Er. Somnath Patel

Er. Somnath Patel समय समय का खेल है छोटे 😌
जिसका आ गया वो छा गया ❗

12/05/2026
बिहार में मंत्रियों के आवास को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुराने मंत्रियों को वही सरकारी बंगले दोबारा अलॉट कर दिए गए ...
12/05/2026

बिहार में मंत्रियों के आवास को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पुराने मंत्रियों को वही सरकारी बंगले दोबारा अलॉट कर दिए गए हैं, जिनमें वे पहले रह रहे थे।

वहीं नए मंत्रियों को फिलहाल आवास के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें बंगले आवंटित किए जाएंगे।

10/05/2026

📢 प्रधानमंत्री की देशवासियों से विशेष अपील 📢
​ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बाधित हुई है, जिसका असर आवश्यक वस्तुओं पर पड़ने की आशंका है। इस चुनौती का सामना करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री ने सभी देशवासियों से निम्नलिखित आग्रह किया है:
​🛢️ विवेकपूर्ण प्रयोग: पेट्रोल और डीजल का उपयोग अत्यंत आवश्यकता होने पर ही करें।
🏠 वर्क फ्रॉम होम: जहाँ संभव हो, घर से काम (Work from Home) की संस्कृति को फिर से अपनाएं ताकि ईंधन की बचत हो सके।
✈️ विदेश यात्रा: स्थिति सामान्य होने तक विदेश में छुट्टियां मनाने की योजना स्थगित करें।
💍 सोना: अनावश्यक रूप से सोने के आभूषणों की खरीद से बचें।
​आइए, हम सभी मिलकर इस कठिन समय में राष्ट्र के साथ खड़े हों और जिम्मेदारी का परिचय दें।

बिहार में गलत या अवैध रजिस्ट्री (Sale Deed) को कैंसिल कराने की प्रक्रिया कानूनी और प्रशासनिक दोनों होती है। अगर आपके परि...
09/05/2026

बिहार में गलत या अवैध रजिस्ट्री (Sale Deed) को कैंसिल कराने की प्रक्रिया कानूनी और प्रशासनिक दोनों होती है। अगर आपके परिवार में किसी ने धोखाधड़ी या गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री करा ली है, तो उसे रद्द कराने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
​1. निबंधन कार्यालय (Registration Office) में शिकायत
​सबसे पहले आप उस संबंधित निबंधक (Sub-Registrar) के पास लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं जहाँ रजिस्ट्री हुई है। हालांकि, सब-रजिस्ट्रार के पास रजिस्ट्री रद्द करने की शक्ति सीमित होती है, लेकिन वे रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं और भविष्य में किसी भी गलत कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए जानकारी दे सकते हैं।
​2. सिविल कोर्ट में वाद (Civil Suit for Cancellation)
​रजिस्ट्री रद्द कराने का सबसे प्रभावी तरीका सिविल कोर्ट (Civil Court) जाना है।
​आपको 'विलेख को रद्द करने' (Cancellation of Deed) के लिए एक दीवानी मुकदमा दायर करना होगा।
​आधार: आपको कोर्ट में साबित करना होगा कि रजिस्ट्री गलत है। इसके सामान्य आधार हो सकते हैं:
​जालसाजी (Forgery) या धोखाधड़ी।
​बिना मालिक की सहमति के बेचना।
​प्रतिफल राशि (Consideration Money) का भुगतान न होना।
​दस्तावेजों में हेराफेरी।
​3. दाखिल-खारिज (Mutation) पर रोक
​रजिस्ट्री होने के बाद विपक्षी व्यक्ति दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन करेगा।
​आप संबंधित अंचल अधिकारी (CO) के पास जाकर आपत्ति (Objection) दर्ज कराएं।
​यदि दाखिल-खारिज रुक जाता है, तो जमीन पर कब्जे और भविष्य में बिक्री का खतरा कम हो जाता है।
​4. लैंड ट्रिब्यूनल या राजस्व न्यायालय
​बिहार में भूमि विवादों के लिए DCLR (भूमि सुधार उप-समाहर्ता) के पास भी अपील की जा सकती है, विशेषकर यदि मामला सर्वे या जमाबंदी में गड़बड़ी से जुड़ा हो।
​5. पुलिस शिकायत (FIR)
​अगर रजिस्ट्री धोखाधड़ी, फर्जी अंगूठे के निशान, या जाली कागजात के आधार पर की गई है, तो आप स्थानीय थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करा सकते हैं। इससे सिविल केस में आपका पक्ष मजबूत होता है।
​महत्वपूर्ण बातें:
​समय सीमा (Limitation Period): रजिस्ट्री की जानकारी होने के 3 साल के भीतर कोर्ट में चुनौती देना अनिवार्य है। देरी होने पर मामला जटिल हो सकता है।
​स्टे ऑर्डर (Stay Order): कोर्ट में केस फाइल करते समय वकील के माध्यम से उस जमीन पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने के लिए स्टे ऑर्डर की मांग जरूर करें, ताकि विपक्षी उसे आगे किसी और को न बेच सकेI

