09/08/2026
आज से करीब 12 वर्ष पहले नागौर जिला के गांव गांव डांगावास में पांच दलित परिवार के सदस्यों की एक जाति विशेष के लोगों ने उनके घर में जाकर उनकी बेरहमी से ट्रैक्टरों द्वारा कुचलकर हत्या कर दी गई और उसकी सीबीआई जांच भी हुई लेकिन जब कोर्ट का फैसला आया तो जितने भी आरोपी थे सबको बड़ी कर दिया गया इस फैसले को क्या समझा जाए भ्रष्टाचार या और कुछ कुछ समझ में नहीं आ रहा है की सैर के सारे हत्यारे बरी हो गए उसे पर आज तक किसी भी दलित नेता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन एक क्षत्रिय का खून इस फैसले को बच्चा नहीं पाया और वह इस विधानसभा क्षेत्र का नहीं होते हुए भी उसे पीड़ित परिवार के बीच में आया और न्याय की मांग की जो न्याय हुआ उसके खिलाफ आवाज उठाई उसका नाम है राजेंद्र गुड्डा में दलित परिवार के नेताओं से पूछना चाहता हूं और विशेष कर अर्जुन राम मेघवाल और तथाकथित मुसलमान से दलित बना हुआ नेता जिसे मैं नाम लेना नहीं चाहता वह अपने नाम के पीछे रावण लगता है पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं आया इस तथाकथित मूल्य की तो छोड़ो कोई भी दलित नेता आज तक इस परिवार के दुख दर्द को जानने के लिए नहीं आया दलित अब भी अगर आप लोग रावण और अर्जुन राम मेघवाल जैसे नेताओं पर भरोसा करते हैं तो भविष्य में भी आपके साथ जो अत्याचार होगा उसके लिए आप आप अपने ही नेताओं से सवाल जवाब करो क्षत्रियों ने तो अपना धर्म निभाया है जो आपके साथ में खड़े हैं लेकिन आप ही के समाज के नेता पार्टी के गुलाम बन गए हैं वह आपके साथ में नहीं है अब आपको विचार करना पड़ेगा कौन आपके साथ में है और कौन आपके साथ में नहीं है हनुमान बेनीवाल तो नागौर जिले का ही नेता है और वह 36 ही काम की बात करता है क्या वह आज आपके साथ में है दलित परिवार के लोगों आपके साथ में अगर कोई साथ रह सकता है तो वह सिर्फ एक क्षत्रिय समाधि है जो आपके दुखधर में साथ रहेगा