ सूत्रों से पता चला है कि शिक्षा के मंदिर की वजाय युद्ध मैदान चुके इस महाविद्यालय में कतिपय अतिथि विद्वानों की भी भूमिका अहम् रहती है जिसके चलते पढ़ाई चरमरा गई है और कॉलेज का प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो रही है।इन संकेतो से पता चलता है कि आपसी मतभेद से कही प्राचार्य की कुर्सी के लिए होड़ तो नही चल रही।कुछ भी हो इस राजनैतिक षड्यंत्र के पीछे महाविद्यालय परिवार का ही कोई न कोई सकुनी जरूर है। जो खुलकर सामने नही आना चाहता।और दूसरों के कंधे पर बन्दूक रखकर वार कर रहा।या फिर कही न कही खुद कुर्सी की लालच में मक्खियों को जानबूझ कर गुड़ में लपेटने का कार्य कर रहा।जबकि महाविद्यालय में वर्तमान प्राचार्य एसके वर्मा द्वारा हर ब्यवस्था के लिए निगरानी समिति बना कर रखा गया है।ताकि बच्चों को बेहतर सुविधा मिले। मगर यह पहली बार नहीं है कि प्राचार्य पर व्यवस्था के नाम पर आरोप लगाया गया हो।इसके पहले पूर्व प्राचार्य एसपी सिंह के साथ भी ऐसे ब्यवहार किये जाते रहे लेकिन किसी भी सकुनी को कोई सफलता नही मिली थी। लेकिन इसका सीधा असर महाविद्यालय में अध्ययन करने वाले छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

01/06/2026

#टीचर्स को लेकर दिए गए बयान के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त #ट्रोलिंग का सामना कर रही हैं। टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने कुछ “ टीचर्स” पर टिप्पणी करते हुए उन्हें “दो कौड़ी के” और “फ्रॉड” तक बता दिया, जिसके बाद छात्रों और ऑनलाइन एजुकेटर्स में भारी नाराज़गी देखने को मिली।
जो शिक्षक देश का भविष्य बनाते हैं, उन्हें ‘दो कौड़ी’ कहना कितना सही है?”
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