14/08/2026
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ✍️
Ganv-Javar se
बेशक कल हर्ष, उल्लास और खुशियों का दिन है। हमारे पूर्वजों ने जो अपने प्राणों की आहुति दी उसके प्रकाश में जगमगाने का दिन है। स्वतंत्र भारत में स्वतंत्र विचार को आसमान तक ले जाने का दिन है। वास्तव में कल बहुत बड़ा दिन है। अपने तिरंगे के लहराते लहरों के साथ स्वयं को लहराने का दिन है। मिठाईयां तो बहुतों प्रकार के उपलब्ध हैं पर कल हर प्रकार के लोगों के हाथ में जलेबियों के दोने टांग कर ही घर जाने का दिन है। वास्तव में कल बहुत अद्भुत दिन है।
परन्तु कल की इस सुहावनी भोर का सूरज उदय होने के पहले आज की शाम के साथ कई ज़िंदगानियों के अस्त होने का भी दिन है। रक्तरंजित, शोणित इस धरा की गोद में अनगिनत मासूमों के कराह और और विचलित कर देने बाली चीख - पुकार एवं निसहाय माँ - बाप की पथराई आँखों से उनके संतानों के चिथरे उड़ते देखने का भी दिन है। निर्दोष, लाचार, असहाय, बीमार बुजुर्गों, महिलाओं के बेघर होकर खानाबदोशियों में गुम हो जाने का भी दिन है। वास्तव में यह बड़ा अद्भुत दिन है। जिन्होंने निःस्वार्थ अपने प्राणों और परिवारों के जिंदगी को देश की खातिर गंवा दिया, जिनके उम्मीदों और सपनों का भारतवर्ष उनके सर्वस्व लूटा देने पर भी नहीं बन पाया, आज परलोक से उनकी पीड़ा को महसूस करने का भी दिन है। जिस भारत माता की अखंडता और अस्मिता की रक्षा के लिए लाखों लाल काल के गाल में चले गए उसी भारत माता के दो टुकड़े होने का भी दिन है। वास्तव में आज बहुत बड़ा दिन है आज बहुत बड़ा दिन है....