07/06/2026
| जलापूर्ति में बाधा नहीं होनी चाहिए...मानसून से पहले जल व बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे करें....वरना तय होगी जवाबदेही : जावेद राणा !
Billawar Timeline - जल शक्ति, वन, पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा ने जम्मू संभाग में गर्मी और आगामी मानसून सीजन को देखते हुए पेयजल आपूर्ति तथा बाढ़ प्रबंधन तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जलापूर्ति एवं बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मिशन मोड पर पूरा किया जाए, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पेयजल योजनाओं को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाए तथा आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि जम्मू संभाग के सभी जिलों में हीटवेव रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए हैं तथा प्रांतीय और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। मई से अगस्त 2026 के बीच जल संकट की संभावना वाले गांवों और बस्तियों की पहचान कर जिलावार वाटर वल्नरेबिलिटी मैप तैयार किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्राथमिकता के आधार पर राहत उपाय किए जा सकें।
मंत्री को अवगत कराया गया कि महत्वपूर्ण जलापूर्ति ढांचे की जांच, लीकेज की मरम्मत और इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरणों के रखरखाव का कार्य तेज़ी से चल रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए स्टैंडबाय पंप, जनरेटर तथा आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। साथ ही जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित राहत के लिए पानी के टैंकरों का बेड़ा भी तैयार रखा गया है।
बाढ़ प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा करते हुए जावेद राणा ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, प्रभावी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मंत्री ने SASCI डिजास्टर प्रोग्राम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और सिंचाई ढांचे को मजबूत करने वाले कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।
बैठक में जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं तथा जम्मू, कठुआ, सांबा, अखनूर और उधमपुर के विभिन्न बाढ़ नियंत्रण प्रभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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