01/10/2023
पौधारोपण अभियान पर सरकार के हुए खर्च करोड़ों
लगाए गए कुल पौधों में से जिंदा बचे हैं कितने
जिले में प्रतिबंधित पेडों का अवैध कटान, जिम्मेदार कौन
वन भूमि पर कहीं किसी दबंग का अवैध कब्जा तो नहीं ?
बुलंदशहर - पौधारोपण अभियान चलाने में सरकार हर साल करोड़ों खर्च करती होगी लेकिन शायद ही जायजा लिया हो कि लगाए गए कुल पौधों में जिंदा बचे हैं कितने ? अगर जायजा लिया जाए तो परिणाम चौंकाने वाला ही सामने आएगा,, बशर्ते जायजा कागजों में नहीं धरातल पर लिया जाए ! गत वर्षों की बात छोड़िए बीते वर्ष 2025 में ही कुल कितनी भूमि पर कुल कितने पौधे शासनादेश पर वन विभाग द्वारा जिला बुलंदशहर में कहां कहां लगवाए गए और उनको लगवाने में कुल कितना रुपया सरकार का खर्च हुआ और अब लगाए गए कुल पौधों में से हैं जिंदा कितने, जानकारी ले लो जिला वनाधिकारी से ,सच सामने आ जाएगा लेकिन पंगा लेवे कौन और क्यों लेवे ? वो इसलिए कि होने को तो पूरे जिले में ही रोजाना कहीं न कहीं शासन द्वारा प्रतिबंधित पेडों का अवैध कटान होता है लेकिन ज्यादातर वनाधिकारी जुर्माना वहीं करते हैं जहां किसी के द्बारा शिकायत की गई होती है, हालांकि इस तर्क का कोई सबूत तो नहीं है लेकिन फिर भी हर इंसान का अपना जमीर तो है ही !
बुलंदशहर जिला वनाधिकारी से यदि जिले में होने वाले प्रतिबंधित पेडों के अवैध कटान के संबंध में पूछा जाए तो जबाब एक ही मिलेगा कि गत वर्षो में लाखों से कहीं ज्यादा रुपए का जुर्माना अवैध कटान करने वालों से वसूला गया है लेकिन आपने पूछ लिया कि इस धनराशि में से कितनी धनराशि शिकायत के आधार वसूली गई है तो जबाब शून्य ही रहेगा,, इतना ही नहीं यही सवाल कोई जिला वनाधिकारी से पूछ ले कि जिले में कहीं भी वन विभाग की भूमि पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा तो नहीं किया हुआ है, तो भी सच्चाई उजागर हो सकती है कि वनाधिकारी व वनकर्मी अपने कार्य के प्रति कितने समर्पित, दृढ़ संकल्प जागरूक हैं ।
है तो अटपटा लेकिन ज्यादातर लोगों का मानना है कि कानून की धज्जियां लकड़ी माफिया नहीं बल्कि वनविभाग और पुलिस के भ्रष्ट रिश्वतखोर अधिकारी व कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को ताक पर रखकर अपने दायित्व को नहीं निभा रहे हैं और है भी यही सच कि वनकर्मी और पुलिसकर्मी यदि कमर कस लें कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित पेडों का अवैध कटान नहीं होने देना है तो हो ही नहीं सकता कि लकडी माफिया कानून का अनदेखा कर सरकार द्वारा प्रतिबंधित हरे पेड़ों का अवैध कटान करने में सफल हो सकें !