08/08/2026
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि हालिया कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आम जनता से यूपीआई (UPI) का उपयोग करने के लिए शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि यदि भविष्य में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू भी किया जाता है, तो भी इसका बोझ केवल बड़े व्यवसायों और व्यापारियों पर पड़ेगा, आम उपयोगकर्ताओं पर नहीं।
नए विधेयक और एमडीआर (MDR) के बारे में मुख्य बिंदु:
उपयोगकर्ता पूरी तरह सुरक्षित हैं: आम ग्राहकों या व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं को यूपीआई भुगतान करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
व्यापारियों पर प्रावधान: यदि एमडीआर शुल्क तय किए जाते हैं, तो वे केवल एक निर्धारित सीमा से अधिक टर्नओवर वाले बड़े व्यापारियों या व्यावसायिक संस्थाओं पर ही लागू होंगे।
अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं: वित्त मंत्री ने कहा कि इस पर कोई भी अंतिम निर्णय संसद द्वारा विधेयक पारित होने और एनपीसीआई (NPCI) समिति की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।
निवेश और सुरक्षा: इस व्यवस्था से मिलने वाले संसाधनों का उपयोग फिनटेक कंपनियों और बैंकों द्वारा डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और सुरक्षा में और सुधार करने के लिए किया जाएगा।