03/08/2026
छेड़खानी के विरोध पर छात्रा के लिए स्कूल के दरवाजे बंद
मुख्य बिंदु:
* आरोपी जेल में, लेकिन पीड़िता स्कूल से बाहर: गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र में छेड़खानी के खिलाफ आवाज उठाने वाली कक्षा 9 की छात्रा को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं.
* प्रायोगिक-लिखित परीक्षा से भी रोका: आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद स्कूल के दरवाजे बंद कर दिए गए और पीड़िता को स्कूल गेट से लौटाकर परीक्षा से वंचित कर दिया गया.
* सुरक्षा का हवाला: प्रधानाचार्य ने छात्रा की सुरक्षा का हवाला देते हुए समझौते का दबाव बनाने से इनकार किया है.
पूरी खबर (विस्तार से):
गोरखपुर: पुलिस 'मिशन शक्ति' के जरिए लगातार यह संदेश दे रही है कि छेड़खानी या उत्पीड़न होने पर बेटियां चुप न रहें, बल्कि खुलकर आवाज उठाएं। लेकिन गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र में आवाज उठाने वाली एक छात्रा को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
कक्षा नौ की एक छात्रा ने हिम्मत दिखाकर छेड़खानी के खिलाफ केस दर्ज कराया, तो इसके बाद उसके लिए स्कूल के दरवाजे ही बंद कर दिए गए। हालांकि आरोपी जेल पहुंच चुके हैं, लेकिन पीड़िता को स्कूल गेट से ही लौटा दिया गया और उसे प्रायोगिक (practical) तथा लिखित परीक्षा दोनों से ही वंचित कर दिया गया है। वहीं, प्रधानाचार्य ने इसके पीछे छात्रा की सुरक्षा का हवाला देते हुए समझौते का दबाव बनाने की बात से इनकार किया है।
पीड़िता की मां के मुताबिक, 15 जुलाई की शाम पड़ोस के एक युवक ने उनकी बेटी के साथ छेड़खानी की थी। अगले दिन जब आरोपी अपने एक साथी के साथ फिर रास्ते में मिला और छात्रा का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की, तो परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी को न्याय मिलेगा, लेकिन अब सबसे बड़ा संकट उसकी शिक्षा पर आ गया है।
| | |