26/05/2026
आधुनिकतम कृषि शोध और प्रोद्यौगिकी का लाभ किसानों तक पहुंचाएं कृषि विश्वविद्यालय- श्रीनिवास
एसकेआरएयू तथा राजूवास के अधिकारियों के साथ की विस्तृत चर्चा
कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुल गुरु भी रहीं मौजूद
Vinay Express। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय तथा राजुवास पश्चिमी राजस्थान में किसानों तक कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में हो रहे आधुनिकतम शोध, तकनीक और प्रौद्योगिकी पहुंचने के लिए समन्वित प्रयास करें । स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के वीसी सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में
श्रीनिवास ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय कमांड एरिया के किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ाएं, नहरी पानी पहुंचने से इस क्षेत्र में कृषि का व्यापक विकास और विस्तार हुआ है सॉयल टेस्टिंग महत्वपूर्ण है। सभी कृषि विज्ञान केंद्रों और पीवीके के माध्यम से किसानों को अनुसंधान का लाभ मिले, छोटी अवधि वाली ऐसी वैरायटी विकसित की जाए जिससे किसान कम समय में अधिक गुणवत्तापूर्ण फसल पैदावार ले सके। इसके लिए स्थानीय फसलों के अनुसंधान पर और फोकस किया जाए। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों के साथ नियमित, कार्यशालाएं, किसान मीट आयोजित करें तथा ऐसे प्रोजेक्ट लाएं जिससे यहां के किसानो के जीवन स्तर में वृद्धि हो सके।
मुख्य सचिव ने क्षेत्र में वॉटर लॉगिंग की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या के निदान के लिए कृषि विश्वविद्यालय आवश्यक अनुसंधान करें । उन्होंने सेवण धामण जैसी घासों के विकास हेतु और काम करने की आवश्यकता जताई। क्षेत्र में बीकानेरी नरमा, चना, मूंगफली और मस्टर्ड जैसी फसलों की पैदावार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा क्षेत्र के किसानों के हित में बहुत काम किया गया है आगे भी क्षेत्र के किसानों को कृषि अनुसंधान का पूरा लाभ मिले इसके लिए कदम उठाने होंगे।
रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कैलेण्डर जारी करें विश्वविद्यालय
रिक्त पदों की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी लेते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि आईसीएआर द्वारा स्वीकृत रिक्त पदों को विश्वविद्यालय रोजगार कैलेंडर जारी करते हुए समयबद्ध रूप से भरें , साथ ही रिक्त पदों से संबंधित सूचना राज्य सरकार को भिजवाएं जिससे कि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बकाया पेंशन भुगतान समस्या के भी उचित समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी आवश्यक सुझावों और पक्षों पर सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने एस के आर ए यू में पीजी सीट बढ़ाने की बात कही।
इससे पहले कुलगुरु एसकेआरएयू डॉ राजेंद्र बाबू दुबे ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, बीज उत्पादन सहित विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बकाया पेंशन के भुगतान, रिक्त पदों की भारती सहित विभिन्न बिंदुओं से अवगत करवा आवश्यक समाधान की बात कही। अनुसंधान निदेशक डॉ एन के शर्मा ने प्रजेंटेशन दिया।
कृषि विश्वविद्यालय कोटा की कुलगुरु डॉ विमला डुकवाल ने भी विश्वविद्यालय के बकाया पेंशन भुगतान के निर्णय को राज्य सरकार के स्तर पर शीघ्र करवाने की बात कही।
राजुवास के हेरिटेज जीन बैंक की संकल्पना की सराहना की
राजू वास के कुलगुरु डॉ सुमंत व्यास ने वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर की शैैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा हेरीटेज जीन बैंक की संकल्पना के आधार पर देशी गौवंशों के संरक्षण एवं उन्नयन, नस्ल सुधार कार्यो की सराहना की तथा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पशुओं की संक्रामक बीमारियों की रोकथाम हेतु टीकाकरण, उन्नत अनुसंधान केन्द्रों के कार्यो की भी सराहना की। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कुलगुरू डॉ. सुमन्त व्यास को वेटरनरी के अंर्तराष्ट्रीय संस्थानों से करार कर इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय के कार्य विस्तार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पशुचिकित्सा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय केे सेंटर आफ एक्सीलेंस को और अधिक बढ़ावा दिया जाए।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार एसकेआरएयू डॉ देवाराम सैनी, रजिस्ट्रार राजू वास पंकज शर्मा सहित अन्य डीन डायरेक्टर्स उपस्थित रहे।