Khabri

Khabri Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Khabri, Media/News Company, C-44 Samrat Colony Ashoka Garden, Bhopal.

Khabri (Har Khabar Par Nazar)

khabri के फेसबुक पेज पर स्वागत है दुनिया की हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट रहने के लिए follow/like करे।
The idea behind 'Khabri' is to keep our audience entertained with news

डिजिटल इन्फ्लुएंसर सहेजेंगे सांस्कृतिक विरासतभोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति के ड...
26/09/2026

डिजिटल इन्फ्लुएंसर सहेजेंगे सांस्कृतिक विरासत
भोपाल। मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति के डिजिटल दस्तावेजीकरण के लिए स्थानीय यूट्यूबर, कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को जोड़ेगा। वे लोकगीत, लोकनृत्य, लोककला, लोककथाओं, पर्व-त्योहारों और पारंपरिक जीवन-पद्धतियों को वीडियो के माध्यम से दर्ज करेंगे।

संग्रहाध्यक्ष अशोक मिश्रा ने बताया कि इसका उद्देश्य विलुप्तप्राय और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करना तथा स्थानीय कलाकारों और परंपरा-वाहकों को व्यापक मंच देना है। इसके लिए 1 अक्टूबर 2026 से निःशुल्क पंजीयन शुरू होगा। इच्छुक क्रिएटर mptribalmuseum.com के माध्यम से पंजीयन कर सकेंगे।

26/09/2026

सोलह दिनों के महालय श्राद्ध आज से प्रारंभ
पूर्णिमा से अमावस्या तक पितरों को मिलती तृप्ति
दक्षिण दिशा आने लगे पितृगण
सोलह दिनों के महालय श्राद्ध आज से
भाव के भूखे हैं पितृगण आंसुओं से भी हो जाते तृप्त
पूर्णिमा से अमावस्या तक पितृपक्ष
दक्षिण दिशा से आज होगा आगमन

उत्तर दिशा में देव लोक है और दक्षिण दिशा में पितृलोक । अपने पुत्र पौत्रादि से श्राद्ध पक्ष में अन्न जल और हव्य लेने पितृ पूर्णिमा से अमावस्या तक के सोलह दिन धरती पर बिताते हैं । पूर्णिमा के दिन पितृगण प्रातःकाल सूर्य की किरणों पर सवार होकर धरती पर आते हैं । सोलह दिनों तक पुत्र पौत्रादि द्वारा श्रद्धापूर्वक किया गया श्राद्ध ग्रहण कर वे अमावस्या पर विदा लेते हैं । अपने मृत पुरखों के प्रति मानवीय श्रद्धा का यह अनोखा पक्ष है । कृतज्ञ मनुष्य इन दिनों में पितृऋण से मुक्त होता है । अपनी तिथियों पर अन्न जल दक्षिणा वस्त्र आदि ग्रहण कर पितृ मुक्त कंठ से आशीर्वाद देते हुए विदा होते हैं ।

शास्त्रों के अनुसार पुरखों की तिथि पर पार्वण श्राद्ध अवश्य करना चाहिए । पास में यदि धन न हो तो पितृ का स्मरण कर दक्षिण दिशा की ओर मुखकर आंसू ही बहा लें , पितृ ऋण से मुक्ति मिल जाएगी । पितृ तो श्रद्धा भाव के भूखे हैं । यदि पास में धन हो तो तिथि पर पितृ तर्पण , पितृ श्राद्ध किसी भी गृहस्थ के लिए अनिवार्य है । अधिक न करना चाहें तो पूर्णिमा और अमावस्या के श्राद्ध अवश्य करें । श्राद्ध अथवा कनागत की महिमा कैन पुराणों में गाई गई है । श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध कर्म करने से पितृगण वर्ष भर के लिए संतुष्ट हो जाते हैं ।