​सुझाव: चूंकि यह मामला कानूनी पेचीदगियों वाला है, इसलिए आपको एक अच्छे सिविल वकील से मिलकर रजिस्ट्री की कॉपी (Certified Copy) के साथ सलाह लेनी चाहिए।

बिहार में गलत तरीके से कायम की गई जमाबंदी (दाखिल-खारिज) को रद्द कराने के लिए कानूनी समाधान और प्रक्रिया नीचे दी गई है:​✅...
09/05/2026

बिहार में गलत तरीके से कायम की गई जमाबंदी (दाखिल-खारिज) को रद्द कराने के लिए कानूनी समाधान और प्रक्रिया नीचे दी गई है:
​✅ 1. अपर समाहर्ता (ADL) के पास अपील:
फर्जी जमाबंदी रद्द करने का मुख्य अधिकार अपर समाहर्ता को है। आपको उनके न्यायालय में 'जमाबंदी रद्दीकरण वाद' दायर करना होगा। इसके लिए पुराने खतियान, केवाला या वंशावली जैसे साक्ष्य जरूरी हैं।
​✅ 2. अंचल अधिकारी (CO) को शिकायत:
आप शुरुआत में अपने अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दे सकते हैं। वे जांच कर रद्दीकरण की रिपोर्ट आगे भेज सकते हैं।
​✅ 3. लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी (PGRO):
यदि कहीं सुनवाई न हो, तो अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के पास आवेदन दें। यहाँ समय सीमा के भीतर सुनवाई होती है।
​✅ 4. सिविल कोर्ट (Title Suit):
यदि मामला मालिकाना हक से जुड़ा है, तो 'टाइटल सूट' दाखिल करें। कोर्ट की डिक्री के आधार पर विभाग जमाबंदी सुधारने के लिए बाध्य होता है।
​📢 अधिक जानकारी के लिए 'बिहार भूमि पोर्टल' पर अपनी जमाबंदी की विवरणी चेक करें।

बिहार काश्तकारी अधिनियम (BT Act), 1885: बटाईदारों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी 🌾📜​नमस्ते, बिहार के किसानों और बटाईदारों के ...
09/05/2026

बिहार काश्तकारी अधिनियम (BT Act), 1885: बटाईदारों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी 🌾📜
​नमस्ते, बिहार के किसानों और बटाईदारों के लिए 'बिहार काश्तकारी अधिनियम' की तीन प्रमुख धाराओं (48C, 48D, और 48E) को समझना बहुत जरूरी है। यहाँ इनका संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
​1️⃣ धारा 48C: दखलकारी अधिकार
यदि कोई बटाईदार किसी जमीन पर लगातार 12 वर्षों तक खेती करता है, तो उसे उस जमीन पर कानूनी कब्जा (Occupancy Right) मिल जाता है। इसके बाद उसे आसानी से बेदखल नहीं किया जा सकता।
​2️⃣ धारा 48D: मालिक (रैयत) बनना
दखलकारी अधिकार मिलने के बाद, बटाईदार सरकार को निर्धारित राशि जमा करके उस जमीन का स्वतंत्र मालिक (रैयत) बन सकता है।
​3️⃣ धारा 48E: बेदखली से सुरक्षा
यदि मकान मालिक जबरन जमीन से निकालने की कोशिश करे, तो बटाईदार DCLR (कलेक्टर) के पास शिकायत कर सकता है। विवाद सुलझने तक किसान को जमीन से बाहर नहीं निकाला जा सकता।
​✅ उद्देश्य: खेती करने वाले किसानों के अधिकारों की रक्षा करना।
​सूचना जनहित में जारी। 🙏

