12/06/2026
बिहार के गया जिले से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। 12 साल का मासूम उज्ज्वल कुमार सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ, लेकिन अस्पताल पहुंचाने के लिए बुलाई गई एंबुलेंस ही बीच रास्ते में खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि इलाज में हुई देरी ने उनके बेटे की जान ले ली। आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन है? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र के पाकड़ीह गांव के पास शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। छठी कक्षा का छात्र और आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल का विद्यार्थी उज्ज्वल कुमार अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलकर साइकिल से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आ रहे मिट्टी लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उज्ज्वल कई फीट दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण और परिजन तुरंत घायल छात्र को बचाने में जुट गए। आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाई गई और उज्ज्वल को अस्पताल ले जाया जाने लगा। परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिल जाएगा और मासूम की जान बच जाएगी।
लेकिन रास्ते में जो हुआ, उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। बांकेबाजार के पास पहुंचते ही एंबुलेंस अचानक खराब हो गई। चालक और कर्मी काफी देर तक वाहन को चालू करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस दौरान गंभीर रूप से घायल उज्ज्वल दर्द से तड़पता रहा और उसके शरीर से लगातार खून बहता रहा।
परिजनों का आरोप है कि अगर एंबुलेंस समय पर अस्पताल पहुंच जाती, तो शायद उनका बेटा आज जिंदा होता। परिवार का कहना है कि हादसे के बाद भी उज्ज्वल की सांसें चल रही थीं, लेकिन इलाज में हुई देरी उसके लिए जानलेवा साबित हुई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
उज्ज्वल की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां अपने बेटे का शव देखकर बार-बार बेहोश होती रही, जबकि पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। स्कूल के शिक्षक, सहपाठी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचने लगे।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आपातकालीन सेवा की गाड़ियां ही बीच रास्ते में जवाब दे दें, तो आम लोगों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा? लोगों ने एंबुलेंस की नियमित जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आउट्रो
एक तरफ सड़क हादसे में जिंदगी और मौत से जूझ रहा मासूम, दूसरी तरफ उसे अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस का बीच रास्ते में खराब हो जाना। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उज्ज्वल कुमार की मौत सिर्फ सड़क हादसे से हुई, या फिर लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और कथित लापरवाही ने भी उसकी जिंदगी छीन ली? इस मामले में कार्रवाई का इंतजार पूरे इलाके को है।
"12 साल के उज्ज्वल की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। क्या समय पर इलाज मिलता तो यह मासूम बच सकता था? अपनी राय हमें कमेंट करके जरूर बताइए।"
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