01/08/2026
"मुझे अच्छी तरह से पता है कि एक गोली मेरे दाहिने कान को छूकर निकली, मेरा कान कई हिस्सों में फट चुका था, हाथ लगाया तो सिर्फ़ ख़ून ही ख़ून था."
ये दावा है झारखंड के गुमला ज़िले के पुग्गू करमदीपा गांव की रहने वालीं नूतन टोप्पो की. वह 20 जुलाई को नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और स्टूडेंट्स संगठनों के नेतृत्व में हज़ारों युवाओं के जंतर-मंतर से संसद तक 'चलो संसद' मार्च का हिस्सा थीं.
नूतन टोप्पो के इस दावे को राम मनोहर लोहिया अस्पताल की डिस्चार्ज समरी सही ठहराती है. इसी अस्पताल में उन्हें घायल अवस्था में भर्ती कराया गया था.
20 जुलाई की डिस्चार्ज समरी में लिखा हुआ है कि नूतन के "कान में गनशॉट लगा है."