बिहार सरकार बेतिया राज की संपत्ति के लिए नए नियमवाली लाई है!बेतिया राज की संपत्ति या जमीन को कब्जा करने वाले रैयत को बड़...
09/05/2026

बिहार सरकार बेतिया राज की संपत्ति के लिए नए नियमवाली लाई है!
बेतिया राज की संपत्ति या जमीन को कब्जा करने वाले रैयत को बड़ी खुशखबरी वे अपने जमीन का मालिक बन सकते है, 1 जनवरी 1986 से जमीन को कब्जा करके है, 40 साल के कब्जे को महत्वपूर्ण आधार मानकर उसको मालिकाना हक मिलेगा !!

🛑 जरूरी सूचना: जमीन के कागजात 🛑​"डीड नंबर" (Deed Number) का रखें खास ख्याल!​जमीन के दस्तावेज में डीड नंबर सबसे महत्वपूर्...
09/05/2026

🛑 जरूरी सूचना: जमीन के कागजात 🛑
​"डीड नंबर" (Deed Number) का रखें खास ख्याल!
​जमीन के दस्तावेज में डीड नंबर सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी से आपके जमीन की पूरी कुंडली खुलती है।
​📋 सावधानी बरतें:
​📍 स्थान: यह नंबर दस्तावेज के पहले पेज पर सबसे ऊपर लिखा होता है।
​📸 फोटोकॉपी: जब भी फोटोकॉपी कराएं, ध्यान दें कि ऊपरी हिस्सा कटने न पाए।
​🔍 स्पष्टता: बिना डीड नंबर के आपके दस्तावेज का विवरण ऑनलाइन ढूंढना असंभव हो सकता है।
​⚠️ चेतावनी
​फोटोकॉपी देते समय सुनिश्चित करें कि डीड नंबर पूरा और साफ दिख रहा हो। अधूरा डीड नंबर मतलब अधूरी जानकारी!
​जनहित में जारी 📢

🛑 जमीन रजिस्ट्री में जल्दबाजी न करें!​पहले जाँचें, फिर खरीदें:​नक्शा ↔️ स्थल मिलान​रकबा ↔️ सरकारी रिकॉर्ड​खाता-खेसरा-जमा...
09/05/2026

🛑 जमीन रजिस्ट्री में जल्दबाजी न करें!
​पहले जाँचें, फिर खरीदें:
​नक्शा ↔️ स्थल मिलान
​रकबा ↔️ सरकारी रिकॉर्ड
​खाता-खेसरा-जमाबंदी
​धोखाधड़ी से बचें और अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखें।

आम बोलचाल में बंदोबस्ती का अर्थ 'भूमिहीन व्यक्तियों को जमीन देना' भी होता है। सरकार अपनी 'गैर-मजरुआ खास' या 'सीलिंग से अ...
09/05/2026

आम बोलचाल में बंदोबस्ती का अर्थ 'भूमिहीन व्यक्तियों को जमीन देना' भी होता है। सरकार अपनी 'गैर-मजरुआ खास' या 'सीलिंग से अधिशेष' जमीन को गरीब, भूमिहीन या पात्र परिवारों को खेती या आवास के लिए पट्टे पर देती है।
​आवास बंदोबस्ती: घर बनाने के लिए जमीन देना।
​कृषि बंदोबस्ती: खेती के लिए जमीन का अधिकार देना।

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