21/02/2026
एक छोटी सी लापरवाही… और पांच साल तक असहनीय दर्द।
यह मामला मेडिकल सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक महिला को ऑपरेशन के बाद लगातार पेट में दर्द की शिकायत रहने लगी। शुरू में उसे सामान्य पोस्ट-ऑपरेटिव दर्द समझकर दवाइयाँ दी जाती रहीं। लेकिन समय बीतता गया — एक साल, दो साल, तीन साल… पूरे पांच साल — दर्द खत्म नहीं हुआ।
आखिरकार जब स्थिति ज्यादा बिगड़ी तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन (CT Scan) करवाने की सलाह दी। रिपोर्ट देखकर सभी हैरान रह गए।
पेट के अंदर मिली कैंची
सीटी स्कैन में खुलासा हुआ कि महिला के पेट के अंदर सर्जिकल कैंची (Scissors) फंसी हुई थी — वही कैंची जो पांच साल पहले ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई थी।
यानि ऑपरेशन खत्म होने के बाद उपकरणों की गिनती और जांच में गंभीर लापरवाही हुई, और कैंची शरीर के अंदर ही छूट गई।
पांच साल तक क्या झेलती रही महिला?
लगातार पेट में तेज दर्द
सूजन और असहजता
बार-बार अस्पताल के चक्कर
मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ
महिला को लंबे समय तक यह समझ ही नहीं आया कि असली समस्या क्या है। कई बार दवाइयाँ दी गईं, लेकिन राहत नहीं मिली।
दोबारा सर्जरी कर निकाली गई कैंची
सीटी स्कैन में सच्चाई सामने आने के बाद तुरंत दूसरी सर्जरी की गई। ऑपरेशन कर कैंची को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।
कैसे हो जाती है ऐसी गलती?
मेडिकल प्रक्रिया में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की गिनती (Instrument Count) बेहद जरूरी होती है। आमतौर पर:
ऑपरेशन से पहले और बाद में उपकरणों की गिनती की जाती है
सर्जिकल टीम क्रॉस-चेक करती है
चेकलिस्ट सिस्टम अपनाया जाता है
लेकिन यहां साफ तौर पर यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं अपनाई गई।
उठ रहे हैं बड़े सवाल
क्या अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी तय होगी? क्या संबंधित डॉक्टर या स्टाफ पर कार्रवाई होगी?
मरीज को मुआवजा मिलेगा या नहीं?
ऐसे मामलों में मेडिकल लापरवाही (Medical Negligence) का केस दर्ज हो सकता है और जांच के बाद कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
क्यों है यह खबर अहम?
यह घटना सिर्फ एक मरीज की कहानी नहीं है। यह याद दिलाती है कि:
सर्जरी में छोटी गलती भी जानलेवा हो सकती है
मेडिकल सिस्टम में जवाबदेही बेहद जरूरी है
मरीजों को अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहना चाहिए