18/09/2026
*आपके नाम पर जारी फर्जी सिम बन सकता है साइबर अपराध का माध्यम*
*राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी—साइबर ठग चोरी किए गए दस्तावेज और बायोमेट्रिक डेटा का कर रहे दुरुपयोग, आमजन संचार साथी पोर्टल पर जांचें अपने नाम से जारी सभी मोबाइल कनेक्शन*
_जयपुर, 18 सितम्बर। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के_ _निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ आमजन को साइबर ठगी के नए तौर-तरीकों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में राजस्थान पुलिस की R4C साइबर क्राइम आउटरीच, अनुसंधान एवं नवाचार शाखा ने आमजन के दस्तावेजों और बायोमेट्रिक डेटा के दुरुपयोग से जारी होने वाले फर्जी सिम कार्ड के संबंध में एडवाइजरी जारी की है।_
_एडीजी साइबर क्राइम श्री वी.के. सिंह ने आमजन से अपील की है कि वे समय-समय पर यह अवश्य जांचें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी हैं। साइबर ठग चोरी किए गए पहचान दस्तावेजों, फोटो अथवा बायोमेट्रिक डेटा का दुरुपयोग कर कुछ अनधिकृत अथवा भ्रष्ट सिम विक्रेताओं की मिलीभगत से व्यक्ति की जानकारी के बिना उसके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करवा सकते हैं। बाद में इन सिम का इस्तेमाल साइबर अपराध, फर्जी बैंक खातों और ऑनलाइन ठगी में किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में बिना जानकारी के भी संबंधित व्यक्ति जांच के दायरे में आ सकता है।_
*इस तरह दिया जाता है वारदात को अंजाम*
_साइबर ठग फर्जी तरीके से ई-केवाईसी करवाकर किसी व्यक्ति के नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी करवा सकते हैं। इसके बाद इस सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन भुगतान एप्लीकेशन और फर्जी बैंक खातों को संचालित करने में किया जाता है। ठगी की रकम इन खातों में भेजकर उसे आगे स्थानांतरित किया जाता है, जिससे धनराशि के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।_
_साइबर ठग बैंक स्टेटमेंट, आरबीआई अनुपालन, आयकर विभाग या कस्टम विभाग के नाम पर ई-मेल अथवा संदेश भेजकर ZIP फाइल भी डाउनलोड करवा सकते हैं। ऐसी संदिग्ध फाइल खोलने पर मोबाइल या कंप्यूटर मैलवेयर से संक्रमित हो सकता है। इसके जरिए चैट, पासवर्ड, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी किया जा सकता है। चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल आगे फर्जी कॉल, संदेश अथवा अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है।_
*घर बैठे ऐसे जांचें—आपके नाम पर कितने सिम हैं*
_आमजन अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी भारत सरकार के आधिकारिक संचार साथी पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं।_
- *संचार साथी पोर्टल खोलें।*
- “Know Mobile Connections in Your Name” (TAF-COP) _विकल्प पर जाएं।_
- _अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करें।_
- _स्क्रीन पर आपके नाम से जारी मोबाइल कनेक्शनों की सूची प्रदर्शित होगी।_
_- सूची में प्रत्येक नंबर की सावधानीपूर्वक जांच करें।_
- _कोई ऐसा नंबर दिखाई दे जो आपका नहीं है या जिसकी अब आवश्यकता नहीं है, तो पोर्टल के माध्यम से उसे Report/Disconnect करें।_
*अनजान नंबर मिले तो तुरंत उठाएं ये कदम*
_यदि आपके नाम पर ऐसा मोबाइल नंबर जारी मिला है जिसका आपने कभी उपयोग नहीं किया, तो तत्काल संचार साथी पोर्टल पर उसकी रिपोर्ट करें। साथ ही संबंधित टेलीकॉम कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क कर इसकी जानकारी दें।_
_यदि मामला साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा है तो संबंधित एसएमएस, स्क्रीनशॉट, ई-मेल, चैट और लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। ये सामग्री जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है।_
*सिम और केवाईसी के दौरान बरतें ये सावधानियां*
_एडीजी साइबर क्राइम श्री वी.के. सिंह ने आमजन को सलाह दी है कि-_
- _सिम कार्ड केवल अधिकृत टेलीकॉम आउटलेट से ही खरीदें।_
- _केवाईसी अथवा सत्यापन के दौरान अपने मोबाइल फोन का नियंत्रण किसी अनजान व्यक्ति को न दें।_
- _बिना स्पष्ट कारण बार-बार बायोमेट्रिक सत्यापन कराने से बचें।_
- _ओटीपी, पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।_
- _आधार, पैन अथवा अन्य पहचान दस्तावेज अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें।_
- _समय-समय पर मोबाइल और एसएमएस अलर्ट की जांच करते रहें।_
- _सिम और केवाईसी से संबंधित दस्तावेज एवं रसीद सुरक्षित रखें।_
_- किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए अपने नाम पर कभी भी सिम कार्ड जारी न करवाएं।_
*साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत*
_यदि आपके नाम पर फर्जी सिम जारी होने, दस्तावेजों के दुरुपयोग अथवा साइबर ठगी का संदेह हो तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने या साइबर पुलिस थाने में सूचना दें।_
_साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी की जा सकती है। आर्थिक साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।_
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: "cybercrime.gov.in" (https://reference-url-citation.invalid/0)
साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
_राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने नाम पर जारी मोबाइल_ _कनेक्शनों की नियमित जांच करें और किसी भी अनजान नंबर की जानकारी मिलने पर तत्काल रिपोर्ट करें। सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।_