23/02/2026
पहचान पूछकर कंबल छीनने वाले को गाँव ने असली पहचान दिखा दी। सोचा था कि इंसानियत भी पार्टी लाइन पर चलेगी
उन्हें पूरे गाँव ने कंबल लौटाकर बता दिया
भीख में मिली बेइज़्ज़ती से बेहतर है स्वाभिमान की ठंड।
कंबल लौटे हैं, साथ में वो सोच भी नंगी हो गई है जो मदद से पहले मज़हब तौलती है