24/03/2026
हनुमान की माता अंजना
Episode -1
हनुमान वानरराज केसरी और अंजना के पुत्र थे। किंवदंतियों के अनुसार अपने पूर्वजन्म में अंजना पुंजकस्थला नामक एक अप्सरा (सुंदर युवती) थी। वह एक बेहद सुंदर स्त्री थी। उसकी सुंदरता से उसके आस-पास के सभी लोग उससे आकर्षित हो जाया करते थे। एक बार उसने दुर्वासा ऋषि को ध्यान में मग्न देखा। उसे उनसे मजाक करने की सूझी। वह उनके पास गई और उन्हें परेशान करने के लिए उनकी मुद्रा पर हँसने लगी। ऋषि दुर्वासा क्रोधित हो उठे। उन्होंने अपनी आँखें खोलीं और उसे श्राप दिया, "पुंजकस्थला, तुम्हें अपनी सुंदरता पर घमंड हो गया है। तुम्हें इस प्रकार दूसरों को परेशान करने का कोई अधिकार नहीं है। तुम्हें तुम्हारे व्यवहार के लिए दंड अवश्य मिलना चाहिए। तुम वानर-मुख के साथ पृथ्वी पर जन्म लोगी!" अपनी भूल का एहसास होने पर पुंजकस्थला ने दुर्वासा ऋषि से क्षमा प्रार्थना की। शांत होने पर दुर्वासा ने कहा, "वानर-मुख होते हुए भी तुम एक पराक्रमी पुत्र को जन्म दोगी..." इस प्रकार अंजनेय (हनुमान) का जन्म हुआ।