07/10/2026
अपराधियों पर कलेक्टर सूर्यवंशी का सख्त शिकंजा, 7 आदतन अपराधियों का जिला बदर
लोक शांति बिगाड़ने वालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, एक साल तक रीवा समेत पांच जिलों की सीमाओं से बाहर रहेंगे
Amar Republic
अमर रिपब्लिक #रीवा। रीवा में कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सात आदतन अपराधियों के खिलाफ जिला बदर के आदेश जारी कर स्पष्ट संदेश दिया है कि लगातार आपराधिक गतिविधियों के जरिए आमजन में भय का माहौल पैदा करने वालों पर प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा।
कलेक्टर के आदेश के तहत सातों व्यक्तियों को एक वर्ष की अवधि के लिए रीवा सहित आसपास के पांच जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
जिला बदर किए गए लोगों में रामकृष्ट उर्फ कृष्णा यादव पिता रामकृपाल यादव, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम रौसर, सरदार मुसलमान पिता साबिर अली, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम किटवरिया, रूपेश कुशवाहा पिता देवेश कुशवाहा, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम बैजनाथ, सुनील पटेल पिता बृजलाल पटेल, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम खोभर तथा श्यामलाल कुशवाहा उर्फ जट्ठा पिता रामपाल कुशवाहा, उम्र 44 वर्ष, निवासी नई बस्ती खैरी शामिल हैं।
इसी क्रम में कमलाकर पाण्डेय पिता दिनेश प्रसाद पाण्डेय, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम दोही और रिपुदमन पाण्डेय पिता सुरेन्द्र पाण्डेय, उम्र 40 वर्ष, निवासी हनुमान नगर, वार्ड क्रमांक 42 रीवा के खिलाफ भी जिला बदर के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार इन व्यक्तियों के खिलाफ लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट तथा अन्य आपराधिक कृत्यों से संबंधित मामले सामने आए हैं। इनके कारण आम जनता में भय का वातावरण बनने और लोक शांति प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।
कलेक्टर के एक्शन से अपराधियों में सख्ती का संदेश
रीवा जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा आदतन अपराधियों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और लोक शांति को प्राथमिकता देने की नीति को सामने लाती है। जिला बदर जैसे प्रावधान का इस्तेमाल कर प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि आमजन की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।