भाद्रपद मास की पूर्णिमा से आश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध पक्ष कहलाता है। हिंदू धर्म के अनुसार, इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि किया जाता है। श्राद्ध पक्ष को महालय और पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है । श्राद्ध का अर्थ अपने देवताओं, पितरों, परिवार और वंश के प्रति श्रद्धा प्रकट करना है । मार्तंड पंचांग रचियता पण्डित प्रियवृत शर्मा के अनुसार धर्मग्रंथों में स्पष्ठ बताया गया है कि जो स्वजन अपने शरीर को छोड़कर चले जाते हैं. वह चाहे किसी भी रूप में अथवा किसी भी लोक में हों, श्राद्ध पक्ष के समय पृथ्वी पर आते हैं । उनकी तृप्ति के लिए श्रद्धा के साथ जो शुभ संकल्प और तर्पण किया जाता है, वह श्राद्ध कहलाता है अत: मान्यता है कि पितृ पक्ष में हम जो भी पितरों के नाम से तर्पण करते हैं उसे हमारे पितर सूक्ष्म रूप में आकर अवश्य ग्रहण करते हैं।

क्या कहते हैं धर्मग्रन्थ
कूर्मपुराण में कहा गया है कि ‘जो प्राणी जिस किसी भी विधि से एकाग्रचित होकर श्राद्ध करता है, वह समस्त पापों से रहित होकर मुक्त हो जाता है और पुनः संसार चक्र में नहीं आता।’
गरुड़ पुराण के कहता है कि ‘पितृ पूजन से संतुष्ट होकर पितर मनुष्यों के लिए आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, वैभव, पशु, सुख, धन और धान्य देते हैं।
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार ‘श्राद्ध' से तृप्त होकर पितृगण श्राद्धकर्ता को दीर्घायु, सन्तति, धन, विद्या सुख, राज्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करते हैं।
ब्रह्मपुराण के अनुसार जो व्यक्ति शाक के द्वारा भी श्रद्धा-भक्ति से श्राद्ध करता है, उसके कुल में कोई भी दुःखी नहीं होता।’

पितरों का संतुष्ठ होना जरूरी

विष्णु पुराण में कहा गया है कि श्रद्धायुक्त होकर श्राद्धकर्म करने से पितृगण ही तृप्त नहीं होते, अपितु ब्रह्मा, इंद्र, रुद्र, दोनों अश्विनी कुमार, सूर्य, अग्नि, अष्टवसु, वायु, विश्वेदेव, ऋषि, मनुष्य, पशु-पक्षी और सरीसृप आदि समस्त भूत प्राणी भी तृप्त होते हैं।

MP में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू...भोपाल: मध्यप्रदेश में 21 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हो गई...
25/09/2026

MP में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू...
भोपाल: मध्यप्रदेश में 21 साल के लंबे अंतराल के बाद सरकारी बस सेवा फिर शुरू हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की। इस मौके पर प्रदेश को 351 बसों की सौगात मिली। इनमें 180 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
नई व्यवस्था के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड में इंटरसिटी और इंट्रासिटी बस सेवाएं शुरू की गई हैं। सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2031 तक प्रदेश में करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क तैयार करने की योजना है।

*प्रिय पत्रकार साथियों,**सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से  संत निरंकारी चेरीटेबल फाउण्डेशन के तहत कल शनिवार...
25/09/2026

*प्रिय पत्रकार साथियों,*

*सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संत निरंकारी चेरीटेबल फाउण्डेशन के तहत कल शनिवार 26 सितम्बर को प्रातः 9 बजे से शाम 5:00 बजे तक "मानवता का महापर्व - विशाल रक्तदान शिविर, संत निरंकारी सत्संग भवन, स्काईलैंड गार्डन के पास, बैरागढ़" में आयोजित किया गया है*।

*मानवता के इस महापर्व में आप सादर आमंत्रित हैं* ।

*इन्द्र कुमार नाथानी*
9098442518

21/09/2026

10, नंबर मार्केट गणेश जी...

