09/05/2026
बिहार में गलत या अवैध रजिस्ट्री (Sale Deed) को कैंसिल कराने की प्रक्रिया कानूनी और प्रशासनिक दोनों होती है। अगर आपके परिवार में किसी ने धोखाधड़ी या गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री करा ली है, तो उसे रद्द कराने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
1. निबंधन कार्यालय (Registration Office) में शिकायत
सबसे पहले आप उस संबंधित निबंधक (Sub-Registrar) के पास लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं जहाँ रजिस्ट्री हुई है। हालांकि, सब-रजिस्ट्रार के पास रजिस्ट्री रद्द करने की शक्ति सीमित होती है, लेकिन वे रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं और भविष्य में किसी भी गलत कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए जानकारी दे सकते हैं।
2. सिविल कोर्ट में वाद (Civil Suit for Cancellation)
रजिस्ट्री रद्द कराने का सबसे प्रभावी तरीका सिविल कोर्ट (Civil Court) जाना है।
आपको 'विलेख को रद्द करने' (Cancellation of Deed) के लिए एक दीवानी मुकदमा दायर करना होगा।
आधार: आपको कोर्ट में साबित करना होगा कि रजिस्ट्री गलत है। इसके सामान्य आधार हो सकते हैं:
जालसाजी (Forgery) या धोखाधड़ी।
बिना मालिक की सहमति के बेचना।
प्रतिफल राशि (Consideration Money) का भुगतान न होना।
दस्तावेजों में हेराफेरी।
3. दाखिल-खारिज (Mutation) पर रोक
रजिस्ट्री होने के बाद विपक्षी व्यक्ति दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन करेगा।
आप संबंधित अंचल अधिकारी (CO) के पास जाकर आपत्ति (Objection) दर्ज कराएं।
यदि दाखिल-खारिज रुक जाता है, तो जमीन पर कब्जे और भविष्य में बिक्री का खतरा कम हो जाता है।
4. लैंड ट्रिब्यूनल या राजस्व न्यायालय
बिहार में भूमि विवादों के लिए DCLR (भूमि सुधार उप-समाहर्ता) के पास भी अपील की जा सकती है, विशेषकर यदि मामला सर्वे या जमाबंदी में गड़बड़ी से जुड़ा हो।
5. पुलिस शिकायत (FIR)
अगर रजिस्ट्री धोखाधड़ी, फर्जी अंगूठे के निशान, या जाली कागजात के आधार पर की गई है, तो आप स्थानीय थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करा सकते हैं। इससे सिविल केस में आपका पक्ष मजबूत होता है।
महत्वपूर्ण बातें:
समय सीमा (Limitation Period): रजिस्ट्री की जानकारी होने के 3 साल के भीतर कोर्ट में चुनौती देना अनिवार्य है। देरी होने पर मामला जटिल हो सकता है।
स्टे ऑर्डर (Stay Order): कोर्ट में केस फाइल करते समय वकील के माध्यम से उस जमीन पर 'यथास्थिति' (Status Quo) बनाए रखने के लिए स्टे ऑर्डर की मांग जरूर करें, ताकि विपक्षी उसे आगे किसी और को न बेच सकेI
सुझाव: चूंकि यह मामला कानूनी पेचीदगियों वाला है, इसलिए आपको एक अच्छे सिविल वकील से मिलकर रजिस्ट्री की कॉपी (Certified Copy) के साथ सलाह लेनी चाहिए।