Dharm Bol

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This is a space dedicated to exploring the timeless path of Dharma — the universal law of righteousness, truth, and duty that guides us toward a life of harmony, balance, and spiritual growth. Whether you're seeking ancient wisdom, moral clarity, or a deeper understanding of life, this page offers reflections, quotes, teachings, and stories from sacred texts,

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Daily quotes and teachings from scriptures like the Bhagavad Gita, Upanishads, Dhammapada, etc. Stories of dharmic heroes and saints

Reflections on how to live dharma in daily life

Discussions on karma, truth, compassion, non-violence, and inner peace

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16/08/2026

दुनिया के पगले शुद्ध पगले होते हैं, भारत के पगले आध्यात्मिक होते हैं।

"हरिशंकर परसाई"

"जपही नाम जन आरत भारी, मिटहि कुसंकट होहि सुखारी।" (भक्त भारी संकट में शिव का नाम जपते हैं, जिससे उनके सारे बुरे संकट मिट...
08/08/2026

"जपही नाम जन आरत भारी, मिटहि कुसंकट होहि सुखारी।" (भक्त भारी संकट में शिव का नाम जपते हैं, जिससे उनके सारे बुरे संकट मिट जाते हैं और वे सुखी होते हैं।)

04/08/2026
04/08/2026

धर्म को तो बख्श दो। स्कूल बैन की कबड़ियों से टक्कर हुआ विवाद

श्री नरसिंह हनुमान सेवा समिति, दिनोद्धर हनुमान नरसिंह धाम, अतरैला पहाड़, जय बजरंगबली आप सभी श्रद्धालुजनों से अनुरोध है क...
04/08/2026

श्री नरसिंह हनुमान सेवा समिति, दिनोद्धर हनुमान नरसिंह धाम, अतरैला पहाड़, जय बजरंगबली आप सभी श्रद्धालुजनों से अनुरोध है कि हनुमान चालीसा के माध्यम से अपने जीवन को धन्य बनाएं। प्रेरणा स्रोत: परम पूज्य नरसिंह दास महाराज जी की प्रेरणा व बागेश्वर बाला जी महाराज 📖 आइए, एक संकल्प लें — हर घर में हनुमान चालीसा पाठ हो, हर मन में राम नाम बस जाए।
🚩 श्री नरसिंह हनुमान सेवा समिति 🚩 आपका हार्दिक स्वागत करती है।

03/08/2026

धार्मिक वृत्ति बनाये रखने वाला व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता और धार्मिक वृत्ति को खोने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता.
- आचार्य तुलसी

Ayodhya Ramlala News Update : 17 अगस्त को रामलला स्वर्ण झूले पर विराजेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट झूलनोत्सव की तैयारियों में ज...
02/08/2026

Ayodhya Ramlala News Update : 17 अगस्त को रामलला स्वर्ण झूले पर विराजेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट झूलनोत्सव की तैयारियों में जुटा है। इसके लिए धर्म समिति विस्तृत कार्ययोजना बनाएगी।इसी क्रम में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल बैठक के माध्यम से ट्रस्टियों और समिति से जुड़े संतों से चर्चा कर उत्सव को ऐतिहासिक स्वरूप देने का आह्वान किया। वहीं अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्णमोहन भी आयोजन से जुड़े संतों और पदाधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास को भी तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। Ramlala to be seated on golden swing on August 17 Ram Mandir Trust busy with preparations for Jhulanot

ये पप्पू यादव सांसद है। 🤔
01/08/2026

ये पप्पू यादव सांसद है। 🤔

🔥 रावण का घमंड तोड़ने वाला एकमात्र योद्धा! 🔥एक समय ऐसा था जब लंका का सम्राट रावण अपनी अपार शक्ति और ब्रह्मा के वरदानों क...
31/07/2026

🔥 रावण का घमंड तोड़ने वाला एकमात्र योद्धा! 🔥

एक समय ऐसा था जब लंका का सम्राट रावण अपनी अपार शक्ति और ब्रह्मा के वरदानों के कारण स्वयं को तीनों लोकों का सबसे महान योद्धा मानने लगा था। उसे विश्वास था कि अब संसार में कोई भी ऐसा वीर नहीं बचा जो उसे युद्ध में पराजित कर सके।

इसी दौरान उसे किष्किंधा के महाबली वानरराज बाली के अद्भुत पराक्रम के बारे में पता चला। कहा जाता था कि जो भी बाली से युद्ध करता, उसकी आधी शक्ति स्वयं बाली में समा जाती थी। रावण का अहंकार जाग उठा और उसने तुरंत बाली को चुनौती देने का निश्चय किया।

जब रावण किष्किंधा पहुँचा, तब बाली समुद्र तट पर संध्या-वंदन में लीन थे। रावण ने पीछे से उन पर आक्रमण करने का प्रयास किया, लेकिन बिना पीछे देखे ही बाली ने उसे अपनी एक भुजा से पकड़कर बगल में दबा लिया। आश्चर्य की बात यह थी कि बाली ने अपनी पूजा एक क्षण के लिए भी नहीं रोकी।

रावण पूरी शक्ति लगाकर भी स्वयं को छुड़ा न सका। बाली उसे उसी अवस्था में लेकर चारों दिशाओं के समुद्रों की परिक्रमा करते रहे और विधिपूर्वक संध्या-वंदन पूर्ण किया। जिस रावण के नाम से देवता भी भयभीत रहते थे, वह पहली बार स्वयं को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा था।

पूजा समाप्त होने के बाद बाली ने रावण को मुक्त किया और शांत स्वर में पूछा कि वह कौन है। तब रावण ने विनम्र होकर अपना परिचय दिया और स्वीकार किया कि वह युद्ध करने आया था, लेकिन अब वह बाली की शक्ति और महानता के आगे नतमस्तक है।

बाली ने मुस्कुराते हुए कहा, "सच्चा विजेता वह नहीं जो दूसरों को हराए, बल्कि वह है जो अपने अहंकार पर विजय प्राप्त करे।"

उस दिन रावण का अभिमान चूर हो गया। दोनों ने शत्रुता समाप्त कर मित्रता का संकल्प लिया। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि केवल बल और विजय महानता का प्रमाण नहीं हैं—संयम, विनम्रता और आत्मबल ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

⚠️ नोट: यह कथा वाल्मीकि रामायण में नहीं मिलती, लेकिन उत्तरकाण्ड तथा कई पुराणों और लोकपरंपराओं में प्रचलित प्रसिद्ध प्रसंगों में इसका उल्लेख मिलता है।

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