आज दिनांक 21.9.2026 को शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल पंचशील नगर भोपाल में आयुष विभाग की योग प्रशिक्षक श्रीमती इतिश्री त्रि...
21/09/2026

आज दिनांक 21.9.2026 को शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल पंचशील नगर भोपाल में आयुष विभाग की योग प्रशिक्षक श्रीमती इतिश्री त्रिपाठी द्वारा सूक्ष्म व्यायाम त्रिकोण आसन चक्रासन प्राणायाम के अभ्यास कराए गए शाला प्राचार्या श्रीमती रत्ना वाधवानी द्वारा छात्रों को योग को अपनी जीवन शैली में शामिल करने हेतु प्रेरित किया इस अवसर पर शाला के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहित होकर भाग लिया l

बरखा महोत्सव: ग़ज़लों की बरखा ने बांधा समां, संगीत साधक हुए अभिनव संगीत रत्न 2026 से सम्मानित- अभिनव कला परिषद के बरखा म...
19/09/2026

बरखा महोत्सव: ग़ज़लों की बरखा ने बांधा समां, संगीत साधक हुए अभिनव संगीत रत्न 2026 से सम्मानित

- अभिनव कला परिषद के बरखा महोत्सव में मुंबई की श्रद्धा जैन ने सुनाई ग़ज़लें
- सात संगीत साधकों को मिला सम्मान

19 सितंबर, 2026, भोपाल.

शहर में रिमझिम फुहारों के बीच शनिवार शाम कला प्रेमियों के लिए खास रही। नृत्य, नाट्य और संगीत की अभिनव कलाओं की 65 वर्ष पुरानी संस्था अभिनव कला परिषद द्वारा मानस भवन में आयोजित बरखा महोत्सव में कला रसिकों ने मशहूर गजलकारों की ग़ज़लों का संगीतमय लुत्फ उठाया। मुंबई से आयीं गज़ल गायिका एवं संगीतकार श्रद्धा जैन ने अपनी आवाज़ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर सात संगीत कला साधकों को सम्मानित किया गया।

सम्मान के साथ निभाई 65 वर्षीय परम्परा:
बरखा महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत कला साधकों के संगीत क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान से हुई। मुंबई से श्रद्धा जैन, इंदौर से तबला वादक पंडित हितेन्द्र दीक्षित एवं कथक नृत्यांगना डॉ संतोष देसाई, भोपाल से शास्त्रीय गायिका भारती सिंह राजपूत, संतूर वादिका श्रुति अधिकारी, शास्त्रीय गायिका सुलेखा धरकर भट्ट एवं ध्रुपद गायिका सुरेखा कांबले को अभिनव संगीत रत्न 2026 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सूचना आयुक्त राजेश भट्ट, शेखर करहाड़कर, डॉ लता मुंशी, डॉ मीरा दास, कला गुरु श्री श्रीधर व्यास सहित प्रदेश के सम्मानित कला साधक एवं रसिक उपस्थित रहें। अभिनव कला परिषद के सचिव अतुल सुरेश तांतेड़ ने बताया कि बरखा महोत्सव का उद्देश्य संगीत और कला की परंपराओं को प्रोत्साहित करना और कलाकारों को सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराना है। अभिनव कला परिषद इस परम्परा का निर्वहन विगत 65 वर्षों से निरंतर कर रहा है।

सम्मान बाद लगी ग़ज़लों की झड़ी, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध:
कला साधकों के सम्मान पश्चात श्रद्धा जैन ने मशहूर गजलकारों की ग़ज़लों की सुरमयी प्रस्तुति दी। मरहूम गजलकार डॉ बशीर बद्र की चर्चित गजल ‘होंठों पर मोहब्बत के फसाने नहीं आते’ से उन्हें याद किया गया। राजेश रेड्डी की गजल ‘रंग मौसम का था, पहले पेड़ ये कितना घना था पहले’, हस्तीमल हस्ती की रचना ‘मुस्कुराए जा रहे हो, किसी से मिलकर आ रहे हो’,शब्दों की संवेदना और सुरों की नजाकत के साथ जगजीत सिंह की लोकप्रिय गजल ‘होश वालों को खबर क्या’ को राग मेघ में प्रस्तुत कर श्रोताओं के कानों में सुरीली मिठास घोली । सुश्री जैन ने ‘दिल के मेहमान बन जाइए’,‘था बाजारों में जिसका बोलबाला, हमारे पास वो सिक्का नहीं था’ ग़ज़ल के साथ तराना और शास्त्रीय बंदिश की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उपस्थित जनों को सुरमयी माहौल में बांधे रखा। शहर के गज़ल गायक जीडी जोशी ने भी गजल गाकर समां बांधा। भाषा की गहराई और सधी आवाज के तालमेल में मंच संचालन डॉ विशाखा राजुरकर राज ने किया।

19/09/2026

आज राधाअष्टमी के पावन अवसर पर भोपाल के C I एनक्लेव्स के क्लब हाउस में आज भजन संध्या का आयोजन हुआ, गायक विजय सप्रे व पूर्वी सप्रे ने श्री राधा रानी के चरणों में भक्ति पूर्ण भजनो की प्रस्तुति दि। उसके बाद
श्री श्याम वैष्णव जो एक राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभाशाली एवं युवा सितार वादक है जिन्होंने अपनी अद्भुत साधना और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से देश भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आपका विद्यार्थी जीवन में आपकी में तबला वादन में अपने प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत विशाल की शिक्षा प्राप्त की है श्री श्याम वैष्णव ने प्रदेश एवं देश के अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी सफल प्रस्तुतियां दी है इनमें संस्कार भारती भोपाल कोणार्क युवा फेस्टिवल, इंडिया कालिदास अकादमी उज्जैन, कुंभ मेला उज्जैन, सिरमौर कला संगम हिमाचल प्रदेश, तथा विश्व योग एवं संगीत दिवस उज्जैन प्रमुख है आपको अनेक प्रतिष्ठित गुरुओं का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है पिछले तीन वर्षों से आप राधा अष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा जी के चरणों में अपनी संगीत की प्रस्तुतियां पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से अर्पित करते आ रहे हैं इस वर्ष भी श्री जी के पावन प्राकृतिक दिवस के उपलक्ष में श्री श्याम वैष्णव जी ने अपने दल के साथ प्रस्तुति श्री राधा रानी के चरणों में श्रद्धापूर्वक समर्पित की।

आज दिनांक 18.09.2026 को शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल पंचशील नगर भोपाल में सेवा संकल्प अभियान के दौरान आयुष विभाग की योग प...
18/09/2026

आज दिनांक 18.09.2026 को शासकीय सरदार पटेल हाई स्कूल पंचशील नगर भोपाल में सेवा संकल्प अभियान के दौरान आयुष विभाग की योग प्रशिक्षक इतिश्री त्रिपाठी द्वारा ताड़ासन वृक्षासन पर्वतासन प्रणायाम के अभ्यास कराए गए शाला प्राचार्या श्रीमती रत्ना वाधवानी द्वारा छात्रों को योग अभ्यास का महत्व बताया गया तथा रोजाना योग करने हेतु प्रेरित किया l इस अभियान में शाला के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहित होकर भाग लिया l

17/09/2026

*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आशीर्वाद का दीया जलाया
शिप्रा तट जगमगाया*

महाकाल महालोक में 33 लाख दीये एक साथ प्रज्जवलित*
रोशनी से नहा उठे शिप्रा के घाट*
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर उज्जैन में 17 सितम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश प्रभारी श्री महेंद्र सिंह ने शिप्रा नदी के रामघाट पर आशीर्वाद दीया जलाकर सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया।*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जब आशीर्वाद के दीये का प्रज्जवलन किया ठीक उसी समय हजारों वॉलिंटियर्स ने एक साथ शिप्रा नदी के दोनों तट पर सजाए गए मिट्टी के लाखों दीयों का प्रज्जवलन किया । महाकाल महालोक को मिलाकर कुल 33 लाख द्वीप प्रज्जवलन का रिकॉर्ड बनाया गया।*शिप्रा तट एवं अन्य स्थान पर द्वीप प्रज्जवलन कार्य मात्र 3 मिनट के समय में किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अतिथियों ने रामघाट पर सजाए गए दीपों का प्रज्वलन करके वॉलिंटियर का साथ दिया।*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल , प्रदेश प्रभारी श्री महेंद्र सिंह शिप्रा आरती में शामिल हुए तथा मां शिप्रा की आराधना की।रोशनी में नहा उठे शिप्रा के तट*

*आशीर्वाद का दीया प्रज्जवलित होने पर सायरन की आवाज के साथ 25,000 वॉलिंटियर्स सक्रिय हुए। शिप्रा तट पर एवं महाकाल महालोक में तुरंत एक साथ सभी 33 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन की कार्रवाई शुरू हुई।*

Address

C-44 Samrat Colony Ashoka Garden
Bhopal
462023

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Khabri posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share